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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है, लेकिन इसके बावजूद पूर्वी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला बना रहने का अनुमान है. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून वापस लौट चुका है. वहीं अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 19 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से विदा हो गया. मानसून की वापसी की सामान्य तारीख 17 सितंबर मानी जाती है. इस बार इसकी शुरुआत सामान्य तारीख से करीब दो दिन बाद हुई है.
19 सितंबर को मानसून की वापसी की रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला समेत कुछ क्षेत्रों से होकर गुजर रही थी. विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ क्षेत्रों से भी मानसून के आगे बढ़कर लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
20 सितंबर को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने 20 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई है. इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इसके बाद 21 और 22 सितंबर को उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. 23 से 25 सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है. यानी अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा सीमित होने के संकेत हैं.
कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी
20 सितंबर के लिए पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है. बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर और उदयपुर में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है.
इन मौसम परिस्थितियों के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खासतौर पर मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना और सुरक्षित स्थान पर शरण लेना उचित बताया गया है.
पश्चिमी राजस्थान में मौसम रहेगा शुष्क
पश्चिमी राजस्थान के जिलों के लिए 19 से 23 सितंबर तक जारी चेतावनी तालिका में किसी जिले के लिए चेतावनी नहीं दी गई है. बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी और श्रीगंगानगर समेत पश्चिमी राजस्थान के जिलों में कोई चेतावनी दर्ज नहीं है.
19 सितंबर को जैसलमेर सबसे गर्म
मौसम केंद्र जयपुर की 19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी दर्ज हुई. कोटा में 1.1 मिलीमीटर और माउंट आबू में 1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, वहीं चित्तौड़गढ़ में बारिश ट्रेस के रूप में दर्ज हुई.
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को पक चुकी और खुले में रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी है. कृषि एवं अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे अनाज और जिंसों को भी भीगने से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है.
इसके अलावा आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए फसलों में कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव करने से पहले मौसम की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में अब कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान में मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है, वहीं पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों में अगले कुछ दिनों तक कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है. 20 सितंबर को बारिश और मौसम संबंधी गतिविधियां मुख्य रूप से पूर्वी राजस्थान तक सीमित रहने का अनुमान है. 21 और 22 सितंबर को उदयपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश की संभावना है, वहीं 23 सितंबर के बाद प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान है.