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राजस्थान में अवैध खनन और खनिज परिवहन में गड़बड़ियों को रोकने के लिए खान विभाग ने निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है. अब तकनीक के साथ फील्ड में औचक निरीक्षण कर अनियमितताओं पर कार्रवाई की जा रही है. विभाग ने 6 से 31 अक्टूबर तक 25 दिनों में 155 तुलाई कांटों पर कार्रवाई की. वहीं, खनिज परिवहन में गड़बड़ी मिलने पर 110 वाहनों के खिलाफ जुर्माना और जब्ती सहित सख्त कदम उठाए गए. इन वाहनों पर 1 करोड़ 22 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1 करोड़ 11 लाख रुपए राजकोष में जमा कराए जा चुके हैं.
खान विभाग के अधिकारियों ने 6 से 31 अक्टूबर के बीच 922 तुलाई कांटों का निरीक्षण किया. इनमें अनियमितताएं मिलने पर 155 कांटों के खिलाफ कार्रवाई की गई. विभाग ने 95 तुलाई कांटा संचालकों को नोटिस जारी किए, जबकि गंभीर मामलों में 39 तुलाई कांटों को डीएक्टिवेट कर दिया गया. विभाग का कहना है कि तुलाई व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन डेटा का विश्लेषण भी किया जा रहा है.
इसी अवधि में विभागीय अधिकारियों ने 3,923 खनिज परिवहन वाहनों का निरीक्षण किया. इनमें से 110 वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं. इन पर कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. इसमें से 1 करोड़ 11 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा हो चुके हैं. इसके अलावा राज्य में 47 वाहनों को जब्त भी किया गया है.
विभाग की नजर खास तौर पर उन मामलों पर है, जिनमें एक ही खनिज परिवहन वाहन से एक दिन में बड़ी संख्या में रवन्ना जारी किए जा रहे हैं. ऐसी गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है.
अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि खनन क्षेत्र में ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम के इस्तेमाल से अनियमितताओं पर तेजी से कार्रवाई करना संभव हुआ है. विभाग तुलाई कांटों और खनिज परिवहन वाहनों के डेटा का ऑनलाइन विश्लेषण करने के साथ फील्ड अधिकारियों से औचक निरीक्षण भी करवा रहा है.
अब तक राज्य में 2,531 तुलाई कांटों का ऑटोमेशन किया जा चुका है. वहीं, 79,263 वाहनों को व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है.
विभाग के अनुसार सितंबर और अक्टूबर के दौरान राज्यभर में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के 1,308 मामले दर्ज किए गए. इन मामलों में 114 FIR दर्ज कराई गईं और पुलिस ने 93 लोगों को गिरफ्तार किया. इसके अलावा 1,261 वाहन और मशीनरी जब्त की गई. इन मामलों में 7 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है.
अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा खनन क्षेत्र में हो रही कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग कर रही हैं. विभाग का जोर तकनीक और फील्ड निरीक्षण के जरिए अवैध खनन गतिविधियों के साथ राजस्व में होने वाली छीजत पर रोक लगाने पर है.