फ्लाइट्स में अचानक बैन हुए ये खास पावरबैंक, DGCA ने जारी किया आदेश; सफर से पहले चेक कर लें अपना डिवाइस
दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावरबैंक फटने की घटना के बाद DGCA ने बड़ा एक्शन लिया है. विमानन नियामक ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक खास मॉडल के पावरबैंक पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
जब भी हम कहीं लंबे सफर पर निकलते हैं, तो मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने की चिंता जरूर होती है. ऐसे में लोग पॉवर बैंक का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर आप भी फ्लाइट से सफर करते हैं और साथ में पॉवर बैंक लेकर चलते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. कुछ दिनों पहले दिल्ली से चेन्नई जा रही एक फ्लाइट के अंदर एक पावरबैंक में अचानक आग लग गई. इस हादसे से सरकार और एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है. इस खतरनाक हादसे के बाद देश के विमानन नियामकने एक खास पावरबैंक मॉडल पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है. आइए जानते हैं कौन सी है वो पॉवरबैंक, जिसे अब आप फ्लाइट में नहीं लेकर जा सकते हैं.
इस मॉडल के पावरबैंक पर लगा बैन
नागर विमानन महानिदेशालय यानी DGCA ने एक खास मॉडल के पावरबैंक को भारत में आने जाने वाली और देश के अंदर चलने वाली सभी उडानों में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. DGCA ने MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल के पावरबैंक को लेकर सख्त आदेश जारी किया है. इसके तहत यात्री इस पावरबैंक को अपने साथ विमान में नहीं ले जा सकेंगे. सिर्फ यही नहीं, एयरलाइंस को इसे कार्गो के रूप में भी विमान में ले जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं.
पूरा मामला रविवार को सामने आया, जब दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo की एक फ्लाइट को पावरबैंक से जुड़ी आग की घटना के बाद हैदराबाद की तरफ डायवर्ट करना पडा. घटना के बाद DGCA चीफ वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को इस खास मॉडल पर रोक लगाने और यात्रियों को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया.
यात्रियों को क्या करना होगा?
DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि वे प्रतिबंधित पावरबैंक की पहचान करें और यह तय करें कि कोई यात्री इसे फ्लाइट के अंदर न ले जाए. एयरलाइंस को यात्रियों तक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए भी निर्देश दिया गया है. खास बात यह है कि यह रोक सभी पावरबैंक पर नहीं लगाई गई है. फिलहाल यह रोक सिर्फ MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर लगाया गया है. इसलिए यात्रा से पहले अपने पावरबैंक का मॉडल नंबर जरूर चेक कर लें. अगर आपके पास यही मॉडल का पॉवरबैंक है, तो इसे बिल्कुल भी फ्लाइट के अंदर न ले जाएं.
फ्लाइट में पावरबैंक इस्तेमाल करने के भी नियम
DGCA पहले से ही लिथियम आयन बैटरी और पावरबैंक को लेकर सेफ्टी से जुड़े नियम लागू कर चुका है. मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, पावरबैंक और अतिरिक्त बैटरियों को सिर्फ हैंड बैगेज में रखा जा सकता है. इन्हें चेक इन किए जाने वाले सामान में रखने की परमिशन नहीं है. साथ ही, पावरबैंक को फ्लाइट के ऊपर बने सामान रखने वाले केबिन में रखने पर भी रोक है. इन नियमों के तहत यात्री फ्लाइट के दौरान पावरबैंक से अपने मोबाइल फोन या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज नहीं कर सकते. विमान में सीट के पास लगे पावर आउटलेट के जरिए पावरबैंक चार्ज करने की भी परमिशन नहीं है.
एयरलाइंस को इन नियमों के बारे में यात्रियों को जागरूक करने और केबिन क्रू को बैटरी से जुड़ी घटनाओं से निपटने की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं. लिथियम बैटरी में आग लगने या खराबी आने जैसी घटनाओं की जानकारी DGCA को देना भी जरूरी है.
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डिवाइस गर्म हो या धुआं निकले तो क्या करें?
अगर फ्लाइट में आपका मोबाइल, पावरबैंक या कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अचानक गर्म होने लगे, उसमें से धुआं निकले या अजीब गंध आने लगे, तो इसकी जानकारी तुरंत केबिन क्रू को दें. ऐसी स्थिति को इग्नोर करने पर बड़ा बादसा हो सकता है.
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