भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /राजस्थान
  • /Pratapgarh News: 18 महीने बाद पति महादेव और बेटे गणेश से मिली पार्वती! अपनों को देखते ही छलके आंसू

Pratapgarh News: 18 महीने बाद पति महादेव और बेटे गणेश से मिली पार्वती! अपनों को देखते ही छलके आंसू

प्रतापगढ़ की पार्वती करीब 18 महीने से अपने परिवार से दूर थीं. शाहपुरा में परिवहन निरीक्षक भारतेंदु पचौरी ने उन्हें परेशान हालत में देखा और बातचीत के दौरान महिला से उसके गांव कजलीखेड़ा की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला के परिवार का पता लगाया. पहचान की पुष्टि होने के बाद पार्वती को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया. डेढ़ साल बाद परिवार से मिलकर घर में फिर खुशियां लौट आईं.

Written BySneha Aggarwal
Published: Sep 28, 2026, 06:43 PM IST|Updated: Sep 28, 2026, 06:48 PM IST
joinshare
Pratapgarh News: 18 महीने बाद पति महादेव और बेटे गणेश से मिली पार्वती! अपनों को देखते ही छलके आंसू
Image Credit: Pratapgarh News

About the Author

    Sneha Aggarwal

    Sneha Aggarwal

    मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
    Read More

    ट्रेंडिंग

    • न्यूज़
    • फोटो
    • वीडियो
    जामिया: आइए 20 साल पीछे चलते हैं... जब आखिरी छात्रसंघ चुनाव हुआ, वो चुनाव भी 9 साल बाद हुआ था!

    जामिया: आइए 20 साल पीछे चलते हैं... जब आखिरी छात्रसंघ चुनाव हुआ, वो चुनाव भी 9 साल बाद हुआ था!

    2

    'दिल्ली चलो' मार्च में उमड़ी भीड़: यूथ कांग्रेस ने जयपुर शहीद स्मारक से PCC तक निकाला पैदल मार्च

    3

    ID चेकिंग सख्त, पैपराजी की एंट्री कम: बॉलीवुड की दिवाली पार्टियों में बढ़ी सुरक्षा, टाइगर श्रॉफ फायरिंग का असर

    4

    चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

    5

    PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

    logo
    • contact us
    • privacy policy
    • legal
    • investor info
    • advertise with us
    © 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

    Pratapgarh News: करीब डेढ़ साल से परिवार से दूर चल रही एक महिला की जिंदगी में उस समय नया मोड़ आया, जब शाहपुरा में परिवहन विभाग के निरीक्षक भारतेंदु पचौरी की नजर उस पर पड़ी. महिला की स्थिति देखकर उन्होंने उससे बातचीत की और उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की. 

    बातचीत के दौरान महिला ने किसी तरह अपने गांव का नाम बताया. गांव का नाम सुनते ही भारतेंदु पचौरी को लगा कि यह स्थान प्रतापगढ़ से जुड़ा हुआ है. इसके बाद शुरू हुई एक ऐसी तलाश, जिसने करीब 18 महीने से बिछड़े परिवार को फिर से एक साथ ला दिया.

    परेशान हालत में मिली महिला से बातचीत कर जुटाई जानकारी
    जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के दिवंगत ज्ञानेंद्र पचौरी, जो पूर्व विकास अधिकारी रहे, के सबसे छोटे पुत्र भारतेंदु पचौरी वर्तमान में शाहपुरा, जयपुर में परिवहन निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. नियमित कार्य के दौरान उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो काफी परेशान अवस्था में थी. भारतेंदु पचौरी ने महिला से बातचीत की. महिला की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण उससे पूरी जानकारी हासिल करना आसान नहीं था. बातचीत के दौरान महिला ने अपने गांव का नाम कजलीखेड़ा बताया. यह नाम सुनकर भारतेंदु पचौरी को प्रतापगढ़ जिले से इसका संबंध होने का अंदाजा हुआ.

    एक छोटी सी जानकारी बनी परिवार तक पहुंचने की कड़ी
    महिला के बारे में मिली सीमित जानकारी को आधार बनाकर भारतेंदु पचौरी ने उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने की कोशिश शुरू की. उन्होंने कजलीखेड़ा और आसपास के क्षेत्र में अपने परिचितों से संपर्क किया. महिला का वीडियो बनाकर स्थानीय स्तर पर लोगों तक पहुंचाया गया. भारतेंदु पचौरी के दोनों भाइयों ने भी इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वीडियो के साथ महिला से जुड़ी जानकारी क्षेत्र में साझा की. अलग-अलग लोगों तक सूचना पहुंचने के बाद आखिरकार महिला के गांव और परिवार की पहचान हो गई.

    18 महीने से जिसका इंतजार था, वह सामने खड़ी मिली
    महिला की पहचान पार्वती के रूप में हुई. उसके पति का नाम महादेव और बेटे क नाम गणेश बताया गया. करीब 18 महीने से परिवार पार्वती से बिछड़ा हुआ था. अचानक उसके बारे में जानकारी मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. एक ओर शाहपुरा में मिली महिला अपने परिवार तक पहुंचने की राह देख रही थी, तो दूसरी ओर कजलीखेड़ा में उसके परिजन लंबे समय से अपने परिवार की सदस्य के लौटने की उम्मीद लगाए हुए थे. दोनों पक्षों के बीच पहचान और संपर्क की पुष्टि होने के बाद पार्वती को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों तक पहुंचाया गया.

    इस पूरे घटनाक्रम को एक खास संयोग के रूप में भी देखा जा रहा है. महिला का नाम पार्वती, पति का नाम महादेव और बेटे का नाम गणेश है. यही वजह है कि परिवार के करीब 18 महीने बाद दोबारा एक होने की यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.

    परिवार तक पहुंचाने में भाइयों की भी रही अहम भूमिका
    भारतेंदु पचौरी के इस प्रयास में उनके दोनों भाइयों ने भी साथ दिया. महिला का वीडियो और उसके बारे में उपलब्ध जानकारी कजलीखेड़ा और प्रतापगढ़ क्षेत्र में परिचितों के माध्यम से साझा की गई. लगातार प्रयासों के बाद महिला के परिवार का पता चला और आवश्यक पुष्टि के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया.

    डेढ़ साल बाद घर में लौटी रौनक
    पार्वती के परिजनों के लिए यह पल लंबे इंतजार के बाद आया. परिवार का एक सदस्य करीब 18 महीने तक दूर रहने के बाद वापस उनके बीच पहुंचा. घर पहुंचने के बाद परिजनों के बीच खुशी का माहौल बन गया. लंबे समय से जिस चेहरे का इंतजार था, उसके सामने आने पर परिवार की भावनाएं छलक उठीं. भारतेंदु पचौरी की इस पहल को उनके परिचितों और क्षेत्र के लोगों ने सराहा है. विभागीय जिम्मेदारी के दौरान मिली महिला की स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय उसके परिवार की तलाश में जुटना इस पूरे घटनाक्रम का अहम पहलू रहा. वहीं, भाइयों और स्थानीय संपर्कों के सहयोग से यह कोशिश सफल हुई और करीब 18 महीने से अधूरा परिवार फिर से पूरा हो गया. 


    Report- HITESH UPADHYAY

    Add Zee News as a Preferred Source
    TAGS:
    Pratapgarh News
    Rajasthan News