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12 साल बाद बृहस्पति का महागोचर: 6 राशियों को लॉटरी जैसा बंपर लाभ, 3 राशियों के लिए खेल बिगाड़ रहे शनि!

साल 2026 के सबसे बड़े गोचर में से एक देवगुरु बृहस्‍पति 31 अक्‍टूबर 2026 को होने जा रहे हैं. अतिचारी गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. जहां पहले से केतु विराजमान हैं. इस तरह गुरु-केतु की युति बनेगी. ज्‍योतिषाचार्य से जानिए इसका सभी 12 राशियों पर क्‍या असर होगा.

12 साल बाद बृहस्पति का महागोचर: 6 राशियों को लॉटरी जैसा बंपर लाभ, 3 राशियों के लिए खेल बिगाड़ रहे शनि!
Image Credit: अतिचारी गुरु के सिंह में प्रवेश का सभी 12 राशियों पर असर. (Photo:Ai)

12 साल बाद देवगुरु बृहस्‍पति ग्रहों के राजा सूर्य की राशि सिंह में आ रहे हैं. साथ ही गुरु अतिचारी हैं, यानी कि तेज गति से गोचर कर रहे हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 अक्‍टूबर 2026 की दोपहर 12:50 बजे गुरु सिंह राशि में गोचर करेंगे. इससे ध्‍वज योग बनेगा, क्‍योंकि सिंह राशि में गुरु और केतु की युति होगी. साल 2026 में यह तीसरा मौका है जब गुरु गोचर कर रहे हैं. इससे पहले साल की शुरुआत में गुरु मिथुन राशि में आए, फिर साल के बीच में कर्क राशि में आए और अब सिंह राशि में आ रहे हैं, इसके पीछे वजह गुरु की अतिचारी चाल है, वरना गुरु ग्रह 1 साल में राशि परिवर्तन करने वाले ग्रह हैं.

ज्ञान, गुरु, सुख, सौभाग्‍य और यश देने वाले शुभ ग्रह गुरु का अतिचारी चाल से गोचर करना और उससे बना ध्‍वज योग किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ फल देगा, बता रहे हैं ज्‍योतिषाचार्य आचार्य विक्रमादित्‍य.

गुरु गोचर का राशियों पर शुभ असर

1. वृष राशि : गुरु अच्‍छा योग बना रहे हैं. आपको सम्‍मान मिलेगा, ऊंचा पद मिलेगा. रुके हुए काम तेजी से बनाएगा. संपत्ति संबंधी कोई महत्‍वपूर्ण हो सकता है. विवाह के योग बन रहे हैं.

2. सिंह राशि : सिंह राशि में ही गुरु आ रहे हैं, इसलिए सबसे बड़ा परिवर्तन इस राशि वालों की जिंदगी में हो सकता है. लंबे समय से जो नुकसान, परेशानियां झेल रहे थे, उनमें कमी आएगी. पद, सम्‍मान मिलेगा. शादी योग्‍य लोगों का रिश्‍ता हो सकता है. संतान हो सकती है. लॉटरी खुलने जैसे योग हैं. लेकिन इस समय में अहंकार या ईगो रखना भारी पड़ सकता है.

3. कन्‍या राशि : धन प्राप्‍त होने के योग हैं. साथ ही नया पद मिल सकता है. खान-पान में परहेज रखें. आपकी वाणी और ओवर कॉन्फिडेंस किसी मामले में फंसा सकती है.

4. तुला राशि : सोया भाग्‍य जागने का समय आ गया है. इतनी उन्‍नति, पैसा, पद और सम्‍मान मिलेगा कि हो सकता है कि आप अपने आगे किसी को कुछ न समझें. ऐसी स्थिति में अपने गुस्‍से पर काबू रखें. आपके लाइफ पार्टनर के लिए आपका साथ शुभ फल देगा. उन्‍हें करियर-व्‍यापार में उन्‍नति मिल सकती है.

5. वृश्चिक राशि : आपके जीवन में सुख बढ़ेगा. फिर चाहे वह वाहन सुख हो, पारिवारिक सुख या नए मकान का सुख हो. कुल मिलाकर जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी. लेकिन इन सब पर खर्च करते हुए बचत की अनदेखी न करें. अपनी लिमिट क्रॉस न करें.

6. धनु राशि : अच्‍छे रास्‍ते खुलेंगे. आपकी बुद्धि विचार के द्वारा चमत्‍कार हो सकते हैं, यानी कि जितने अच्‍छे विचार रखेंगे उतना बड़ा लाभ होगा. वहीं अधर्म या गलत कामोंकी तरफ गए तो सब उल्‍टा हो जाएगा.

इन राशियों के लिए गुरु गोचर औसत  

मिथुन, कर्क और मकर राशियों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन बहुत अच्‍छे संकेत नहीं दे रहा है. बेहतर है आप खुद से और दूसरों से बहुत ज्‍यादा अपेक्षाएं न रखें. धैर्य रखें तो समय कट जाएगा.  

शनि की साढ़ेसाती के कारण बिगड़ेगा खेल

मेष राशि : गुरु अच्‍छे संकेत दे रहे हैं, लेकिन शनि की साढ़ेसाती का बुरा असर शायद उसका पूरा फायदा न मिलने दे. इसलिए आपके लिए जरूरी है कि शनि देव को मनाते चलें ताकि गुरु शुभ फल दें, वरना गुरु का शुभ असर कम हो जाएगा.

कुंभ राशि : आपके लिए भी गुरु की नजर से समय दिखने में अच्‍छा दिखता है, आपके लिए नए संबंध बनाने की नींव बनेगी, दोस्‍ती से लाभ मिलेगा. पर शनि की साढ़ेसाती के कारण सावधानी जरूरी है. वरना सर मुंडाते ही ओले पड़ने की स्थिति बन सकती है. आपको यह ध्‍यान रखना होगा कि हर सुंदर चीज सोना नहीं होती इसलिए उसे लेने से पहले जानकारी ले लेंगे.

मीन राशि : गुरु का गोचर कई मामलों में आपके लिए खराब साबित हो सकता है, क्‍योंकि शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण आप पर चल रहा है, जो सबसे ज्‍यादा मुश्किल माना जाता है. फिर भी उम्‍मीद बनाए रखें.

कब तक सिंह में रहेंगे गुरु?

31 अक्‍टूबर को सिंह राशि में आने के ग्ररु 25 जनवरी 2027 को वक्री चाल चलते हुए वापस कर्क राशि में आएंगे और इसके बाद 26 जून 2027 को फिर से सिंह राशि में आएंगे. जहां वह 26 नवंबर 2027 तक रहेंगे.  

(Disclaimer: यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं एवं ग्रह गोचर की व्याख्याओं पर आधारित है. साथ ही चंद्र राशि पर आधारित हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह गोचर का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.) 

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About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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