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हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. वहीं, जब आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि की बात आती है तो इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है. इसे शरद पूर्णिमा कहते हैं. इस साल शरद पूर्णिमा पर्व 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा. दरअसल, इस पूर्णिमा पर न सिर्फ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है बल्कि मां लक्ष्मी की भी उपासना की करने का विधान है. इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर उनकी विशेष कृपा पाने का अवसर होता है. आइए जानें वो अचूक उपाय जिनको शरद पूर्णिमा पर्व पर करें तो जीवन में स्थिरता आ सकती है, कर्ज का बोझ कम हो सकता है और विवाह संबंधी दिक्कतों का अंत हो सकता है.
शरद पूर्णिमा पर्व पर अगर पूजा के समय मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें, विशेषकर मां लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप श्रद्धा भाव से करें तो मन को शांति मिलती है. परिवार में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी ऐसे घर में स्थिर रूप से वास करती हैं.
आर्थिक तंगी दूर नहीं हो पा रही है तो शरद पूर्णिमा पर एक लाल कपड़े में हल्दी, चावल, केसर, साबूत लौंग, तेजपत्ता, हरी धनिया और 5 सिक्के रखकर पोटली बना लें और पूजा के समय मां लक्ष्मी के चरणों में इस पोटली को चढ़ा दें. अब अगले दिन पोटली को घर की तिजोरी में रख दें. शरद पूर्णिमा पर इस एक उपाय को करने भर से पैसों की समस्या का अंत हो सकता है.
सर पर भारी कर्ज है लेकिन उससे मुक्ति पाने का रास्ता नहीं दिख रहा है तो आपको शरद पूर्णिमा पर पान के पत्ते में थोड़े से चावल लेकर मां लक्ष्मी को अर्पित करना चाहिए. मन में मां लक्ष्मी से प्रार्थना करें कि हे मां कर्ज से मुक्ति पाने का रास्ता दिखाएं. कर्ज मुक्ति का रास्ता खुलेगा.
ऐसे लोग जिनकी लाख कोशिशों के बाद भी शादी नहीं हो पा रही है और रिश्ता होते-होते रह जाता है तो ऐसे लोग शरद पूर्णिमा पर शिव जी और माता पार्वती को रोली अर्पित करें और साथ में ऊं गौरी शंकराय नमः मंत्र का जाप करें. शादी होने में आ रहीं रुकावटें दूर हो जाएंगी.
शरद पूर्णिमा पर्व पर अगर पूजा के समय मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को मौली में लपेटा हुआ सुपारी चढ़ाएं तो करियर संबंधी परेशानियों का अंत हो सकता है. नई नौकरी मिल सकती है या व्यापर के क्षेत्र में बड़े और अचानक फायदे हो सकते हैं.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)