ChatGPT से करते हैं पर्सनल लाइफ की सीक्रेट बातें? जानिए कैसे नया 'लॉक चैट्स' टूल बचाएगा आपकी सारी बातें
ओपनएआई ने चैटजीपीटी के लिए 'Locked Chats' नाम का एक जबरदस्त फीचर लॉन्च किया है. अब आप अपनी किसी भी सीक्रेट और पर्सनल चैट को 4-डिजिट के PIN या Face ID से लॉक कर सकते हैं. जानिए यह नया अपडेट कैसे काम करता है और इसके कौन से कड़े नियम जानना जरूरी हैं.
कुछ साल पहले तक जब कोई फैक्ट बताता था तो हम उसको मान लेते थे. लेकिन अब कोई चीज के बारे में बताता है तो हम चैटजीपीटी खोलकर वेरिफाई करते हैं. कई बार तो कोई आस-पास नहीं होता और राय-मशवरे की जरूरत पड़ती है तो चैटबॉट खोलकर उससे ही पूछ लेते हैं. कई बार तो पर्सनल बातें भी शेयर कर देते हैं. लेकिन दिल दहला देने वाला पल तब आता है जब कोई दोस्त या घर का कोई सदस्य अचानक हमारा फोन या लैपटॉप मांग लेता है. उस एक सेकंड के लिए हमारी धड़कनें रुक जाती हैं और डर सताने लगता है कि कहीं वो हमारी ChatGPT की चैट हिस्ट्री न खोल ले. प्राइवेसी के डर को हमेशा के लिए जड़ से खत्म करने के लिए OpenAI ने एक फीचर रोलआउट किया है. अब आप अपनी किसी भी पर्सनल चैट पर पिन कोड या फेस आईडी का पक्का ताला लगा सकते हैं.
चैटजीपीटी की दुनिया में प्राइवेसी का नया दौर
आज के इस डिजिटल युग में AI टूल्स हमारी डेली लाइफ का एक बहुत ही जरूरी हिस्सा बन चुके हैं. हम ऑफिस के प्रोजेक्ट्स से लेकर अपनी पर्सनल लाइफ की सलाह तक के लिए चैटजीपीटी का आंख बंद करके इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम जोश-जोश में कुछ ऐसी बातें चैटजीपीटी से शेयर कर बैठते हैं जिन्हें हम दुनिया की नजरों से बिल्कुल छुपाकर रखना चाहते हैं. इसी प्राइवेसी की चिंता को दूर करने के लिए ओपनएआई (OpenAI) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने चैटजीपीटी के अंदर 'लॉक्ड चैट्स' (Locked Chats) नाम का एक ऐसा शानदार सिक्योरिटी फीचर जोड़ दिया है, जिसके आने के बाद आपकी पर्सनल चैट्स पूरी तरह सेफ हो जाएंगी. इस नए फीचर की मदद से आप अपनी किसी भी खास चैट को PIN, फेस आईडी या टच आईडी की मदद से सेफ कर सकते हैं.
कैसे काम करता है यह नया जादुई लॉक फीचर?
यह नया फीचर इस्तेमाल करने में जितना आसान है, अंदर से उतना ही ज्यादा स्मार्ट भी है. जैसे ही आप अपनी किसी संवेदनशील या पर्सनल चैट को लॉक करेंगे, वो चैट आपके स्क्रीन के साइड में दिखने वाली नॉर्मल चैट हिस्ट्री से तुरंत गायब हो जाएगी. इतना ही नहीं, वो आपकी पिन की हुई चैट्स (Pinned Chats) और सर्च रिजल्ट्स में भी कभी नजर नहीं आएगी.
यह सारी लॉक्ड चैट्स आपके अकाउंट के भीतर एक अलग से बने 'Locked Chats' नाम के सुरक्षित फोल्डर में चली जाएंगी. जब भी आपको अपनी वो पुरानी बातें देखनी होंगी या उस चैट को आगे बढ़ाना होगा, तो आपको अपना 4-डिजिट का सीक्रेट PIN डालना होगा या अपने डिवाइस का Face ID/Touch ID इस्तेमाल करके उस फोल्डर को अनलॉक करना पड़ेगा.
पुरानी 'टेम्परेरी चैट' से यह कितना अलग है?
कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि चैटजीपीटी में तो पहले से ही 'Temporary Chats' का ऑप्शन मौजूद था, तो फिर इस नए लॉक फीचर की क्या जरूरत पड़ गई. असल में टेम्परेरी चैट का मतलब होता है ऐसी बातचीत जो चैट हिस्ट्री में सेव ही नहीं होती और ऐप बंद करते ही गायब हो जाती है. लेकिन 'Locked Chats' का कॉन्सेप्ट बिल्कुल अलग है. यहाँ आपकी बातें हमेशा के लिए आपके अकाउंट में सुरक्षित सेव रहेंगी. आप जब चाहें अपना PIN डालकर उस चैट फोल्डर में वापस लौट सकते हैं और अपनी रुकी हुई बातचीत को वहीं से दोबारा जारी रख सकते हैं.
