Pratapgarh News: 18 महीने बाद पति महादेव और बेटे गणेश से मिली पार्वती! अपनों को देखते ही छलके आंसू
प्रतापगढ़ की पार्वती करीब 18 महीने से अपने परिवार से दूर थीं. शाहपुरा में परिवहन निरीक्षक भारतेंदु पचौरी ने उन्हें परेशान हालत में देखा और बातचीत के दौरान महिला से उसके गांव कजलीखेड़ा की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला के परिवार का पता लगाया. पहचान की पुष्टि होने के बाद पार्वती को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया. डेढ़ साल बाद परिवार से मिलकर घर में फिर खुशियां लौट आईं.
Pratapgarh News: करीब डेढ़ साल से परिवार से दूर चल रही एक महिला की जिंदगी में उस समय नया मोड़ आया, जब शाहपुरा में परिवहन विभाग के निरीक्षक भारतेंदु पचौरी की नजर उस पर पड़ी. महिला की स्थिति देखकर उन्होंने उससे बातचीत की और उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की.
बातचीत के दौरान महिला ने किसी तरह अपने गांव का नाम बताया. गांव का नाम सुनते ही भारतेंदु पचौरी को लगा कि यह स्थान प्रतापगढ़ से जुड़ा हुआ है. इसके बाद शुरू हुई एक ऐसी तलाश, जिसने करीब 18 महीने से बिछड़े परिवार को फिर से एक साथ ला दिया.
परेशान हालत में मिली महिला से बातचीत कर जुटाई जानकारी
जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के दिवंगत ज्ञानेंद्र पचौरी, जो पूर्व विकास अधिकारी रहे, के सबसे छोटे पुत्र भारतेंदु पचौरी वर्तमान में शाहपुरा, जयपुर में परिवहन निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. नियमित कार्य के दौरान उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो काफी परेशान अवस्था में थी. भारतेंदु पचौरी ने महिला से बातचीत की. महिला की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण उससे पूरी जानकारी हासिल करना आसान नहीं था. बातचीत के दौरान महिला ने अपने गांव का नाम कजलीखेड़ा बताया. यह नाम सुनकर भारतेंदु पचौरी को प्रतापगढ़ जिले से इसका संबंध होने का अंदाजा हुआ.
एक छोटी सी जानकारी बनी परिवार तक पहुंचने की कड़ी
महिला के बारे में मिली सीमित जानकारी को आधार बनाकर भारतेंदु पचौरी ने उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने की कोशिश शुरू की. उन्होंने कजलीखेड़ा और आसपास के क्षेत्र में अपने परिचितों से संपर्क किया. महिला का वीडियो बनाकर स्थानीय स्तर पर लोगों तक पहुंचाया गया. भारतेंदु पचौरी के दोनों भाइयों ने भी इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वीडियो के साथ महिला से जुड़ी जानकारी क्षेत्र में साझा की. अलग-अलग लोगों तक सूचना पहुंचने के बाद आखिरकार महिला के गांव और परिवार की पहचान हो गई.
18 महीने से जिसका इंतजार था, वह सामने खड़ी मिली
महिला की पहचान पार्वती के रूप में हुई. उसके पति का नाम महादेव और बेटे क नाम गणेश बताया गया. करीब 18 महीने से परिवार पार्वती से बिछड़ा हुआ था. अचानक उसके बारे में जानकारी मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. एक ओर शाहपुरा में मिली महिला अपने परिवार तक पहुंचने की राह देख रही थी, तो दूसरी ओर कजलीखेड़ा में उसके परिजन लंबे समय से अपने परिवार की सदस्य के लौटने की उम्मीद लगाए हुए थे. दोनों पक्षों के बीच पहचान और संपर्क की पुष्टि होने के बाद पार्वती को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों तक पहुंचाया गया.
इस पूरे घटनाक्रम को एक खास संयोग के रूप में भी देखा जा रहा है. महिला का नाम पार्वती, पति का नाम महादेव और बेटे का नाम गणेश है. यही वजह है कि परिवार के करीब 18 महीने बाद दोबारा एक होने की यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.
परिवार तक पहुंचाने में भाइयों की भी रही अहम भूमिका
भारतेंदु पचौरी के इस प्रयास में उनके दोनों भाइयों ने भी साथ दिया. महिला का वीडियो और उसके बारे में उपलब्ध जानकारी कजलीखेड़ा और प्रतापगढ़ क्षेत्र में परिचितों के माध्यम से साझा की गई. लगातार प्रयासों के बाद महिला के परिवार का पता चला और आवश्यक पुष्टि के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया.
डेढ़ साल बाद घर में लौटी रौनक
पार्वती के परिजनों के लिए यह पल लंबे इंतजार के बाद आया. परिवार का एक सदस्य करीब 18 महीने तक दूर रहने के बाद वापस उनके बीच पहुंचा. घर पहुंचने के बाद परिजनों के बीच खुशी का माहौल बन गया. लंबे समय से जिस चेहरे का इंतजार था, उसके सामने आने पर परिवार की भावनाएं छलक उठीं. भारतेंदु पचौरी की इस पहल को उनके परिचितों और क्षेत्र के लोगों ने सराहा है. विभागीय जिम्मेदारी के दौरान मिली महिला की स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय उसके परिवार की तलाश में जुटना इस पूरे घटनाक्रम का अहम पहलू रहा. वहीं, भाइयों और स्थानीय संपर्कों के सहयोग से यह कोशिश सफल हुई और करीब 18 महीने से अधूरा परिवार फिर से पूरा हो गया.
Report- HITESH UPADHYAY