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10 मिनट में गटक गया 1.5 लीटर कोल्ड ड्रिंक: 6 घंटे बाद पेट में बन गई गैस, 22 साल के लड़के की तड़पकर मौत

चीन में 22 साल के एक युवक की मौत का मामला सामने आया है, जिसके बारे में डॉक्टरों की रिपोर्ट में बताया गया कि उसने गर्मी से राहत पाने के लिए करीब 1.5 लीटर कोला महज 10 मिनट में पी लिया था. कुछ घंटे बाद उसके पेट में तेज सूजन और दर्द शुरू हुआ. अस्पताल पहुंचने पर लिवर से जुड़ी गंभीर समस्या सामने आई और करीब 18 घंटे के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Sep 29, 2026, 09:31 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 09:42 AM IST
Image Credit: चीन युवक कोला पीने से मौत| प्रतीकात्मक AI इमेज
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गर्मी में ठंडा सॉफ्ट ड्रिंक देखकर किसका मन नहीं करता कि एक ही बार में ज्यादा से ज्यादा पी लिया जाए. लेकिन चीन में सामने आई यह घटना इसी आदत को लेकर सवाल खड़े करती है. रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग में रहने वाले 22 साल के एक युवक ने गर्मी से राहत पाने के लिए करीब 1.5 लीटर कोला बहुत कम समय में पी लिया.

बताया गया कि उसने पूरी बोतल करीब 10 मिनट में ही खत्म कर दी. उस समय युवक बिल्कुल स्वस्थ था और उसे किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी. लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. आनन-फानन में लोग लड़के को लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचे. वहां करीब 18 घंटे तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई.

6 घंटे बाद अचानक फूल गया पेट

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, कोला पीने के करीब 6 घंटे बाद लड़के का पेट तेजी से सूजने लगा. हालत बिगड़ने पर उसे बीजिंग के चाओयांग अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच की तो कई चीजें सामान्य नहीं थीं. उसकी धड़कन तेज थी, सांस तेजी से चल रही थी और ब्लड प्रेशर काफी कम था. जांच में लड़के के लिवर को भी गंभीर नुकसान के संकेत मिले. डॉक्टरों ने इसे इस्केमिक हेपेटाइटिस बताया, जिसे आम भाषा में 'शॉक लिवर' भी कहा जाता है. इस स्थिति में लिवर तक पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. मामला गंभीर होने की वजह से डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया.

शरीर के अंदर गैस बनने की बात सामने आई

डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, लड़के के शरीर में गैस जमा होने की बात सामने आई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि बड़ी मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक बहुत तेजी से पीने के बाद आंतों में गैस बनने और उसके बाद उसके लिवर तक पहुंचने वाली एक प्रमुख रक्त वाहिका में गैस के चले जाने की आशंका थी. यही स्थिति आगे चलकर लिवर में खून के प्रवाह को प्रभावित कर सकती है. डॉक्टरों ने युवक को लिवर को बचाने वाली दवाएं दीं और शरीर के दूसरे जरूरी फंक्शन को स्थिर रखने की कोशिश की. लेकिन हालत तेजी से बिगड़ती गई.

12 घंटे बाद भी लिवर की हालत खराब

इलाज शुरू होने के करीब 12 घंटे बाद भी ब्लड टेस्ट में लिवर को हुए नुकसान के गंभीर संकेत बने हुए थे. डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद युवक की हालत में सुधार नहीं आया. इलाज के करीब 18 घंटे बाद उसकी मौत हो गई. घटना इसलिए भी चौंकाने वाली थी क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक लड़का इससे पहले स्वस्थ था और उसे किसी बड़ी बीमारी की जानकारी नहीं थी. मामले की रिपोर्ट मेडिकल जर्नल Clinics and Research in Hepatology and Gastroenterology में भी प्रकाशित हुई थी. इसमें डॉक्टरों ने घटना और युवक की हालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी.

क्या सच में कोला ही मौत की वजह था?

यहां कहानी थोड़ी मुश्किल हो जाती है. घटना के बाद यह मान लेना आसान है कि डेढ़ लीटर कोला तेजी से पीने की वजह से ही लड़के की मौत हुई. लेकिन कुछ एक्सपर्ट इस निष्कर्ष को लेकर सावधानी बरतने की बात कहते हैं. लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज के बायोकेमिस्ट प्रोफेसर नाथन डेविस ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक को मौत की सीधी वजह मानना बेहद मुश्किल है. उनके मुताबिक, शरीर में इतनी गैस बनने के पीछे कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन भी जिम्मेदार हो सकता है. उनका कहना है कि संभव है कि इतनी मात्रा में कोला तेजी से पीने से पहले से मौजूद समस्या और ज्यादा बढ़ गई हो, लेकिन सिर्फ कोला को मौत की वजह मानना सही नहीं होगा.

बैक्टीरियल इंफेक्शन की भी हो सकती है भूमिका

प्रोफेसर डेविस के मुताबिक, इस तरह के मामले में शरीर के अंदर गैस बनने के कई संभावित कारण हो सकते हैं. किसी बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से भी गैस बन सकती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. उनका कहना है कि लड़के की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और घटना से पहले उसकी शारीरिक स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी जरूरी है. रिपोर्ट के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि आखिर शरीर में इतनी गैस क्यों बनी और किस वजह से हालत इतनी तेजी से बिगड़ी. इसका मतलब घटना में कोला की भूमिका से पूरी तरह इनकार भी नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे अकेली और पक्की वजह मानना भी जल्दबाजी होगी.

इतनी तेजी से सॉफ्ट ड्रिंक पीना क्यों चर्चा में आया?

इस मामले ने एक सामान्य सी आदत पर जरूर ध्यान खींचा है. गर्मी में लोग कई बार पानी या सॉफ्ट ड्रिंक बहुत तेजी से पी जाते हैं. लेकिन किसी भी पेय को बहुत ज्यादा मात्रा में और कम समय में पीने से शरीर पर अलग-अलग तरह का दबाव पड़ सकता है. खासकर जब पहले से कोई मेडिकल समस्या मौजूद हो और व्यक्ति को उसके बारे में पता न हो, तब स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है. हालांकि, इस घटना को देखकर यह निष्कर्ष निकालना भी सही नहीं होगा कि सामान्य मात्रा में कोला पीना ऐसी मौत का कारण बनता है.

घटना ने खड़े किए कई सवाल

22 साल के लड़के की मौत की यह घटना जितनी हैरान करने वाली है, उतने ही सवाल इसके पीछे छिपे हैं. डॉक्टरों ने गैस और लिवर को हुए नुकसान का संबंध बताया, लेकिन एक्सपर्ट्स के बीच मौत की असली वजह को लेकर पूरी तरह एक राय नहीं दिखती. प्रोफेसर नाथन डेविस ने भी ज्यादा मेडिकल जानकारी की जरूरत बताई है. इसलिए इस मामले को सिर्फ 'डेढ़ लीटर कोला पीने से मौत' कहना पूरी तस्वीर नहीं बताता. लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने एक गंभीर मेडिकल केस को सामने ला दिया है, जिसमें तेजी से सॉफ्ट ड्रिंक पीना या ज्यादा पीना दोनों एक संभावित फैक्टर हो सकता है, लेकिन अभी तक मिली जानकारी के आधार पर इसे अकेली वजह मानना अभी ठीक नहीं होगा.

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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