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Rajasthan News: राजस्थान में गैंगस्टरों, हिस्ट्रीशीटरों और ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस ने अब कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है. प्रदेश में हार्डकोर क्रिमिनल्स पर पुलिस ने डबल प्रहार शुरू किया है. बदमाशों को पकड़कर जेल भेजने के साथ-साथ उनकी काली कमाई और अवैध संपत्तियों पर भी पुलिस की नजर है.
कहीं करोड़ों की संपत्ति फ्रीज की जा रही है, तो कहीं सरकारी जमीनों से कब्जे हटाकर बुलडोजर चलाया जा रहा है. राजस्थान पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है.
गिरफ्तारी के साथ अवैध संपत्तियों पर सीधी कार्रवाई
राजस्थान पुलिस का अपराधियों के खिलाफ डबल एक्शन, एक तरफ गैंगस्टरों और नशा तस्करों की गिरफ्तारी, तो दूसरी तरफ अपराध से बनाई गई संपत्ति पर सीधी कार्रवाई. एडीजी क्राइम बिपिन पांडेय के मुताबिक, चिन्हित अपराधियों और ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इसके लिए सभी अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देश दे दिए गए हैं.
करीब 800 हार्डकोर अपराधी चिन्हित
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में वर्तमान में करीब 800 हार्डकोर क्रीमिनल्स हैं, जिनकी अपराधिक पृष्ठभूमि न केवल आम जनता भयभीत हैं, बल्कि जिन्होंने कार्रवाई करने वाली पुलिस के भी नाक में दम कर रखा है. पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों से हार्डकोर क्रीमिनल्स को चिन्हित कर उनकी सूची बनाने के लिए कहा गया था. इसके बाद प्रदेशभर में इनकी संख्या 800 के आसपास आई. पुलिस अफसरों को निर्देश है कि ऐसे अपराधियों को न केवल गिरफ्तार किया जाए बल्कि आर्थिक रूप से उन्हें कमजोर किया जाए ताकि उनका दबदबा खत्म हो सके.
अजमेर में 25 बीघा सरकारी जमीन कब्जामुक्त
अजमेर के पास पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शातिर बदमाश खुशीराम फौजी के कब्जे से करीब 25 बीघा सरकारी चारागाह जमीन खाली करवाई. पुलिस के मुताबिक, इस जमीन की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है. सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की और जमीन को कब्जामुक्त कराया गया.
प्रतापगढ़ में ड्रग माफिया की 1.90 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
प्रतापगढ़ में नशे के कारोबार से जुड़ी अवैध संपत्ति पर कार्रवाई हुई. पुलिस के मुताबिक, जाहिद खान की करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है यानी ड्रग माफिया को सिर्फ जेल भेजना ही नहीं. बल्कि नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्ति को भी कानून के शिकंजे में लाना पुलिस की रणनीति का हिस्सा है.
चित्तौड़गढ़ में 62 लाख की संपत्ति पर कार्रवाई
चित्तौड़गढ़ में भी पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई की. कनेरा थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर भीमाराज बंजारा की करीब 62 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ और राजसमंद में एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं.
हार्डकोर अपराधियों पर आर्थिक कार्रवाई तेज करने की तैयारी
केवल ये तीन केस तो केवल बानगी भर हैं, जब हार्डकोर अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का काम किया गया. आने वो दिनों में इस प्रकार की कार्रवाईयां और ज्यादा तेज होगी.
NDPS एक्ट के तहत संपत्तियों पर कार्रवाई
एडीजी क्राइम बिपिन पांडेय के ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ ही रंगदारी, आपराधिक गतिविधियों और सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामलों में भी पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं. जयपुर कमिश्नरेट समेत प्रदेश के कई जिलों में ऐसी कार्रवाई की जा चुकी है.
नए कानूनों में भी संपत्ति पर कार्रवाई का प्रावधान
केंद्रीय गृहमंत्रालय की ओर से भी हार्डकोर क्रिमिनल्स पर कार्रवाई को लेकर कई बार संकेत दिए गए हैं. यही वजह है कि नए आपराधिक कानूनों में भी संगठित अपराधियों की सम्पति फ्रीज करने और नष्ट करने का प्रावधान किया गया है. साथ ही इनके मुकदमों की मॉनिटिरंग बढ़िया तरीके से करने के निर्देश हैं ताकि उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल पाए और केस में उन्हें निश्चित रूप से सजा हो.अपराधी केस में बिजी हो जाता है तो उसका दूसरी तरफ से ध्यान हट जाता है.
अपराधियों की आर्थिक ताकत खत्म करने पर फोकस
राजस्थान पुलिस का फोकस अब सिर्फ अपराधी तक पहुंचने पर नहीं, बल्कि अपराध से खड़ी की गई आर्थिक ताकत को खत्म करने पर भी है. पुलिस का कहना है कि फरार और चिन्हित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति के मामलों में कानून के तहत कुर्की, फ्रीज और कब्जामुक्त कराने जैसी कार्रवाई की जाएगी.