बैंक कर्मचारियों की हड़ताल पर बड़ा अपडेट : देशभर में 3 दिन की बैंक हड़ताल टली, ग्राहकों को मिली बड़ी राहत
देशभर में 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल फिलहाल टल गई है. UFBU और IBA के बीच सहमति बनने के बाद बैंक नियमित रूप से खुले रहेंगे. शनिवार की छुट्टियों और PLI स्कीम से जुड़े मुद्दों पर आगे बातचीत होगी. हड़ताल होने पर लगभग प्रदेश के 9 हजार बैंक और लगभग 1.25 लाख कर्मचारी प्रभावित होते और करीब 50 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन पर असर पड़ने का अनुमान था.
Rajasthan News: देशभर में बैंक कर्मियों की हड़ताल टल गई है. UFBU और IBA के बीच बनी सहमति के बाद फिलहाल हड़ताल स्थगित हो गई है. दो प्रमुख मांगों को लेकर देशभर के बैंक कर्मियों की 3 दिन हड़ताल होनी थी लेकिन अब हड़ताल टलने के बाद बैंक नियमित रूप से खुलेंगे.
हड़ताल टली, आम लोगों को मिली राहत
आज यानी 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल टल गई है. इंडियन बैंक एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच बनी सहमति के बाद हड़ताल स्थगित हुई. वार्ता में शनिवार की छुट्टियों को हाईलेवल कमेटी बनाने पर फैसला किया.
वहीं, PLI स्कीम में बदलाव को लेकर सरकार से बातचीत होगी. बाकी लंबित मुद्दों पर भी जल्द चर्चा होगी. हड़ताल स्थगित होने के बाद आम लोग, व्यापारी, कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है. इससे पहले जब हड़ताल का ऐलान हुआ था तब रविवार को छुट्टी के दिन भी देशभर के बैंक खोले गए थे.
50 हजार करोड़ का कारोबार होता प्रभावित
बैंक यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल होती तो इसका असर 9 हजार बैंकों पर दिखाई देता, जिसमें करीब 1.25 लाख अधिकारी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते. इस हड़ताल में पे स्टेल 1 से लेकर 5 तक तक के एंप्लाइज शामिल होते. हड़ताल की वजह से करीब 50 हजार करोड का कारोबार, लेन-देन प्रभावित होता.
प्रदेशभर के एटीएम खाली हो जाते लेकिन अब हड़ताल नहीं है तो सभी सरकारी बैंक एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूको बैंक, पीएनबी, बीओबी, आरआरबी, सहकारी बैंक खुले है.
PLI स्कीम को लेकर विवाद
हफ्ते में 5 दिन काम के अलावा बोनस (PLI) के नियमों को लेकर भी विवाद चल रहा है. सरकार ने बड़े अधिकारियों जैसे स्केल-4 और उससे ऊपर के अफसरों के लिए बोनस का एक नया नियम लागू किया है. इसके तहत अच्छा काम करने वाले अफसरों को 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है. बैंक यूनियनें इस बात का भी विरोध कर रही है.
क्या है PLI स्कीम?
बैंकों के संदर्भ में PLI स्कीम (Performance Linked Incentive, यानी प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन योजना) कर्मचारियों के लिए बैंक के मुनाफे और प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाला अतिरिक्त वार्षिक प्रोत्साहन होता है. यह प्रोत्साहन बैंक के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (संचालन लाभ) और नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) पर निर्भर करता है. बैंक जितना अच्छा काम करता है, कर्मचारियों को उतने अधिक दिनों का वेतन (बेसिक + डीए) इंसेंटिव के रूप में दिया जाता है. यह राशि कर्मचारियों को उनकी सामान्य सैलरी के अलावा सालाना दी जाती है.
Report-Ashish Chauhan