सीक्रेट चैट्स के लिए मिलेगी एक बिल्कुल अलग मेमोरी
इस पूरे अपडेट का सबसे मजेदार और दिमाग हिला देने वाला हिस्सा इसका मेमोरी मैनेजमेंट है. अगर आपके अकाउंट में चैटजीपीटी का मेमोरी (Memory) फीचर ऑन है, तो इन लॉक्ड चैट्स को एक बिल्कुल अलग और सीक्रेट मेमोरी स्पेस मिलेगा. इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप किसी चैट को लॉक करके उसमें कोई नई बात कहेंगे, तो चैटजीपीटी उस बात को सिर्फ आपकी उसी लॉक्ड चैट की पर्सनल मेमोरी में ही याद रखेगा.
वो प्राइवेट जानकारी आपकी आम और रोजाना की चैट्स में कभी लीक नहीं होगी. मिसाल के तौर पर, अगर आपने अपनी किसी लॉक्ड चैट में अपने किसी सीक्रेट बिजनेस आइडिया या पर्सनल प्लान के बारे में बात की है, तो नॉर्मल चैट करते वक्त चैटजीपीटी उस बात का जिक्र गलती से भी नहीं करेगा. हालांकि आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि चैट को लॉक करने से पहले चैटजीपीटी जो पुरानी बातें याद रख चुका था, वो पुरानी मेमोरी में ही सुरक्षित रहेंगी.
गलती से भी मत भूलना अपना यह 4-डिजिट का PIN
इस नए और शानदार प्राइवेसी फीचर का एक बहुत ही कड़ा और डरावना नियम भी है, जिसे जानना हर यूजर के लिए बेहद जरूरी है. ओपनएआई ने अपनी गाइडलाइंस में साफ कर दिया है कि अगर आप अपना 4-डिजिट का सीक्रेट PIN कोड भूल जाते हैं और उसे रीसेट करने की कोशिश करते हैं, तो चैटजीपीटी आपकी सभी लॉक्ड चैट्स, छुपाई गई फाइल्स और उस फोल्डर की सारी प्राइवेट मेमोरी को हमेशा-हमेशा के लिए परमानेंटली डिलीट कर देगा.
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह एक्शन एक बार होने के बाद किसी भी हाल में वापस नहीं लाया जा सकता. यहाँ तक कि ओपनएआई की बड़ी से बड़ी कस्टमर सपोर्ट टीम भी आपके डिलीट हुए उस डेटा को कभी रिकवर करके वापस नहीं ला पाएगी. इसलिए अगर आप इस फीचर का इस्तेमाल करने जा रहे हैं, तो अपना PIN किसी डायरी में या अपने दिमाग में बहुत पक्का करके बैठा लें.
डेटा स्टोरेज और कंपनी के नियमों का सच
स्क्रीन पर भले ही आपकी चैट्स छुप जाएं और उन पर ताला लग जाए, लेकिन बैकएंड में डेटा सेव होने के बुनियादी नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. ओपनएआई ने साफ किया है कि चैट को लॉक करने से कोई एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन (End-to-End Encryption) चालू नहीं हो जाता है. इसका मतलब यह है कि कंपनी जितने समय तक आपकी नॉर्मल चैट्स अपने सर्वर्स पर संभाल कर रखती है, वही नियम यहाँ भी लागू होंगे. इसके अलावा आपके अकाउंट की मॉडल ट्रेनिंग सेटिंग्स यानी 'Improve the model for everyone' पर भी इस लॉक का कोई असर नहीं पड़ेगा.
किन-किन यूजर्स को मिलेगा यह नया अपडेट?
यह नया 'लॉक्ड चैट्स' फीचर तेजी से रोलआउट किया जा रहा है. यह वेब वर्जन, मैक और विंडोज के डेस्कटॉप ऐप्स के साथ-साथ एंड्रॉइड और iOS के मोबाइल ऐप्स पर भी उपलब्ध हो रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि यह फीचर लगभग सभी तरह के प्लान्स के यूजर्स को मिलेगा. चाहे आप ChatGPT Free का इस्तेमाल कर रहे हों या फिर Go, Plus, Pro, Business, Enterprise और Edu प्लान पर हों, आप इसका पूरा मजा ले सकेंगे. हालांकि कंपनी ने कंफर्म किया है कि ChatGPT for Healthcare प्लान वाले यूजर्स को यह लॉक ऑप्शन नहीं मिलेगा.
इसके अलावा आप हर चीज को लॉक नहीं कर पाएंगे. उदाहरण के लिए, आप टेम्परेरी चैट्स, आर्काइव की गई चैट्स, ग्रुप चैट्स या किसी शेयर किए गए लिंक से शुरू हुई बातचीत को लॉक नहीं कर सकते. जिन चैट्स में कोई शेड्यूल टास्क या मीटिंग रिकॉर्डिंग जुड़ी होगी, उन पर भी यह ताला काम नहीं करेगा. क्योंकि कंपनी ने इसे अभी हाल ही में रोलआउट करना शुरू किया है, इसलिए हो सकता है कि आपके अकाउंट तक यह फीचर पहुंचने में कुछ दिनों का वक्त लग जाए.