Explained: किसने चली शतरंज वाली चाल, कौन कर गया सबसे बड़ी गलती? WPL 2027 Auction की इनसाइड स्टोरी
WPL 2027 मिनी ऑक्शन में यूपी वॉरियर्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स ने अपनी टीम तैयार की. आइए एक नजर डालते हैं कि किस टीम ने शतरंज वाली चाल चली है और किसने सबसे बड़ी चूक की है.
महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 सीजन के लिए पांचों फ्रेंचाइजी ने अपनी-अपनी टीमों को मजबूत करने की कोशिश की है. कोच्चि में हुए मिनी ऑक्शन में खाली पड़े 27 खिलाड़ियों के स्लॉट्स में से 25 खिलाड़ियों को खरीदा गया. इन खिलाड़ियों पर कुल 6.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए. नीलामी में सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने की उम्मीद यूपी वॉरियर्स से थी, क्योंकि उसके पास सबसे बड़ा पर्स और भरने के लिए आठ स्थान थे. यूपी वॉरियर्स ने उम्मीद के मुताबिक जमकर खरीदारी की. दूसरी ओर, सीमित बजट के साथ उतरी मुंबई इंडियंस ने समझदारी से पैसे खर्च किए और ज्यादातर खिलाड़ियों को बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया.
अब सभी टीमों का स्क्वॉड लगभग तैयार है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि किस फ्रेंचाइजी ने नीलामी में सही खिलाड़ियों को चुनकर बाजी मारी और किसकी रणनीति में कमी रह गई. WPL 2027 मिनी ऑक्शन के लिए कुल 150 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 72 खिलाड़ियों के नाम नीलामी में पेश किए गए, जबकि 78 खिलाड़ियों का नाम पुकारा ही नहीं गया. नीलामी में शामिल 72 खिलाड़ियों में से 47 को कोई खरीदार नहीं मिला. इस तरह कुल 25 खिलाड़ी बिके और खिलाड़ियों की बिक्री का प्रतिशत 34.7 रहा.
WPL 2027 Auction की इनसाइड स्टोरी
नीलामी में ज्यादातर खिलाड़ियों को उनके बेस प्राइस पर खरीदा गया. कुल 25 में से 22 खिलाड़ियों को उनकी निर्धारित शुरुआती कीमत पर ही टीमों ने अपने साथ जोड़ा. सिर्फ तीन खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस से ज्यादा बोली लगी. इन खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू, भारत की किरण नवगिरे और श्वेता सहरावत शामिल हैं. सोफी मोलिन्यू का बेस प्राइस 50 लाख रुपये था, लेकिन यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा. दिल्ली कैपिटल्स ने किरण नवगिरे के लिए 75 लाख रुपये खर्च किए, जबकि उनका बेस प्राइस 40 लाख रुपये था. मुंबई इंडियंस ने श्वेता सहरावत को 20 लाख रुपये में खरीदा. उनका बेस प्राइस 10 लाख रुपये था.
25 प्लेयर्स खरीदी गईं
इस मिनी ऑक्शन में ऑलराउंडर्स फ्रेंचाइजी की पहली पसंद रहे. कुल खरीदी गईं 25 खिलाड़ियों में से 13 ऑलराउंडर थीं. यानी कुल खरीदारी में उनकी हिस्सेदारी 52 प्रतिशत रही. इसके अलावा टीमों ने सात बल्लेबाज, तीन स्पेशलिस्ट गेंदबाज और दो विकेटकीपर भी खरीदे. इससे साफ है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रही हैं, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देकर टीम को संतुलन दे सकें.
किसने चली शतरंज वाली चाल?
यूपी वॉरियर्स नीलामी में 3.75 करोड़ रुपये के सबसे बड़े पर्स के साथ उतरी थी. इस टीम ने अपने आठ खाली स्थान भरने के लिए 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए. दूसरी ओर, मुंबई इंडियंस ने छह खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सिर्फ 70 लाख रुपये खर्च किए. इस तरह मुंबई ने प्रति खिलाड़ी औसतन करीब 11.7 लाख रुपये खर्च किए और सबसे किफायती खरीदारी करने वाली टीम बनी.
