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'त्रिशूल' से PDA की काट: 2027 के महासमर के लिए बीजेपी का नया चक्रव्यूह, जानें क्या है नया 'क्लस्टर प्लान'?

UP BJP Cluster Strategy 2027: 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए फैक्टर और संविधान बदलने के नैरेटिव से भाजपा को नीम चबाना पड़ा, लेकिन अब पार्टी 2027 के विधान सभा चुनाव में बदली रणनीति के साथ उतरेगी. पार्टी प्रदेश को 20-25 क्लस्टरों में बांटेगी, जिसके एक-एक प्रभारी भी नियुक्त होंगे. केंद्रीय समिति, क्लस्टर समिति एवं स्थानीय समिति के रूप में त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था होगी.

Written By Pooja Singh
Published: Sep 12, 2026, 08:51 AM IST | Updated: Sep 12, 2026, 08:56 AM IST
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UP BJP Cluster Strategy 2027/ विशाल रघुवंशी: 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फैक्टर और 'संविधान बदलने' के आक्रामक नैरेटिव ने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का गणित बिगाड़ दिया था. इस सियासी झटके से सबक लेते हुए बीजेपी ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पूरी रणनीति की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी है. पार्टी अब अपने पारंपरिक ढांचे से बाहर निकलकर आक्रामक और नए 'क्लस्टर फॉर्मूले' के साथ मैदान में उतरने जा रही है, जिसे पार्टी के भीतर 'त्रिशूल प्लान' कहा जा रहा है.

20-25 क्लस्टरों में बंटेगा उत्तर प्रदेश
अब तक बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा 6 क्षेत्रों, 98 जिलों और 1912 मंडलों में बंटा हुआ था, लेकिन नए प्लान के तहत पूरे उत्तर प्रदेश को 20 से 25 क्लस्टरों में विभाजित किया जाएगा. एक क्लस्टर का आकार राज्य के 18 प्रशासनिक मंडलों से थोड़ा छोटा होगा. हर एक क्लस्टर के दायरे में 3 से 4 लोकसभा सीटें और लगभग दो दर्जन (24) विधानसभा सीटें शामिल होंगी. इन क्लस्टरों की अगुवाई का जिम्मा केंद्रीय मंत्रिमंडल के दिग्गज और अनुभवी चेहरों को सौंपने की तैयारी है.

कैसे काम करेगा 'त्रिशूल प्लान'? 
इस पूरे ढांचे को तीन परतों में मजबूती से बांधा गया है. ताकि, ग्राउंड जीरो से लेकर लखनऊ शीर्ष नेतृत्व तक सीधी रिपोर्टिंग हो सके;
1. केंद्रीय समिति- इसमें यूपी के प्रदेश पदाधिकारी होंगे, जो क्लस्टर प्रभारी से सीधे संपर्क करके रिपोर्ट तैयार करेंगे.
2. क्लस्टर समिति- प्रदेशभर में 20-25 क्लस्टर बनाए जाने हैं, जिसमें प्रत्येक में तीन से चार लोकसभा सीटें और दो दर्जन के आसपास विधान सभा सीटें शामिल होंगी. ये प्रभारी अपने नीचे की स्थानीय समिति से रिपोर्ट लेकर केंद्रीय समिति को भेजेंगे.
3. स्थानीय समिति- इस समिति में मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख शामिल होंगे, जो हर बूथ की रिपोर्ट तैयार करेंगे.

हारी हुई सीटों पर माइक्रो-मैनेजमेंट और चौपाल रणनीति
2017 की तुलना में 2022 के विधानसभा चुनावों में जिन सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, उनकी पार्टी ने एक स्पेशल रिपोर्ट तैयार की है. प्रत्येक विधानसभा सीट पर ऐसे प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं, जिनका राजनीतिक अनुभव वहां के मौजूदा विधायक से भी अधिक हो. हर विधानसभा क्षेत्र का बारीक सामाजिक-जातीय डेटा जुटाया जा रहा है. इसमें यह चिन्हित किया जा रहा है कि किस गांव में किस जाति का प्रभाव है और बीते दो चुनावों में उनका रुझान किस दल की तरफ रहा है.

सभी जातियों में पकड़ रखने वाले पक्ष और विपक्ष के प्रभावी नेताओं की सूचियां तैयार की गई हैं. बीजेपी के दिग्गज नेता सीधे गांवों में जाकर चौपाल लगाएंगे, ताकि विपक्ष के PDA और संविधान वाले नैरेटिव को जमीनी स्तर पर काटा जा सके.

सबसे बड़े हथियार को काटने का चक्रव्यूह
कुल मिलाकर, 2024 के झटके से सबक लेते हुए बीजेपी ने सिर्फ 2027 का चुनाव जीतने का रोडमैप ही तैयार नहीं किया है, बल्कि विपक्ष के सबसे बड़े हथियार को काटने का चक्रव्यूह भी रच दिया है. दिग्गजों की अगुवाई में बना यह 'त्रिस्तरीय त्रिशूल प्लान' जमीनी धरातल पर कितना असरदार साबित होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि पार्टी ने यूपी के सियासी रण में विपक्षी दलों के लिए मोर्चेबंदी बेहद सख्त कर दी है.

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About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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