कैच छूटा और गुस्सा फूटा: शेफाली वर्मा ने लाइव मैच में ऐसा क्या कर दिया? आईसीसी ने सुना दी बड़ी सजा
आईसीसी ने शेफाली वर्मा के खिलाफ एक्शन लेते हुए उनके खाते में एक डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ दिया. शेफाली ने दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भारत को जीत दिलाई थी. वह मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच बनी थीं.
भारतीय महिला टी20 टीम की उपकप्तान शेफाली वर्मा के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बड़ा फैसला किया है. शेफाली ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान कुछ ऐसी हरकत की है, जो आईसीसी को पसंद नहीं आई. रायपुर में रविवार (18 अक्टूबर) को खेले गए मैच में भारत ने 9 विकेट से जीत हासिल की थी. उसने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की थी. मैच के बाद आईसीसी ने शेफाली के खिलाफ एक्शन लिया और उन्हें चेतावनी दे दी.
शेफाली ने मैच के दौरान गुस्से में गेंद को फेंका था. उनकी हरकत अंपायरों और मैच रेफरी को पसंद नहीं आई. 22 वर्षीय इस खिलाड़ी को आईसीसी आचार संहिता के 'लेवल 1' का दोषी पाया गया. मैच की बात करें तो जिम्बाब्वे की टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 102 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने 8.5 ओवर में एक विकेट पर 104 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया. शेफाली ने 25 गेंद पर 55 रन की शानदार पारी खेली. अपनी पारी में 6 चौके और 4 छक्के लगाए. इससे पहले गेंदबाजी में उन्होंने एक ओवर में 7 रन दिए. वह कोई विकेट नहीं ले पाई थीं.
शेफाली को क्यों आया था गुस्सा?
जिम्बाब्वे की पारी के 12वें ओवर में श्री चरणी गेंदबाजी कर रही थीं. उस समय शेफाली मिड ऑफ पर फील्डिंग कर रही थीं. जिम्बाब्वे की बल्लेबाज चिपो मुगेरी तिरिपानो ने शेफाली की शॉट मारा और वह कैच नहीं पकड़ पाईं. इसके बाद शेफाली नाराज हो गईं. उन्होंने गेंद को जोर से जमीन पर दे मारा. अंपायरों को उनकी हरकत पसंद नहीं आई और मैच रेफरी से उनकी शिकायत की गई.
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शेफाली ने आईसीसी के किस नियम को तोड़ा?
शेफाली ने गेंद को जमीन पर मारकर आईसीसी द्वारा बनाए गए नियम आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया. यह नियम इंटरनेशनल क्रिकेट मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़े या मैदान के सामान के दुरुपयोग से संबंधित है. इसके उल्लंघन के बाद शेफाली के खाते में एक डिमेरिट प्वॉइंट जोड़ दिया गया है. यह 24 महीनों में शेफाली का पहला अपराध है. उन्होंने गलती स्वीकार की और आईसीसी द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया. इस कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.