सभी फ्रेंचाइजी के उपलब्ध बजट में से कुल 1.90 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए. यूपी वॉरियर्स के पास नीलामी खत्म होने के बाद भी 1.15 करोड़ रुपये बचे थे, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा थे. WPL में हर टीम अधिकतम 18 खिलाड़ियों को अपने स्क्वॉड में रख सकती है. पांच में से तीन फ्रेंचाइजी ने अपने स्क्वॉड पूरे कर लिए. वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स 17-17 खिलाड़ियों के साथ रुक गईं. दोनों टीमों के पास एक और खिलाड़ी खरीदने के लिए जरूरी न्यूनतम 10 लाख रुपये उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में उन्हें अपने मौजूदा खिलाड़ियों के साथ ही आगे की रणनीति बनानी होगी.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पास नीलामी से पहले ही एक मजबूत कोर मौजूद था. स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, नादिन डी क्लर्क, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव और जॉर्जिया वॉल जैसी खिलाड़ियों के साथ टीम का आधार मजबूत था. एलिस पैरी की वापसी ने भी टीम की ताकत बढ़ाई. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने ऑक्शन में जरूरत के मुताबिक खिलाड़ियों को चुना और बड़ी बोली लगाने के बजाय संतुलित टीम बनाने पर ध्यान दिया.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जेस जोनासन को 40 लाख रुपये, क्लो ट्रायन को 30 लाख रुपये, तेजल हसबनीस को 30 लाख रुपये और वृंदा दिनेश को 10 लाख रुपये में खरीदा. जहां जोनासन और ट्रायन मिडिल ऑर्डर में पावर और टीम चयन में ज्यादा लचीलापन देंगी, वहीं हसबनीस उनकी भारतीय बल्लेबाजी यूनिट के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकती हैं. वृंदा दिनेश के आने से टीम की बल्लेबाजी और गहरी हुई है.
RCB ने किन 4 खिलाड़ियों को खरीदा?
1. जेस जोनासन - 40 लाख रुपये
2. क्लो ट्रायन - 30 लाख रुपये
3. तेजल हसबनीस - 30 लाख रुपये
4. वृंदा दिनेश - 10 लाख रुपये
दिल्ली कैपिटल्स
दिल्ली कैपिटल्स के सामने नीलामी से पहले विकेटकीपिंग का अहम सवाल था. टीम के पास ममता मडिवाला ही विकेटकीपिंग का विकल्प थीं. लिजेल ली के टीम से जाने के बाद उम्मीद थी कि दिल्ली किसी ऐसी विकेटकीपर-बल्लेबाज को चुनेगी, जो बल्लेबाजी में भी ताकत बढ़ा सके. हालांकि, फ्रेंचाइजी ने इस जरूरत को प्राथमिकता देने के बजाय दूसरे खिलाड़ियों पर दांव लगाया. कर्स्टी गॉर्डन के आने से दिल्ली के बॉलिंग अटैक में नए विकल्प जुड़ेंगे.
एसोसिएट देश की खिलाड़ी होने के कारण वह टीम को विदेशी खिलाड़ियों के चयन में अतिरिक्त लचीलापन भी दे सकती हैं. उमा काशवी और नाजमा खान से भी टीम को गेंदबाजी में विविधता मिलने की उम्मीद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल विकेटकीपिंग को लेकर है. क्या किरण नवगिरे पर 75 लाख रुपये खर्च करना सही फैसला था. अगर दिल्ली को विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों में संतुलन बनाने में परेशानी हुई, तो पूरे टूर्नामेंट में उसकी प्लेइंग इलेवन प्रभावित हो सकती है.
दिल्ली कैपिटल्स ने किन 4 खिलाड़ियों को खरीदा?
1. किरण नवगिरे -75 लाख रुपये
2. उमा काशवी -10 लाख रुपये
3. कर्स्टी गॉर्डन -10 लाख रुपये
4. नाजमा खान - 10 लाख रुपये
मुंबई इंडियंस
WPL 2027 मिनी ऑक्शन से पहले ही मुंबई इंडियंस के पास एक मजबूत स्क्वॉड था. उन्होंने बहुत समझदारी से खर्च किया. उनका फोकस एक-दो बड़े खिलाड़ियों को लेने के बजाय अपने स्क्वॉड को गहराई देने पर था. श्वेता सहरावत, दिशा कसाट, लतिका इनामदार, भारती रावल, सानिका चलके और अक्षिता भगत के आने से उन्हें वह बैकअप मिल गया है जिसकी उन्हें तलाश थी, लेकिन कामलिनी को रिलीज करने के बाद, अब उनके पास विकेटकीपिंग के लिए केवल फिरदौस और इनामदार ही विकल्प हैं, जिससे इस विभाग में उन्हें अनुभव की कमी का सामना करना पड़ सकता है.
