वैभव सूर्यवंशी को हुआ क्या? लगातार बेंच पर बैठने से हिला आत्मविश्वास! फील्डिंग में सुस्त, बल्ले से भी फुस्स
वैभव सूर्यवंशी बेबाक हैं... आक्रामक हैं, लेकिन ये भी सच है कि फिलहाल दबाव महसूस कर रहे हैं. लगातार 6 मैचों में बेंच पर बैठने का प्रेशर उनके चेहरे पर दिखा. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्होंने फील्डिंग में गलती की और बल्ले से भी फ्लॉप हुए.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच T20I सीरीज जारी है. शनिवार (24 अक्टूबर) को क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे मुकाबले को टीम इंडिया ने 4 विकेट से जीत लिया. पहले मैच में भी श्रेयस अय्यर एण्ड कंपनी ने बाजी मारी थी. 5 मैचों की शृंखला में भारत 2-0 से आगे है. 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए आखिरकार प्लेइंग इलेवन का दरवाजा खुल गया. हालांकि, ये दरवाजा ईशान किशन के चोटिल होने की वजह से खुला, क्योंकि वैभव टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद नहीं थे. इससे पहले लगातार 6 मैचों में उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा. कहीं ना कहीं इसका बुरा असर 15 साल के खिलाड़ी पर दिखाई दे रहा है.
वैभव सूर्यवंशी बेबाक हैं... आक्रामक हैं, लेकिन ये भी सच है कि फिलहाल दबाव महसूस कर रहे हैं. ये दबाव लगातार नजरअंदाज किए जाने का है और खुद को साबित करने का है. इसका असर उनकी फील्डिंग पर भी दिखा. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मैच में उनसे मैदान पर 2-3 मिस फील्ड हुई. उनकी गलती के कारण ओवर थ्रो में एक रन का नुकसान भी हुआ.
हिल गया है वैभव का आत्मविश्वास?
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में जब वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरे तो उनमें आत्मविश्वास की कमी दिख रही थी. वो दबाव में दिखे. फील्डिंग में 1-2 गलतियां की, जिसपर संजू सैमसन और गेंदबाज अर्शदीप सिंह थोड़े गुस्से में भी दिखे. वैभव अभी काफी युवा हैं, इसलिए इन गलतियों पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने ज्यादा रिएक्ट नहीं किया, जो सही भी है. उसके बाद वैभव नंबर-3 पर बैटिंग करने आए जो उनका नेचुरल पोजीशन नहीं है.
वैभव सूर्यवंशी पहली गेंद से अटैक करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन नंबर-3 पर वो थोड़े बंधे हुए दिखे. स्कोरबोर्ड और पिच को अपने दिमाग में ज्यादा घुसा लिया और इस चक्कर में 8 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए. कहीं ना कहीं उनका आत्मविश्वास हिल गया है.
टीम मैनेजमेंट से हो रही गलती?
भारत की टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी के लिए दरवाजा तो खोल दिया गया है, लेकिन उनके रेगुलर मौके नहीं मिल रहे हैं. इसका दबाव 15 साल के खिलाड़ी पर दिख रहा है. वो अब हर मौके को भुनाने की कोशिश करेंगे, जो करना भी उचित है, लेकिन इस चक्कर में खुद पर हद से ज्यादा दबाव लेने का भी डर है... जिसका शिकार वो आज बने. उम्मीद करेंगे कि अगले तीनों मैचों में भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिले, ताकि वो खुद को ये बता सकें कि वो इन मौके के हकदार हैं.
विश्वास से भरा वैभव विरोधियों के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है, लेकिन आत्मविश्वास की कमी हुई तो वो खुद के दुश्मन बन जाएंगे. टीम मैनेजमेंट को इसपर विचार करने की जरूरत है.वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए अब तक 9 टी20 खेले हैं और पहली बार दहाई का आंकड़ा नहीं पार सके. उन्होंने 9 पारियों में 178.57 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल है.