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Barmer News: राजस्थान के बाड़मेर में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बिजली विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है. यह मामला शिव क्षेत्र के गूंगा गांव में फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से गंभीर रूप से झुलसे FRT कर्मचारी लक्ष्मणराम माली से जुड़ा है. धरने में पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ सैकड़ों ग्रामीण और भाटी के समर्थक शामिल हुए. विधायक ने कर्मचारी के इलाज का पूरा खर्च उठाने, उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
शटडाउन के बावजूद बिजली चालू करने का आरोप
विधायक रविंद्र सिंह भाटी का आरोप है कि गूंगा गांव में बिजली का फॉल्ट ठीक करने के दौरान यह हादसा हुआ. उनका कहना है कि बिजली सप्लाई बंद करने यानी शटडाउन के बावजूद बिना पहले सूचना दिए बिजली चालू कर दी गई. इसी वजह से कर्मचारी लक्ष्मणराम माली करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए.
भाटी ने यह आरोप भी लगाया कि कर्मचारी को काम करते समय जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे. उन्होंने बिजली विभाग के लाइनमैन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.
डिस्कॉम कार्यालय के बाहर जुटे सैकड़ों ग्रामीण
मामले को लेकर रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर स्थित डिस्कॉम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. उनके साथ पीड़ित कर्मचारी के परिजन, ग्रामीण और समर्थक भी मौजूद रहे. विधायक ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि आगे किसी कर्मचारी के साथ ऐसा हादसा न हो. धरने के जरिए उन्होंने विभाग से पीड़ित परिवार को राहत देने और मामले में कार्रवाई करने की मांग उठाई.
GSS में भ्रष्टाचार के भी लगाए आरोप
धरने के दौरान विधायक भाटी ने बिजली विभाग के कामकाज पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि बाड़मेर डिस्कॉम के तहत आने वाले ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) में भ्रष्टाचार हो रहा है. भाटी का कहना है कि आम लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, जबकि विभाग के कुछ अधिकारी रिश्वत लेकर मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं. ये आरोप विधायक ने धरने के दौरान लगाए हैं.
मुआवजा और कार्रवाई की मांग
विधायक और ग्रामीणों ने मांग की है कि लक्ष्मणराम माली को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और उनके इलाज का पूरा खर्च बिजली विभाग उठाए. इसके साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए. रविंद्र सिंह भाटी ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. अब इस मामले में विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी.