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शरद पूर्णिमा A to Z गाइड: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त से चांद की रोशनी में खीर रखने-खाने तक जानें हर डिटेल

शरद पूर्णिमा पर्व या कोजागरी 25 अक्‍टूबर 2026, रविवार यानी कि आज मनाया जाएगा. इस मौके पर रात को चांद की रोशनी में खीर रखने का सही समय क्‍या है, लक्ष्‍मी जी की पूजा कब करें, जानिए सारी डिटेल्‍स.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 25, 2026, 08:46 AM IST | Updated: Oct 25, 2026, 08:54 AM IST
Image Credit: शरद पूर्णिमा की रात खीर रखें लेकिन उसे खाएं अगले दिन सुबह. (Photo:AI)
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Sharad Purnima 2026 Muhurat Pooja Time kheer: 16 कलाओं से युक्‍त चंद्रमा की पूजा करने, उसकी रोशनी से बरसे अमृत का लाभ लेने और धन की देवी लक्ष्‍मी की कृपा पाने का पर्व शरद पूर्णिमा आज मनाया जाएगा. शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा ऐसा खास दिन है जो धन, समृद्धि, स्‍वास्‍थ्‍य, सुख-शांति सब कुछ पाने का मौका है. लेकिन कई बार लोगों को कंफ्यूजन हो जाता है कि खीर पूरी रात चांद की रोशनी में रखें या किसी निश्चित समय पर, खीर उसी रात को खाएं या अगले दिन, चंद्रमा और लक्ष्‍मी जी की पूजा कब कैसे करें. आइए जानते हैं इन सभी बातों के सही जवाब.

शरद पूर्णिमा तिथि 2026

प्रोकेरला पंचांग के अनुसार, आश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्‍टूबर की सुबह 11:56 बजे से 26 अक्‍टूबर की सुबह 09:41 बजे तक रहेगी. शरद पूर्णिमा पर्व 25 अक्‍टूबर यानी कि आज ही मनाया जाएगा. आज की रात चांद की रोशनी से अमृत बरसेगा और खुले आसमान के नीचे खीर रखी जाएगी. साथ ही पूर्णिमा व्रत भी आज 25 अक्‍टूबर को रखा जाएगा. लेकिन स्‍नान की पूर्णिमा का मुहूर्त 26 अक्‍टूबर की सुबह रहेगा.

(यह भी पढ़ें: अमृत के साथ बरसेगा धन! इस शरद पूर्णिमा पर बने 3 शुभ योग, 4 राशियों को मिलेगा महालक्ष्मी का आशीर्वाद) 

पूजा-खीर का समय

चंद्रोदय समय - दिल्‍ली-एनसीआर में आज चंद्रोदय समय शाम 04:56 बजे से 05:08 बजे तक है. (अलग-अलग पंचांगों के आधार पर)  

शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्‍मी पूजा का निशिता काल मुहूर्त - देर रात 11:32 से 12:28 तक रहेगा.

चांद की रोशनी में खीर रखने का समय - रात 10:32 बजे से रात 12:22 बजे तक (भद्रा रात 10:52 पर समाप्‍त होगी, लिहाजा इसके बाद भी रख सकते हैं.)

खीर खाने का समय - अगले दिन सुबह.

पूर्णिमा स्‍नान दान समय - 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 4:46 बजे से 5:38 बजे तक और सुबह 6:29 बजे से सुबह 7:53 बजे तक रहेगा.

शरद पूर्णिमा पर पूजा

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव की पूजा करें. इसके लिए कच्‍चे दूध में थोड़ा सा जल और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्‍य दें. चंद्रदेव के मंत्रों का जाप करें. इससे मानसिक शांति बढ़ने, निर्णय क्षमता बेहतर होने और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होने की मान्‍यता है. 
चंद्र देव के मंत्र- 1. ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
2. ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः।
3. ॐ सोम सोमाय नमः।

वहीं लक्ष्‍मी पूजा रात को शुभ मुहूर्त में करें. इसके लिए चौकी पर लक्ष्‍मी जी की फोटो या प्रतिमा स्‍थापित करें. उन्‍हें अक्षत, कमल फूल, फल आदि अर्पित करें. धूप दीप अर्पित करें. लक्ष्‍मी जी के मंत्रों का जाप करें. शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्‍मी जी की पूजा करने और सच्‍चे मन से कनकधारा स्‍त्रोत का पाठ करने से धन, समृद्धि, खुशी मिलने की मान्‍यता है.

(यह भी पढ़ें: शरद पूर्णिमा की रात सोए तो गरीब हो जाओगे, जागे तो मिलेगा धन! क्‍यों कहा जाता है ऐसा?) 

इन बातों का रखें ध्‍यान

- शरद पूर्णिमा की रात को पूरी पवित्रता से चावल, दूध, मेवे आदि डालकर खीर बनाए. इसे एक पात्र में भरकर छलनी या महीन कपड़े से ढांककर चांद की रोशनी में रखें. इसे बिना ढके न रखें, ताकि कचरा आदि न गिरे.

- खीर को पूरी रात बाहर न रखें, बल्कि कुछ देर चांद की रोशनी में रखने के बाद फ्रिज में रख दें.

- अगले दिन सुबह स्‍नान करने के बाद मां लक्ष्‍मी को खीर का भोग लगाएं, फिर स्‍वयं परिवार सहित प्रसाद ग्रहण न करें.

-  जो लोग किसी कारण से खीर नहीं बना पा रहे हैं तो वे मेवे मिश्रित दूध को भी चांद की रोशनी में रख सकते हैं.

धार्मिक मान्‍यता है कि इस रात चांद की रोशनी में रखी खीर खाने से बीमारियां दूर होती हैं और धन-समृद्धि व अच्‍छी सेहत मिलती है.

(Disclaimer: यहाँ दी गई जानकारी ज्योतिष पंचांग, मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है. मुहूर्त और तिथि की गणना अलग-अलग स्थान और पंचांग के अनुसार बदल सकती है. किसी भी व्रत-पूजा से पहले अपने स्थानीय पंडित या पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य कर लें.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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