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राजस्थान के 669 सरकारी कॉलेजों की हर महीने होगी रैंकिंग, ग्रेडिंग से तय होगा कौन अव्वल-कौन फिसड्डी

राजस्थान के 669 सरकारी कॉलेजों की हर महीने रैंकिंग होगी. उच्च शिक्षा विभाग पढ़ाई, नवाचार और उपलब्धियों के आधार पर ग्रेडिंग करेगा. नैक में बी ग्रेड वाले कॉलेजों को ए ग्रेड तक पहुंचाने और विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा.

राजस्थान के 669 सरकारी कॉलेजों की हर महीने होगी रैंकिंग, ग्रेडिंग से तय होगा कौन अव्वल-कौन फिसड्डी
Image Credit: Rajasthan Government Colleges

राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में अब पढ़ाई से लेकर दूसरी सुविधाओं तक के प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी. प्रदेश के सभी 669 सरकारी कॉलेजों की हर महीने रैंकिंग जारी करने की तैयारी है. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ग्रेडिंग सिस्टम तैयार करेगा. कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता, नए प्रयोग और संस्थागत उपलब्धियों के आधार पर उनका प्रदर्शन आंका जाएगा. बेहतर काम करने वाले कॉलेजों और शिक्षकों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज में 10 सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ संवाद के दौरान ये निर्देश दिए.

बी ग्रेड वाले कॉलेजों को ए ग्रेड तक पहुंचाने की तैयारी
सरकार का फोकस कमजोर नैक (NAAC) रेटिंग वाले कॉलेजों की स्थिति सुधारने पर भी है. बी ग्रेड वाले कॉलेजों को ए ग्रेड तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. मुख्य सचिव ने कहा कि कॉलेजों का काम केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार के योग्य बनाना भी होना चाहिए. इसके लिए बाजार और अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के हिसाब से रोजगारपरक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे. कॉलेजों में रोजगार मेले भी लगाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिल सकें.

 

हर महीने प्राचार्यों से होगा संवाद
मुख्य सचिव ने हर महीने कम से कम पांच कॉलेजों के प्राचार्यों से बातचीत करने के निर्देश दिए. साथ ही सभी 669 कॉलेजों को आपस में जोड़ने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने को कहा. इससे एक कॉलेज में होने वाले अच्छे काम और नए प्रयोगों का फायदा दूसरे कॉलेजों को भी मिल सकेगा.

लाइब्रेरी से लेकर छात्रावास तक पर नजर
सौ साल से ज्यादा पुराने कॉलेजों के इतिहास और उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा. इनके स्थापना दिवस समारोह भी आयोजित होंगे. कॉलेजों की वेबसाइट नियमित अपडेट होंगी और उनमें शोध प्रकाशनों के लिंक सहित नई जानकारियां उपलब्ध रहेंगी. पुस्तकालयों का डिजिटलीकरण और छात्रावासों की सुविधाओं का नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा.

10 कॉलेजों के प्राचार्यों ने दिया प्रजेंटेशन
बैठक में अजमेर, कोटा, नागौर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और चूरू के 10 सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों ने शिक्षकों, कक्षाओं, पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका और कॉलेज शिक्षा आयुक्त नथमल डिडेल सहित अधिकारी मौजूद रहे.

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