'खइके पान, सफर आसान:' मुंबई-छत्तीसगढ़ ट्रेन के थर्ड AC बर्थ पर बैठकर पान बनाता दिखा वेंडर, VIDEO देख पकड़ लेंगे माथा
मुंबई से छत्तीसगढ़ जा रही ट्रेन के थर्ड एसी कोच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक पान बेचने वाला शख्स ट्रेन की बर्थ पर कपड़ा बिछाकर पान बनाता दिखाई दे रहा है. वीडियो को लेकर दावा है कि उसे यात्रियों से करीब 20 से 25 पान का ऑर्डर मिला था. वीडियो सामने आने के बाद लोग साफ-सफाई और ट्रेन में वेंडिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को चाय, कॉफी और खाने-पीने का सामान बेचने वाले लोग अक्सर दिखाई देते हैं. लेकिन मुंबई से छत्तीसगढ़ जा रही एक ट्रेन में पान बेचने वाले शख्स का तरीका देखकर लोग हैरान रह गए. यहां दुकान या प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि थर्ड एसी कोच के अंदर बर्थ पर बैठकर पान तैयार किए जा रहे थे.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स एक लोअर बर्थ पर बैठा नजर आता है. उसने बर्थ पर कपड़ा बिछा रखा है और उसी पर पान बनाने का सामान रखकर एक के बाद एक पान तैयार कर रहा है. आसपास बैठे कुछ यात्री उसे काम करते हुए देख रहे हैं. इस दौरान वह अपने ऑर्डर पूरे करने में लगा रहता है.
20-25 पान का ऑर्डर मिलने का दावा
वीडियो को एक्स पर @GemsOfRailway नाम के अकाउंट से शेयर किया गया. वीडियो रिकॉर्ड करने वाले यात्री के मुताबिक, पान बेचने वाले को करीब 20 से 25 पान बनाने का ऑर्डर मिला था. वह यात्रियों के लिए पान तैयार कर रहा था और उन्हें बेच भी रहा था. वीडियो में दिखाई देने वाला यह नजारा लोगों को इसलिए भी हैरान कर रहा है, क्योंकि थर्ड एसी कोच में यात्रियों के बैठने और सोने के लिए सीमित जगह होती है. ऐसे में बर्थ पर कपड़ा बिछाकर पान तैयार करने का तरीका कई लोगों को पसंद नहीं आया. हालांकि, वीडियो से यह साफ नहीं होता कि पान बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें कहां रखी गई थीं और उन्हें किस तरह संभाला जा रहा था.
साफ-सफाई को लेकर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा साफ-सफाई को लेकर हुई. लोगों ने सवाल उठाया कि ट्रेन के अंदर इस तरह पान बनाने से बर्थ और आसपास की जगह कितनी साफ रह पाती होगी. पान बनाने के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर भी यात्रियों ने चिंता जताई. ट्रेन में सफर करते समय लोग बर्थ पर आराम करते हैं और कई बार वहीं बैठकर खाना भी खाते हैं. ऐसे में उस जगह पर पान तैयार करना, जहां यात्रियों को आराम करना होता है, लोगों को ठीक नहीं लगा. कुछ यूजर्स ने कहा कि खाने-पीने की चीजें तैयार करने के लिए साफ जगह और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है.
पान की पीक से गंदी होती हैं ट्रेनें
इस मामले में कुछ लोगों ने पान खाने के बाद ट्रेन में थूकने की आदत पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि कोच में पान बनाना ही चिंता की बात नहीं है, बल्कि पान खाने के बाद लोग कई बार दीवारों, दरवाजों या दूसरी जगहों पर पीक थूक देते हैं. इससे ट्रेन गंदी होती है और सफाई कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. हालांकि, किसी एक वीडियो के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उस कोच में पान की पीक फैलाई गई थी. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी पर चर्चा शुरू कर दी है. यात्रियों के साथ-साथ ट्रेन में सामान बेचने वालों से भी उम्मीद की जाती है कि वे सफाई और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखें.
क्या ट्रेन में बेच सकते हैं पान?
वीडियो सामने आने के बाद एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पान बेचने वाले शख्स को ट्रेन के अंदर इस तरह सामान तैयार करने और बेचने की अनुमति थी. भारतीय रेलवे में खानपान और दूसरी सेवाओं से जुड़े वेंडरों के लिए तय नियम होते हैं. ऐसे में किसी व्यक्ति का कोच में सामान बेचना और बर्थ पर बैठकर उसे तैयार करना अलग-अलग सवाल खड़े करता है. फिलहाल इस घटना को लेकर भारतीय रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित व्यक्ति अधिकृत वेंडर था या नहीं और रेलवे इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा या नहीं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने की कार्रवाई की मांग
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने रेलवे से ऐसे मामलों पर ध्यान देने की मांग की. कुछ लोगों का कहना था कि ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, दूसरे यूजर्स ने यात्रियों से भी अपील की कि वे कोच को साफ रखने में अपनी जिम्मेदारी समझें. दरअसल, ट्रेन में सफर करने वाले सभी लोग चाहते हैं कि उनकी सीट और आसपास की जगह साफ रहे. लेकिन यह तभी संभव है, जब यात्री और ट्रेन में सामान बेचने वाले, दोनों नियमों का पालन करें.
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)