Analysis: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखना क्या सही था? एक्सपर्ट से जानिए चौथे टी20 में हार की अंदरूनी कहानी
न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम की गेंदबाजी, वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI से बाहर रखने और नीतीश रेड्डी के प्रदर्शन पर वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सजवान ने अपनी बेबाक राय रखी है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में शुरुआत के लगातार तीन मैच जीतने के बाद टीम इंडिया को चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में हार का सामना करना पड़ा है. ऑकलैंड के ईडन पार्क में शुक्रवार को खेले गए चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में कीवी टीम ने भारत को 87 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया. न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 259 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर बना दिया. जवाब में भारतीय टीम 260 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी, लेकिन 20 ओवर में 9 विकेट पर 172 रन ही बना पाई.
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस एक हार से टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्लेइंग इलेवन में सेलेक्शन से लेकर बल्लेबाजों और गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन ने चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में टीम इंडिया की लुटिया डुबोने का काम किया है. 15 साल के टैलेंटेड युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अचानक भारत की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया जाता है, जबकि तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए महज 19 गेंद पर 236.84 की स्ट्राइक रेट से 45 रन ठोक दिए थे.
वैभव सूर्यवंशी के साथ नाइंसाफी हुई?
वैभव सूर्यवंशी ने इस दौरान 4 चौके और 4 छक्के उड़ाए थे. वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने मिलकर 7 ओवर में ही 199 रन बोर्ड पर लगा दिए थे. भारत ने यह मैच 40 गेंद बाकी रहते ही 6 विकेट से जीता था. चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी के साथ नाइंसाफी हुई और उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर करके विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को मौका दिया गया. न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत के सभी गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन की हो रही है.
फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी जिन्हें हार्दिक पांड्या का विकल्प मानकर भारतीय टीम में लगातार मौके मिल रहे हैं, वह बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए हैं. नीतीश कुमार रेड्डी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में 4 ओवर में 64 रन लुटा दिए. इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 16 का रहा है. नीतीश कुमार रेड्डी को भले ही एक विकेट मिला, लेकिन उन्होंने भारत को मैच हरवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सजवान की Zee News के साथ खास बातचीत
नीतीश कुमार रेड्डी के अलावा मयंक यादव (4 ओवर में 64 रन देकर 3 विकेट), प्रिंस यादव (4 ओवर में 49 रन देकर 1 विकेट), अक्षर पटेल (3 ओवर में 43 रन देकर 1 विकेट) और नमन धीर (1 ओवर में 16 रन देकर 0 विकेट) ने भी बेहद खराब गेंदबाजी की है. वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सजवान ने Zee News के साथ खास बातचीत में न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत की हार और सेलेक्शन में चूक आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की है.
प्रश्न 1: पिछले मैच में शानदार बल्लेबाजी करने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले से बाहर रखने का फैसला कितना सही था?
उत्तर: वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सजवान ने कहा, 'पिछले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 45 रन बना कर अपनी उपयोगिता साबित की, लेकिन शायद टीम प्रबंधन चोट से वापस लौटे ईशान किशन के दमखम और फिटनेस को परखना चाहता था. वह खाता नहीं खोल पाए. ऐसा होता है. बात का बतंगड़ बनाना भी ठीक नहीं है.'
प्रश्न 2: भारतीय गेंदबाजी यूनिट इस मैच में पूरी तरह बेअसर दिखी और 259 रन लुटा दिए. डेथ ओवरों और पावरप्ले में अनुशासनहीन गेंदबाजी की मुख्य वजह क्या रही?
उत्तर: राजेंद्र सजवान ने कहा, 'बेशक, भारतीय गेंदबाजी की धार कुंद नजर आई, जिसका ग्लेन फिलिप्स ने भरपूर लुत्फ उठाया और मात्र 49 गेंदों पर 107 रन ठोंक डाले. 20 ओवरों में 259 रन इसलिए बने क्योंकि नीतिश रेड्डी, मयंक यादव, प्रिंस यादव, अर्श दीप, अक्षर पटेल और नमन धीर की जम कर कुटाई हुई. उनकी गेंदबाजी पुरी तरह बेअसर रही.'
प्रश्न 3: एक अतिरिक्त बल्लेबाज या ऑलराउंडर को शामिल करने के चक्कर में क्या टीम में फ्रंटलाइन और अनुभवी स्पिनर की कमी खल रही है?
उत्तर: राजेंद्र सजवान ने कहा, 'बेशक, अतिरिक्त बल्लेबाजी से गेंदबाजी विभाग कमजोर हुआ. इसे गलत फहमी कह सकते हैं. टीम प्रबंधन गेंदबाजी और बल्लेबाजी विभागों में तालमेल बैठाने में पूरी तरफ फ्लॉप साबित हुआ.'
प्रश्न: 4. नीतीश कुमार रेड्डी पर इतना भरोसा क्यों? उन्होंने आज 4 ओवर में 64 रन दे दिए और बल्ले से भी लगातार फेल रहे हैं?
उत्तर: सजवान ने कहा, 'नीतिश रेड्डी को एक हरफ़नमौला के रूप में आजमाना ठीक है लेकिन वह उम्मीद पर खरे नहीं उतर पाए . ऐसे में आलोचना स्वाभाविक है. 64 रन देना और 10 गेंदों पर मात्र 21 रन बनाना उन्हें खलनायक बनाता है.'
प्रश्न 5: कप्तान श्रेयस अय्यर न्यूजीलैंड में पहले मैच में 45 रन बनाने के बाद से नाकाम रहे हैं. क्या बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को देखते हुए अय्यर पर भी लगातार दबाव बना हुआ है?
उत्तर: सजवान ने कहा, 'बेशक, श्रेयस अय्यर के पिछले प्रदर्शन शानदार रहे हैं, लेकिन आज के खेल ने बाकी के लिए दरवाजे खोल दिए हैं और टीम प्रबंधन को फिर से सोचने के लिए विवश किया होगा. कप्तान होने के मायने हैं कि आपको खुद का उदाहरण भी पेश करना होता है.