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दुबई का नाम आते ही ऊंची-ऊंची बिल्डिंगें, लग्जरी होटल और सोने के शानदार गहनों की तस्वीरें सामने आने लगती हैं. लेकिन अब इस शहर में एक ऐसा आकर्षण जुड़ने जा रहा है, जो लोगों को अपनी तरफ खींच सकता है. यहां आने वाले लोग जल्द ही सोने से बने खास रास्ते पर चलने का अनुभव ले सकेंगे.
यह प्रोजेक्ट दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में तैयार किया जा रहा है. यह इलाका सोने और ज्वेलरी के कारोबार के लिए जाना जाता है. गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस वॉकवे को अगले दो महीनों के अंदर खोलने की प्लानिंग है. इसका मतलब है कि साल 2026 खत्म होने से पहले यहां आने वाले लोगों को यह नया आकर्षण देखने का मौका मिल सकता है.
दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के कमर्शियल सेक्टर के सीनियर डायरेक्टर राशिद अल हरमूदी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के जरिए लोगों को गोल्डन पाथ पर चलने का अनोखा अनुभव देने की तैयारी है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं किया गया है कि वॉकवे की कुल लंबाई कितनी होगी और इसे तैयार करने में कितना खर्च आएगा. इसमें कितनी मात्रा में सोने का इस्तेमाल किया जाएगा, इस बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सोने से जुड़ी इस योजना को किस तरह जमीन पर उतारा जाता है. फिलहाल, इसे दुबई के नए आकर्षणों में शामिल करने की तैयारी चल रही है.
इस वॉकवे को शुरू करने की प्लानिंग सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं है. दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट सोने और ज्वेलरी के कारोबार को भी लगातार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत से यहां काम शुरू करने वाले थोक सोना कारोबारियों के दफ्तरों की संख्या में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, सोना, ज्वेलरी, कीमती पत्थरों और लग्जरी घड़ियों की नई दुकानों की संख्या भी 15 प्रतिशत बढ़ी है. इलाके में कारोबार के लिए ऑफिस और दुकानें बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है. उम्मीद है कि अगले एक साल में यहां आने वाली कंपनियों की संख्या में 10 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है.
दुबई में सोने से जुड़ी खास चीजें पहले भी लोगों का ध्यान खींचती रही हैं. यहां भारतीय डिजाइन से प्रेरित सोने के झुमकों की एक जोड़ी ने भी दुनिया भर में चर्चा बटोरी थी. जोयालुक्कास ज्वेलरी की ओर से तैयार इन झुमकों का नाम 'मयूरा सहस्र' रखा गया है. 22 कैरेट सोने से बने इस जोड़े का वजन 16.514 किलोग्राम बताया गया है. इसे सबसे भारी सोने के झुमकों की जोड़ी और सबसे बड़े झुमकों की जोड़ी के लिए दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिले. इन झुमकों को बेचने के बजाय दुबई में स्थायी रूप से प्रदर्शित करने की योजना है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर सोने और ज्वेलरी को केवल कारोबार ही नहीं, बल्कि आकर्षण के तौर पर भी पेश कर रहा है.
दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में सोने के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ी गोल्ड और ज्वेलरी प्रदर्शनी की योजना भी है. इसका लक्ष्य मध्य पूर्व की सबसे बड़ी प्रदर्शनियों में शामिल होना है. ऐसे आयोजनों से कारोबारियों, ज्वेलरी ब्रांडों और ग्राहकों को एक ही जगह मिलने का मौका मिलता है. गोल्ड वॉकवे जैसे नए आकर्षण भी इस इलाके में लोगों की दिलचस्पी बढ़ा सकते हैं. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वॉकवे और प्रस्तावित प्रदर्शनी को किस तरह एक साथ जोड़ा जाएगा. इसकी पूरी प्लानिंग सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी.
फिलहाल, अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार, गोल्ड वॉकवे को अगले दो महीनों में खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही इसकी लंबाई, निर्माण लागत और सोने के इस्तेमाल से जुड़ी कई अहम जानकारियों का इंतजार है. अगर प्लानिंग के अनुसार यह प्रोजेक्ट पूरा होता है, तो दुबई आने वाले पर्यटकों को घूमने के लिए एक नया आकर्षण मिल सकता है. साथ ही, यह शहर के सोने के कारोबार को दुनिया के सामने पेश करने का एक और तरीका होगा. दुबई पहले ही सोने के बाजार और शानदार ज्वेलरी के लिए मशहूर है. अब देखना होगा कि 24 कैरेट सोने से जुड़े इस अनोखे वॉकवे को तैयार करने में कितना वक्त लगता है और इसे देखने के लिए लोगों की कितनी भीड़ जुटती है.