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अमेरिका के एक बेहद संवेदनशील और गोपनीय इलाके के ऊपर कुछ ऐसा देखा गया है, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और सेना के अधिकारियों को सकते में डाल दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में जारी की गई पेंटागन की नई सीक्रेट फाइल्स में एक ऐसे रहस्यमयी 'ब्लैक ट्रायंगल' यानी यूएफओ का जिक्र है, जिसकी रफ्तार और खामोशी ने सबको डरा कर रख दिया है.
पेंटागन की सीक्रेट फाइल्स में मिली जानकारी
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में UFO और UAP से जुड़े कुछ बेहद चौंकाने वाले दस्तावेज दुनिया के सामने रखे हैं. अमेरिका के एक बेहद खुफिया और संवेदनशील इलाके के ऊपर आसमान में एक रहस्यमयी ब्लैक ट्रायंगल देखा गया है. इस खबर के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर एलियंस, यूएफओ और स्पेस मिस्ट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और हर कोई यह जानना चाहता है कि आसमान में आखिर यह क्या बला मंडरा रही थी.
क्या था आसमान में उड़ने वाला वह रहस्यमयी 'ब्लैक ट्रायंगल'?
पेंटागन को सौंपी गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, दो सीनियर मिलिट्री ऑब्जर्वर ने इस अजीबोगरीब और खौफनाक चीज को अपनी आंखों से आसमान में उड़ते हुए देखा. उन्होंने बताया कि इस ऑब्जेक्ट का बर्ताव और बनावट किसी भी आम मिलिट्री एयरक्राफ्ट से बिल्कुल मेल नहीं खाती थी. इसका साइज किसी डेल्टा-विंग ड्रोन जैसा था, जिसकी चौड़ाई 9 से 15 फीट के बीच आंकी गई है. यह ब्लैक ट्रायंगल आसमान में इतनी रहस्यमयी खामोशी के साथ उड़ रहा था कि इसे देखते ही देखने वालों के मन में अजीब सा डर बैठ गया कि आखिर यह जमीन पर क्या करने आया था.
आवाज की रफ्तार से भी दोगुनी तेज
इस ऑब्जेक्ट की सबसे डरावनी बात इसकी सुपरसोनिक स्पीड थी. सैन्य अधिकारियों ने जब इसका कैलकुलेशन किया तो वे खुद हैरान रह गए. यह ब्लैक ट्रायंगल करीब 1800 मील प्रति घंटे यानी लगभग 2800 KM/H की रफ्तार से हवा में उड़ रहा था. इतनी स्पीड होने के बावजूद इस विमान से ना तो कोई आवाज आ रही थी और ना ही इसके पीछे धुएं या एग्जॉस्ट का कोई निशान छूट रहा था. यह हवा में अचानक और पूरी तरह से शांत तरीके से गायब हो गया.
ट्रंप प्रशासन का पारदर्शिता का वादा और पेंटागन की कार्रवाई
जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों पुराने सीक्रेट दस्तावेजों और एलियन लाइफ से जुड़ी फाइल्स को जनता के सामने लाने का बड़ा वादा किया है, तब से पेंटागन लगातार ऐसी रिपोर्ट्स शेयर कर रहा है. मई के महीने के बाद से सैकड़ों ऐसी फाइल्स पब्लिक की जा चुकी हैं, जिनमें कई अनसुलझे मामलों का जिक्र है. हालांकि, इस नई रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां आज भी छिपाई गई हैं और सुरक्षा कारणों से लोकेशन को पूरी तरह से ब्लैक आउट कर दिया गया है ताकि कोई संवेदनशील जानकारी लीक न हो सके.
तस्वीरों की प्रामाणिकता पर खड़े हुए सवाल
इस नई रिपोर्ट के साथ एक बहुत ही दिलचस्प और अजीब विवाद भी जुड़ गया है. अभी तक सामने आई कई पुरानी रिपोर्ट्स में असली फोटोग्राफ्स या वीडियो फुटेज होते थे, लेकिन इस 'ब्लैक ट्रायंगल' की रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है. इसमें कुल 9 एक जैसी तस्वीरें हैं, जिनमें एक ही बंजर घाटी की पृष्ठभूमि के ऊपर बड़े ही कच्चे तरीके से काले रंग के त्रिकोण जोड़े गए हैं. पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के जाने-माने इतिहासकार और यूएफओ मामलों के विशेषज्ञ ग्रेग एघिगियन ने इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह सब किसी एडिट किए गए ग्राफिक जैसा लगता है और रिपोर्ट में कोई ठोस सबूत नहीं जोड़ता है, लेकिन इसने लोगों की उत्सुकता और जिज्ञासा को कई गुना बढ़ा दिया है.
साल 2023 के कांग्रेस खुलासे और कवर-अप की पुरानी कहानियां
यह पूरा मामला अचानक तब ज्यादा गरमाया था जब साल 2023 में अमेरिकी कांग्रेस में एक पूर्व खुफिया अधिकारी ने सनसनीखेज आरोप लगाए थे. उसने दावा किया था कि अमेरिकी प्रशासन और सरकारें लंबे समय से एलियंस, यूएफओ और स्पेस से जुड़े रहस्यों पर पर्दा डालती आ रही हैं. अधिकारी का यह भी कहना था कि सरकार के पास क्रैश हुए एलियन स्पेसक्राफ्ट और उनका मलबा तक सुरक्षित रखा हुआ है. इसी भारी राजनीतिक दबाव के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप ने सरकारी एजेंसियों को आदेश दिया था कि वे जनता के सामने पूरा सच रखें और किसी भी बात को छुपाएं नहीं.
कम दस्तावेजों के बावजूद सोशल मीडिया पर मचा तहलका
शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में 25 से भी कम टेक्स्ट डॉक्यूमेंट्स शामिल किए गए हैं और इसमें किसी भी तरह का वीडियो या ऑरिजिनल इमेज नहीं दी गई है. इसके बावजूद, इस तरह की खबरें इस बात का खुला संकेत देती हैं कि दुनिया में कुछ ऐसा चल रहा है जो हमारी आम समझ और विज्ञान की पहुंच से बहुत दूर है.