मुंबई इंडियंस ने किन 6 खिलाड़ियों को खरीदा?
1. श्वेता सहरावत - 20 लाख रुपये
2. दिशा कसाट - 10 लाख रुपये
3. लतिका इनामदार - 10 लाख रुपये
4. भारती रावल - 10 लाख रुपये
5. सानिका चलके - 10 लाख रुपये
6. अक्षिता भगत - 10 लाख रुपये
गुजरात जायंट्स
महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 के ऑक्शन में गुजरात जायंट्स सबसे संतुलित स्क्वॉड के साथ उतरे थे. उनकी टीम में हर तरह के खिलाड़ी मौजूद थे और केवल तीन जगहें खाली थीं. गुजरात जायंट्स ने जी. कामलिनी को 40 लाख रुपये, ओर्ला प्रेंडरगास्ट को 30 लाख रुपये और समायरा राघव को 10 लाख रुपये में खरीदा. गुजरात जायंट्स के सामने खिलाड़ियों की अधिकता वाली समस्या आ सकती है.
अब उनके पास टॉप-ऑर्डर कीपर-बल्लेबाज के रूप में कामलिनी हैं, जबकि बेथ मूनी पहले से ही यह भूमिका निभा रही हैं. टीम के पहले से तय विदेशी खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन को देखते हुए, ओर्ला प्रेंडरगास्ट जैसी ऑलराउंडर को शायद अपना ज्यादातर समय बेंच पर ही बिताना पड़े. यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी टीम के चयन से जुड़ी इस उलझन को कैसे सुलझाते हैं और सीजन के दौरान अपनी फाइनल 11 खिलाड़ियों की टीम कैसे तय करते हैं.
गुजरात जायंट्स ने किन 3 खिलाड़ियों को खरीदा?
1. जी. कामलिनी - 40 लाख रुपये
2. ओरला प्रेंडरगास्ट - 30 लाख रुपये
3. समायरा राघव - 10 लाख रुपये
यूपी वॉरियर्स
यूपी वॉरियर्स के लिए यह नीलामी सबसे महत्वपूर्ण थी. यूपी वॉरियर्स टीम के पास सबसे बड़ा बजट था और उसे आठ खिलाड़ियों की जरूरत थी. फ्रेंचाइजी ने अपने सभी खाली स्थान भरने के लिए कुल 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए. यूपी वॉरियर्स की सबसे बड़ी खरीद सोफी मोलिन्यू रहीं, लेकिन उनके सेलेक्शन पर सवाल भी उठ सकता है, क्योंकि टीम के पास पहले से सोफी एक्लेस्टोन जैसी प्रमुख विदेशी स्पिनर मौजूद हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम दोनों खिलाड़ियों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में जगह देती है या किसी एक को बाहर बैठना पड़ता है.
ग्रेस हैरिस के आने से मिडिल ऑर्डर को वह आक्रामकता मिल सकती है, जिसकी कमी टीम को पिछले सीजन में महसूस हुई थी. सुषमा वर्मा भी उपयोगी विकल्प हैं, क्योंकि वह विकेटकीपिंग करने के साथ पारी की शुरुआत कर सकती हैं. कैथरीन ब्राइस के जुड़ने से टीम को विदेशी खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन में अतिरिक्त लचीलापन मिलेगा. वहीं, स्नेह राणा और आशा शोभना के अनुभव से गेंदबाजी आक्रमण मजबूत होने की उम्मीद है. यूपी वॉरियर्स ने कई विभागों में विकल्प जुटाए हैं, लेकिन विदेशी खिलाड़ियों का सही कॉम्बिनेशन चुनना और खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के अनुसार मौका देना उसकी सबसे बड़ी चुनौती होगी.
यूपी वॉरियर्स ने किन 8 खिलाड़ियों को खरीदा?
1. सोफी मोलिन्यू - 1.10 करोड़ रुपए
2. ग्रेस हैरिस - 30 लाख रुपए
3. स्नेह राणा - 30 लाख रुपए
4. सुषमा वर्मा - 30 लाख रुपए
5. आशा शोभना - 30 लाख रुपए
6. कैथरीन ब्राइस - 10 लाख रुपए
7. मानाली दक्षिणी - 10 लाख रुपए
8. सहाना पवार - 10 लाख रुपए