)
Sri Ganganagar News: जिले में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध के बीच RLP कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज होने का मामला सामने आया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने को लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है.
प्रशासन से सहमति के बाद आंदोलन हुआ था स्थगित
हनुमान बेनीवाल ने X पर लिखा कि श्रीगंगानगर जिले में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में जनसभा आयोजित की गई थी. इसके बाद नागरिकों के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच किया गया. इस दौरान शासन के निर्देश पर प्रशासन ने उनसे वार्ता की.
बेनीवाल के अनुसार, वार्ता के बाद बनी सहमति के आधार पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया था. उनका कहना है कि इसके बावजूद भाजपा सरकार की ओर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए गए, जो उनके अनुसार पूरी तरह अनुचित है.
बेनीवाल बोले- लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास
RLP सुप्रीमो ने अपने पोस्ट में कहा कि जब आंदोलन के संबंध में प्रशासन के साथ सहमति बन चुकी थी, तो उसके बाद मुकदमे दर्ज करवाना सरकार की ओछी मानसिकता और लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है.

उन्होंने कहा कि जनहित की आवाज उठाना अपराध नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि RLP कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिशों से पार्टी पीछे नहीं हटेगी. बेनीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जनता के हितों की लड़ाई आगे भी अग्रणी भूमिका में लड़ती रहेगी.
कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध
दरअसल, नरसिंहपुरा बीरानी में कचरा प्रबंधन प्लांट प्रस्तावित किए जाने का ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के पास ही गोविंद गौधाम गौशाला है, जहां 2000 से अधिक गोवंश हैं.
ग्रामीणों को आशंका है कि कचरा प्लांट बनने से गौशाला और गोवंश प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा आसपास की आबादी पर भी इसके संभावित प्रभाव को लेकर ग्रामीण लगातार सवाल उठाते रहे हैं. इसी वजह से ग्रामीण प्लांट का स्थान बदलने की मांग कर रहे थे.
देर रात बातचीत के बाद बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, हनुमान बेनीवाल के काफिले के NH-62 स्थित गणेशगढ़ टोल प्लाजा की तरफ पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए.
लगभग एक घंटे तक अधिकारियों की समझाइश के बाद बेनीवाल और उनके समर्थक शांत हुए. इसके बाद धरना खत्म करने पर सहमति बनी. प्रशासन की ओर से वैकल्पिक स्थान तलाशने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा गया है. साथ ही पांच सदस्यीय कमेटी के गठन का आश्वासन दिया गया है. इन आश्वासनों के बाद फिलहाल आंदोलन शांत हुआ.