रणजी में विवाद का विस्फोट: कानूनी पचड़े में फंसा अरुणाचल, मैदान पर उतरे बिना मिली हार, देखता रह गया BCCI
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में अरुणाचल प्रदेश की टीम को प्रशासनिक विवाद के कारण नागालैंड के खिलाफ अपना पहला मुकाबला गंवाना पड़ा. क्रिकेट के लिए यह बहुत ही शर्मनाक पल है.
रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन की शुरुआत आज से हो चुकी है. रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के पहले ही दिन एक बड़ा बवाल देखने को मिला है. अरुणाचल प्रदेश ने नागालैंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी प्लेट (2026-27) का अपना पहला मुकाबला बिना खेले ही गंवा दिया है. दरअसल, यह समस्या दो विरोधी गुटों के बीच विवाद और गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में लंबित एक मामले के कारण पैदा हुई. इस विवाद का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है.
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के बीच आज यानी 11 अक्टूबर को रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का मैच होना था, लेकिन स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक संकट के कारण अरुणाचल प्रदेश की टीम इस मैच में हिस्सा नहीं ले सकी और उसे मुकाबला गंवाना पड़ा. यह मामला सिर्फ रणजी ट्रॉफी तक सीमित नहीं है. इससे पहले अरुणाचल प्रदेश की अंडर-19 टीम भी गुरुवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी का मुकाबला खेलने के लिए मैदान पर नहीं उतरी थी. लगातार दो टूर्नामेंट्स में अरुणाचल प्रदेश टीम के नहीं खेलने से राज्य क्रिकेट व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
रणजी में विवाद का विस्फोट
अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ में विवाद दो गुटों के बीच टकराव से शुरू हुआ. पिछले महीने संघ के चुनाव हुए थे, जिसमें नबाम विवेक को अध्यक्ष चुना गया. हालांकि, इसके बाद कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच का रुख किया. इस मामले में हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है, जिससे BCCI को एक स्वतंत्र चयन पैनल बनाने के लिए दखल देने से रोक दिया गया है, जैसा कि उसने बिहार के मामले में किया था.
कानूनी पचड़े में फंसा अरुणाचल
कानूनी विवाद के कारण राज्य क्रिकेट संघ में फैसले लेने वाली व्यवस्था प्रभावित हुई है. ऐसे में टीम के चयन और मैचों में भागीदारी को लेकर जरूरी निर्णय नहीं हो पा रहे हैं. चल रहे विवाद के कारण एसोसिएशन के पास टीम चयन पर फैसला लेने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, 'कोर्ट का स्टे ऑर्डर है और BCCI दखल नहीं दे सकता. राज्य संस्था को चलाने वाला कोई नहीं है. जब तक कोर्ट से मंज़ूरी नहीं मिलती, हम कुछ नहीं कर सकते.'
राज्य टीम को किया जा सकता है सस्पेंड
पिछले सीजन में अरुणाचल प्रदेश अपने सभी पांचों मैच हारकर प्लेट ग्रुप स्टैंडिंग में सबसे नीचे रहा था. प्लेट ग्रुप में नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के साथ मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और सिक्किम भी शामिल हैं. नियमों के तहत, मैच छोड़ने के कारण राज्य टीम को बाकी सीजन के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. जहां नागालैंड की टीम मैच के लिए अहमदाबाद पहुंच चुकी थी, वहीं अरुणाचल के खिलाड़ी शुक्रवार शाम तक अपनी भागीदारी की पुष्टि का इंतजार कर रहे थे.
खिलाड़ियों का करियर दांव पर
अरुणाचल के पूर्व कप्तान कामशा यांगफो ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा, 'हमें मामले की कानूनी बारीकियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन अगर हम इस सीज़न में नहीं खेल पाए, तो कई खिलाड़ियों का करियर प्रभावित होगा.' यांग्फो ने आगे कहा, 'यह पहली बार है जब हमें ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा है, इसलिए हमें नहीं पता कि आगे क्या करना है या किससे संपर्क करना है. फिलहाल, हमें बस इतना पता है कि हम कम से कम पहला मैच तो नहीं खेल रहे हैं.' अरुणाचल की टीम रविवार, 18 अक्टूबर से नडियाद के गोकुलभाई सोमभाई पटेल स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी का अपना दूसरा मैच सिक्किम के खिलाफ खेलेगी.