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एक ही दीया दोबारा जलाना सही या गलत? दिवाली पर किसी भी नेगिटिविटी से बचने के लिए जान लें इससे जुड़े नियम

Diya Astro Tips: दिवाली पर दीपक जलाने की परंपरा पुरानी है, लेकिन क्या इस दिन पुराने इस्तेमाल किए हुए दीयों को दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसा करना शुभ होता है या अशुभ? इससे जुड़े विशेष नियम क्या हैं और किन बातों का ध्यान रखें? आइए जानें.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Nov 01, 2026, 01:14 PM IST | Updated: Nov 01, 2026, 01:15 PM IST
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Diya Astro Tips: प्रकाश का पर्व दिवाली इस साल 8 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ मौके पर घर को जलते दीयों से सजाने का विशेष महत्व है. ध्यान दें, हिंदू धर्म में दीपक जलाना पुरानी परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है. दिवाली ही नहीं, हर दिन की पूजा में सुबह-शाम घर के मंदिर में दीपक प्रज्वलित करने का विधान है. वहीं, दिवाली के मौके पर तो घर के कोने-कोने में दीयों को जलाकर अंधकार को मिटा दिया जाता है. जब दीयों की बात आती है तो मन में एक प्रश्न आता है कि क्या पुराने इस्तेमाल किए गए दीयों को क्या फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसा करना सही है या गलत? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.

दीपक जलाने का धार्मिक महत्व?

हिंदू धर्म में अग्नि केवल आग नहीं है जिसका अलग-अलग तरह से रोज के जीवन में इस्तेमाल किया जाता है. हिंदू धर्म में आग को अग्नि देव के रूप में पूजा जाता है जो अपने भीतर सभी अपवित्रता और अशुद्ध को समाहित कर उसका नाश करते हैं. अग्नि देव ही हैं जो अंधकार का नाश कर प्रकाश लाते हैं. ऐसे में जब शुभ मौकों पर विशेषकर दिवाली के मौके पर दीया जलाते हैं, दीपदान करते हैं या भगवान के आगे दीप प्रज्वलित करते हैं तो घर, जीवन से लेकर मन की नकारात्मकता का नाश होता है और अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है.

क्या एक ही दीया को बार-बार जलाना सही है?

धार्मिक परंपराओं के अनुसार दीयों को बार-बार इस्तेमाल करने को लेकर कई मान्यताएं हैं. इससे जुड़ी कुछ लोक मान्यताएं भी है. सामान्यतः  लोग मिट्टी के दीये को केवल एक बार ही इस्तेमाल करते हैं और फिर उसे हटा देते हैं. लोक मान्यताओं में मिट्टी के दीये को दोबारा नहीं जलाया जाता है. विशेष रूप से अगर दिवाली, लक्ष्मी पूजन और अन्य शुभ मौकों की बात करें तो नए मिट्टी के दीये जलाना अति शुभ और परंपरागत माना जाता है क्योंकि इन शुभ मौकों पर सामग्री शुद्ध, साफ और नया ही उपयोग में लाने की मान्यता है. हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार ही धन खर्च कर सकता है. ऐसे में अगर पुराने मिट्टी के दीये पड़े हों या इस्तेमाल किए हुए पीतल, तांबे और स्टील के दीपक घर में हो तो इन्हें साफ करके इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं. हालांकि, इनको इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

दीयों को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले करें ये काम

(Disclaimer - यह लेख धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और लोक परंपराओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. किसी भी उपाय को करने से पहले अपने विवेक और श्रद्धा का प्रयोग करें, इसे अंधविश्वास के रूप में न लें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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