SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

प्यार पर पहरा: NEET की कोचिंग से शुरू हुआ प्यार, अब अपनों से ही जान का खतरा, HC पहुंची दो लड़कियों की लिव-इन स्टोरी

Allahabad High Court News: अंतर धार्मिक लड़कियों के बीच लिव इन रिलेशन का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा. दोनों के परिवार को इस रिश्ते से ऐतराज है. युवतियों का आरोप है कि परिजन उन्हें अलग करने की कोशिश कर रहे हैं और लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. परिजनों से अपनी जान को खतरा बताते हुए दोनों ने बालिग होने के नाते अपनी निजी मर्जी से साथ रहने और सुरक्षा दिए जाने की गुहार हाईकोर्ट से लगाई है. अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.

Written By Pooja Singh
Published: Sep 15, 2026, 09:57 AM IST | Updated: Sep 15, 2026, 10:03 AM IST
Join

Allahabad High Court News/ मो. गुफरान: अक्सर आपने प्यार की राह में जमाने और अपनों को दीवार बनते देखा होगा, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची यह कहानी आम लव स्टोरी से बिल्कुल जुदा है. इसने समाज, परिवार और कानून तीनों को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है. यह कहानी है दो अलग-अलग राज्यों और धर्मों से ताल्लुक रखने वाली दो बालिग युवतियों की, जिन्होंने सामाजिक बंदिशों को दरकिनार कर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया है.

नीट की कोचिंग से शुरू हुई नजदीकियां
कहानी की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई थी, जब वाराणसी की रहने वाली फरीदा अंसारी नीट की तैयारी करने छत्तीसगढ़ गई थीं. वहां वे प्रगति कुशवाहा के घर में बतौर किराएदार रहने लगीं. साथ रहते-रहते दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई, जो वक्त के साथ प्यार में बदल गई. कोचिंग खत्म होने के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और फिलहाल दोनों वाराणसी में रहकर निजी नौकरी कर रही हैं.

परिवारों का विरोध और जान का खतरा
जैसे ही दोनों के परिजनों को इस अंतर-धार्मिक (Inter-religious) लिव-इन रिलेशनशिप की भनक लगी, विरोध शुरू हो गया. युवतियों का आरोप है कि उनके परिवार उन्हें अलग करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं और लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जान की सुरक्षा की गुहार लेकर दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट में पेशी और सरकारी वकील की आपत्ति
जस्टिस गौतम चौधरी की पीठ के समक्ष सोमवार को फरीदा अंसारी और प्रगति कुशवाहा व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं. उन्होंने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि वे दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रह रही हैं. हालांकि, सुनवाई के दौरान राज्य के सरकारी वकील ने इस रिश्ते पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने दोनों के अलग-अलग धर्मों से होने और लिव-इन में रहने के आधार पर याचिका का विरोध किया.

हाईकोर्ट का रुख, फैसला सुरक्षित, सुरक्षा के आदेश
तमाम दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस गौतम चौधरी की सिंगल बेंच ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. हालांकि, युवतियों के बालिग होने और उनकी जान के खतरे को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि कोर्ट का फैसला आने तक दोनों युवतियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए. अब दोनों लड़कियों के अंतर धार्मिक होने के चलते हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES