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कन्हैयालाल हत्याकांड के 8 आरोपियों को हाईकोर्ट से झटका, रियाज अत्तारी और गौस समेत 8 आरोपियों की अपीलें खारिज

कन्हैयालाल हत्याकांड में हाईकोर्ट ने आरोपियों की अपीलें खारिज कर ट्रायल कोर्ट के आरोप तय करने के आदेश बरकरार रखे हैं. UAPA की धारा 16, 18 और 20 के तहत आरोप कायम रहेंगे. अदालत ने कहा कि इस स्तर पर दोष तय नहीं होता और साजिश परिस्थितियों से साबित हो सकती है.

Written By Ansh Raj
Published: Nov 06, 2026, 03:42 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 03:45 PM IST
Image Credit: Kanhaiya Lal Murder Case
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कन्हैयालाल हत्याकांड में आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने मामले में आठ आरोपियों की अपीलें खारिज कर दी हैं. इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट की ओर से 12 जनवरी और 13 फरवरी 2024 को आरोप तय करने के दिए गए आदेश भी बरकरार रहेंगे. अब आठों आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 16, 18 और 20 के तहत आरोप कायम रहेंगे. सीजे संजय के. अग्रवाल की खंडपीठ ने यह आदेश दिए. अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के स्तर पर किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने का फैसला नहीं किया जा सकता. साथ ही, साजिश का प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं होना आरोपियों को आरोपमुक्त करने का आधार नहीं बन सकता.


किन आठ आरोपियों की अपीलें खारिज हुईं?
हाईकोर्ट ने जिन आठ आरोपियों की अपीलें खारिज की हैं, उनमें मो. रियाज अत्तारी, मोहम्मद गौस, मोहसीन खान, आसिफ हुसैन और मो. मोहसिन शामिल हैं. इनके अलावा वसीम अली, मोहम्मद जावेद खान और मुस्लिम खान की अपीलें भी खारिज कर दी गई हैं. आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के लिए दिए गए आदेशों को चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने इन अपीलों पर सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट के आदेशों को बरकरार रखा है. इसका मतलब है कि आठों आरोपियों के खिलाफ UAPA की धारा 16, 18 और 20 के तहत मुकदमे में आरोप कायम रहेंगे.


अदालत ने साजिश को लेकर क्या कहा?
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि आरोप तय करने के स्तर पर अदालत यह फैसला नहीं करती कि आरोपी दोषी है या निर्दोष. इस स्तर पर मामले में सामने आए तथ्यों और परिस्थितियों को देखा जाता है. अदालत ने यह भी कहा कि किसी साजिश का प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिलना आरोपियों को आरोपमुक्त करने का आधार नहीं हो सकता. कई बार साजिश से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग देखने के बजाय सभी परिस्थितियों के सामूहिक प्रभाव से समझा जा सकता है. यानी किसी साजिश का पता सिर्फ सीधे तौर पर मिले सबूतों से ही नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों को जोड़कर भी लगाया जा सकता है.


क्या था कन्हैयालाल हत्याकांड का मामला?
यह मामला कन्हैयालाल की हत्या से जुड़ा है. इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ UAPA की अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए गए थे. ट्रायल कोर्ट ने 12 जनवरी और 13 फरवरी 2024 को आरोप तय करने के आदेश दिए थे. इन आदेशों को आरोपियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अब हाईकोर्ट ने उनकी अपीलें खारिज कर दी हैं और ट्रायल कोर्ट के आदेश बरकरार रखे हैं. इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि आठों आरोपियों को दोषी करार दे दिया गया है. हाईकोर्ट ने फिलहाल सिर्फ आरोप तय करने के आदेशों को बरकरार रखा है. दोष और निर्दोष होने का फैसला मुकदमे की सुनवाई के दौरान होगा.

 

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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