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थॉमस फहमी के लिए वह दिन बिल्कुल सामान्य तरीके से शुरू हुआ था. काम खत्म करने के बाद उन्हें डेंटिस्ट के पास जाना था. उनकी कार पास में खड़ी थी और वह बारिश के बीच सड़क पर चल रहे थे. तभी अचानक जोरदार बिजली गिरी.
डोरबेल में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि बिजली गिरते ही फहमी सड़क पर गिर जाते हैं. बताया गया कि स्ट्राइक उनकी कार से करीब 15 से 25 फीट की दूरी पर हुई थी. बिजली की चपेट में आने के बाद उनके शरीर में तेज जलन, झनझनाहट, सुन्नपन और खासकर दोनों पैरों में काफी दर्द महसूस हुआ.
बिजली गिरने के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फहमी बेहोश नहीं हुए. दर्द के बावजूद उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की. वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे वह जमीन से उठते, लड़खड़ाते हुए खड़े होते हैं और फिर मदद की तलाश में आगे बढ़ते नजर आते हैं. यह वही पल था जब एक बेहद डरावनी घटना के बीच उनके बचने की उम्मीद बनी रही. फहमी किसी तरह पास के एक घर तक पहुंचे और मदद के लिए आवाज लगाने लगे. उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी स्टेफनी होमन बाहर आईं. उन्होंने फहमी को जमीन पर देखा और मदद के लिए तुरंत इमरजेंसी सर्विस को बुलाया. इसके बाद उन्हें नॉर्थवेल स्टेटन आइलैंड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया.
Staten Island man struck by lightning while walking to a dentist appointment.
Thomas Fahmy says he is grateful to be alive and went to church on Sunday to thank God for giving him another chance.
"Once the lightning bolt struck me, the initial sensations that I had throughout… pic.twitter.com/Ns11TGqB23— Collin Rugg (@CollinRugg) September 1, 2026
अस्पताल में फहमी की जरूरी जांच की गई. बिजली की चपेट में आने के बावजूद उनके शरीर पर कोई बड़ा बाहरी बर्न नहीं मिला और न ही किसी बड़ी अंदरूनी चोट की जानकारी सामने आई. उन्हें देखभाल के लिए रातभर अस्पताल में रखा गया और अगले दिन छुट्टी दे दी गई. फहमी के लिए यह अनुभव इतना बड़ा था कि उन्होंने बाद में जिंदगी को देखने का अपना नजरिया बदलने की बात कही. वह खुद को आस्था रखने वाला इंसान बताते हैं और घटना के बाद चर्च जाकर शुक्रिया भी अदा किया. उनका कहना था कि इस घटना ने उन्हें जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों की कद्र करना सिखाया है. मुस्कुराना, खुली हवा में सांस लेना और जिंदगी को जरूरत से ज्यादा तनाव में नहीं बदलना अब उनके लिए पहले से ज्यादा मायने रखता है.
फहमी का बच जाना भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन बिजली की चपेट में आने वाले हर व्यक्ति का नतीजा इतना अच्छा नहीं होता. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी CDC के मुताबिक, हर साल अमेरिका में जमीन पर करीब 3.7 करोड़ बिजली के स्ट्राइक होते हैं. हालांकि किसी व्यक्ति के किसी एक साल में बिजली की चपेट में आने की संभावना 10 लाख में एक से भी कम है. CDC के मुताबिक बिजली से प्रभावित करीब 90 फीसदी लोग बच जाते हैं. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बिजली गिरने को हल्के में लिया जाए. करीब 10 फीसदी पीड़ितों की मौत हो जाती है और बिजली से हार्ट अरेस्ट, न्यूरोलॉजिकल समस्या, मांसपेशियों की चोट, आंखों को नुकसान और बर्न जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं.
