Rajasthan Crime News: झालावाड़ पुलिस ने सरकारी और संविदा नौकरी लगवाने व सरकारी विभागों में ट्रांसफर कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाएं करीब डेढ़ महीने से फरार चल रही थीं.
नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर ठगी
मामले में जानकारी देते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि कोतवाली पुलिस को सरकारी, संविदा नौकरी तथा सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह की शिकायत मिली थी. जिसके बाद एडिशनल एसपी भागचंद मीणा के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम का गठन कर मामले में अनुसंधान शुरू किया गया था. जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की संविदा नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों से करीब 1.50 लाख से 2.50 लाख रुपये तक नकद और ऑनलाइन माध्यम से लेते हैं.
8 फरियादियों से 16.40 लाख रुपए की ठगी
जांच में अब तक सामने आए 8 फरियादियों से कुल 16 लाख 40 हजार रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है. इनमें 11 लाख 60 हजार रुपये नकद और 4 लाख 80 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए गए.
दो महिला आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने लगातार आरोपियों की तलाश करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में हमीदा उर्फ तमन्ना निवासी केजीएन कॉलेज के पीछे झालावाड़ और अंजुम निवासी पायगा मोहल्ला झालावाड़ शामिल हैं. दोनों से गिरोह के अन्य सदस्यों, फरियादियों के शैक्षणिक दस्तावेजों और व्हाट्सऐप चैट को लेकर पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है.
दो आरोपी पहले भी गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय से पीसी रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जाएगी. गिरोह के दो सदस्यों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
एसपी ने आमजन से की अपील
एसपी अमित बुडानिया ने आमजन से अपील की है कि सरकारी या संविदा नौकरी केवल पारदर्शी सरकारी भर्ती प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर ही मिलती है. नौकरी या ट्रांसफर के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी व्यक्ति को राशि नहीं दें. यदि किसी के साथ ऐसी ठगी हुई है तो तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं.
डूंगरपुर में भी विदेश नौकरी के नाम पर ठगी
ऐसी ही ठगी का एक और मामला डूंगरपुर से भी सामने आया है. जहां जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने विदेश में रोजगार का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने सिंगापुर में रोजगार दिलाने के नाम पर पीड़ित दो युवकों से 13 लाख रुपए की ठगी की थी. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.
सिंगापुर भेजकर विजिट वीजा थमाया
डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाने के एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि माडा निवासी दिनेश ने रिपोर्ट दी थी. रिपोर्ट में बताया कि बनकोड़ा निवासी दीपक उपाध्याय, उसकी पत्नी सोनाली गोखले और पिता विनोद उपाध्याय ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रार्थी और उसके मित्र गौतम पटेल से अलग-अलग माध्यमों से कुल 13 लाख रुपये प्राप्त कर लिए और बाकायदा वर्क वीजा का इकरारनामा किया. हालांकि, असल वर्क वीजा के स्थान पर दोनों पीड़ितों को विजिट वीजा के आधार पर सिंगापुर भेज दिया. वहां पहुंचने पर न तो कोई कंपनी मिली और न ही काम मिला. इसके बाद 11 जून 2026 को दोनों पीड़ित वापस भारत लौट आए. जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें धमकियां देना शुरू कर दिया. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की.
वर्क वीजा के नाम पर विजिट वीजा देने का आरोप
पुलिस ने मुखबिर सूचना और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी बेहद शातिराना अंदाज में विदेश में वर्क वीजा का झांसा देकर लोगों से भारी-भरकम राशि ऐंठ लेता था और वर्क वीजा के नाम पर विजिट/ट्रेनिंग पास थमा देता था. विदेश पहुंचने पर काम न मिलने से पीड़ितों को मजबूरी में वापस लौटना पड़ता था. फिलहाल पुलिस मामले में आगे का अनुसंधान कर रही है.