पेट की आग या मौत का खेल: जमीन से 44 फ्लोर ऊपर रस्सी के सहारे शीशे चमकाता है मजदूर; सैलरी और हौसला देख भावुक हुए लोग
जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर, सामने कांच की दीवार और नीचे दूर तक दिखाई देती सड़कें. ऐसी जगह पर खड़े होने के ख्याल से ही कई लोगों के पसीने छूट जाएं, लेकिन कुछ मजदूर रोज इसी ऊंचाई पर काम करते हैं. तेलंगाना के नानकरामगुडा में 44वीं मंजिल पर शीशे साफ कर रहे झारखंड के एक मजदूर का वीडियो वायरल है. जब उससे सैलरी और डर के बारे में पूछा गया तो उसके जवाब ने लोगों को भावुक कर दिया.
ऊंची बिल्डिंगों में रहने या ऑफिस जाने वाले लोग अक्सर चमचमाते शीशों से बाहर का नजारा देखते हैं. लेकिन इन शीशों को साफ करने के लिए मजदूरों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है, इसका अंदाजा शायद ही हर किसी को हो. 50-50 मंजिल की इन बिल्डिंगों में जहां अंदर से बाहर देखने वाला व्यक्ति भी डर जाता है, वहीं एक मजदूर रस्सी के सहारे लटककर इस बिल्डिंग में लगे शीशे को साफ करता है.
तेलंगाना के नानकरामगुडा से सामने आए एक वीडियो में दो मजदूर बिल्डिंग की 44वीं मंजिल पर बालकनी के बाहर लटककर सफाई करते दिखाई देते हैं. वीडियो को निर्भय शर्मा नाम के शख्स ने रिकॉर्ड किया है. वीडियो में वह एक मजदूर से बातचीत करते भी दिख रहे हैं, जो अपने काम और कमाई के बारे में खुलकर बताता है.
झारखंड से हजारों किलोमीटर दूर कर रहा काम
बातचीत में मजदूर बताता है कि वह मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है. रोजी-रोटी के लिए वह तेलंगाना आया है और यहां ऊंची बिल्डिंगों के शीशे और बालकनी साफ करने का काम करता है. घर से दूर रहकर काम करना आसान नहीं होता. लेकिन परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए बहुत से लोग अपने शहर और गांव से दूर निकल जाते हैं. इस मजदूर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. फर्क बस इतना है कि उसकी रोज की नौकरी में ऊंचाई का खतरा भी शामिल है.
25 हजार रुपये मिलती है महीने की सैलरी
वीडियो में जब मजदूर से उसकी कमाई के बारे में पूछा जाता है तो वह बताता है कि उसे हर महीने 25 हजार रुपये मिलते हैं. इसके अलावा कंपनी की तरफ से चावल, रसोई गैस और आने-जाने का भत्ता भी दिया जाता है. सैलरी सुनकर किसी को लग सकता है कि यह ठीक-ठाक कमाई है. लेकिन जिस जगह पर खड़े होकर वह काम करता है, वहां छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है. 44वीं मंजिल पर हवा में लटककर शीशे साफ करना कोई सामान्य काम नहीं है. इसके लिए हिम्मत के साथ सुरक्षा के इंतजाम भी बेहद जरूरी हैं.
पूछा- इतनी ऊंचाई पर डर नहीं लगता?
वीडियो में सबसे ज्यादा ध्यान मजदूर के उस जवाब ने खींचा, जब उससे पूछा गया कि इतनी ऊंचाई पर काम करते हुए उसे डर नहीं लगता. उसने सहज अंदाज में कहा कि अब आदत हो गई है, 5-6 साल से कर रहे हैं तो अब डर नहीं लगता. उसका जवाब सुनने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे कई साल का अनुभव और रोजी-रोटी की जरूरत छिपी है. जिस ऊंचाई पर कोई नया इंसान जाने से भी घबराए, वहां वह पिछले कई साल से काम कर रहा है. हालांकि, किसी काम की आदत पड़ जाने का मतलब यह नहीं कि उसमें खतरा खत्म हो जाता है. ऊंची बिल्डिंगों पर सफाई करते समय सेफ्टी बेल्ट, मजबूत रस्सी और दूसरे जरूरी इंतजाम बेहद अहम होते हैं.
वीडियो देखकर लोगों को आई परिवार की याद
मजदूर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उसके हौसले की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की. एक यूजर ने कहा कि भाई को संभलकर काम करना चाहिए, क्योंकि यह काम बेहद खतरनाक है. वहीं, एक दूसरे यूजर ने मजदूर और उसके साथियों की सलामती की दुआ करते हुए कहा कि परिवार के लिए इंसान क्या-क्या नहीं करता. इन प्रतिक्रियाओं में एक बात साफ नजर आती है. लोग मजदूर की मेहनत का सम्मान तो कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह भी चाहते हैं कि वह सुरक्षित घर लौटे.