फहमी के मामले की सबसे अहम बात यही है कि बिजली उनके ठीक ऊपर गिरती हुई नजर नहीं आई, फिर भी वह उसकी चपेट में आ गए. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि बिजली का असर सिर्फ उस जगह तक सीमित नहीं रहता, जहां स्ट्राइक होती है. CDC के मुताबिक आसपास बिजली गिरने पर ग्राउंड करंट यानी जमीन के जरिए फैलने वाली बिजली भी इंसान तक पहुंच सकती है. इसके अलावा साइड फ्लैश जैसी स्थिति में बिजली किसी दूसरी वस्तु से होकर व्यक्ति तक पहुंच सकती है. इसका मतलब बिजली से सुरक्षित रहने के लिए सिर्फ सीधे स्ट्राइक से बचना काफी नहीं है.
बिजली और कड़ाके की गरज वाला तूफान आते ही सबसे सुरक्षित कदम बाहर से निकलकर किसी बंद और सुरक्षित जगह में पहुंचना है. CDC साफ कहता है कि अगर गरज सुनाई दे या बिजली दिखाई दे तो तुरंत घर, ऑफिस, शॉपिंग सेंटर या बंद छत वाली कार जैसी सुरक्षित जगह में चले जाना चाहिए. खुले मैदान, पार्क, पहाड़ी चोटी, पानी के आसपास और अकेले खड़े पेड़ के नीचे रहना खतरनाक हो सकता है. खासतौर पर पेड़ के नीचे बारिश से बचने की कोशिश करना एक आम तौर पर खतरे से खाली नहीं रहता.
अगर आप किसी तूफान में बाहर फंस गए हैं और पास में हार्ड-टॉप वाली बंद कार है, तो उसमें जाना खुले में खड़े रहने की तुलना में बेहतर ऑप्शन है. खिड़कियां बंद रखें और कार के मेटल वाले हिस्सों को छूने से बचें. वहीं मोटरसाइकिल, कन्वर्टिबल या खुले वाहन बिजली से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते. CDC यह भी सलाह देता है कि तूफान खत्म होने के तुरंत बाद बाहर न निकलें. कम से कम 30 मिनट तक इंतजार करना बेहतर है.
यह भी एक बड़ा भ्रम है कि बिजली की चपेट में आए व्यक्ति को छूना खतरनाक होता है. CDC के मुताबिक ऐसा नहीं है. बिजली गिरने के बाद व्यक्ति के शरीर में ऐसा इलेक्ट्रिकल चार्ज नहीं रह जाता कि उसे छूने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ जाए. इसलिए अगर कोई बिजली की चपेट में आया है तो तुरंत इमरजेंसी मदद बुलानी चाहिए. अगर जरूरत हो और व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो या उसकी नब्ज नहीं हो, तो ट्रेंड व्यक्ति को CPR शुरू करनी चाहिए. हालांकि मदद करने वाला व्यक्ति भी यह सुनिश्चित करे कि वह खुद दोबारा बिजली की चपेट में आने वाले इलाके में न खड़ा हो.
थॉमस फहमी का सीसीटीवी वीडियो पहली नजर में किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है. बिजली गिरती है, युवक जमीन पर गिरता है और फिर कुछ ही देर में उठकर मदद के लिए आगे बढ़ जाता है. लेकिन इस घटना की असली सीख सिर्फ उनका बचना नहीं है. यह मामला याद दिलाता है कि बिजली गिरने का खतरा हमेशा उतना दूर नहीं होता जितना हमें लगता है. मौसम खराब होने पर कुछ मिनट के लिए बाहर रुकना, पेड़ के नीचे खड़े होना या तूफान को खत्म मान लेना भारी पड़ सकता है. फहमी की किस्मत अच्छी रही, पड़ोसी ने समय पर मदद की और अस्पताल में तुरंत जांच हुई. लेकिन हर बार कहानी का अंत ऐसा हो, यह जरूरी नहीं. इसलिए जैसे ही बादल गरजने की आवाज सुनाई दे तो सबसे समझदारी वाला फैसला रोमांच नहीं, बल्कि तुरंत सुरक्षित जगह पर पहुंचना होना चाहिए.