कोटा में पपीते के फल में दिखी सूंड और एकदंत जैसी बनावट, गणेश स्वरूप मानकर की पूजा, दर्शन के लिए पहुंचने लगे लोग
राजस्थान के कोटा में गुलाबचंद बनवाड़िया के घर के बगीचे में लगे पपीते के फल में परिवार को गणेश जी जैसी आकृति नजर आई. फल को घर के मंदिर में रखकर पूजा की गई. तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और लोग दर्शन के लिए पहुंचे. शरद पूर्णिमा पर विसर्जन किया गया.
राजस्थान के कोटा में एक पपीते का फल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. घर के बगीचे में लगे पपीते की बनावट ऐसी थी कि परिवार को उसमें भगवान गणेश जैसी आकृति नजर आई. फल में सूंड, एकदंत और शरीर जैसी बनावट दिखाई देने पर परिवार ने इसे गणेश जी का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी. इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद आसपास के इलाकों से भी लोग इसे देखने और दर्शन करने पहुंचने लगे. परिवार ने शरद पूर्णिमा के दिन 25 अक्टूबर को फल का चंबल नदी में विसर्जन कर दिया.
घर के बगीचे में उगे पपीते ने खींचा ध्यान
यह मामला कोटा में चंबल नदी के पार कुन्हाड़ी इलाके की बालिता रोड स्थित आदर्श नगर का है. यहां रहने वाले गुलाबचंद बनवाड़िया के घर के बगीचे में करीब एक साल पुराना पपीते का पेड़ लगा है. पेड़ पर कई फल लगे हैं, लेकिन इनमें से एक फल की बनावट अलग दिखाई दी. परिवार को उसमें गणेश जी की सूंड, एकदंत और शरीर जैसी आकृति नजर आई. इसके बाद यह फल परिवार और आसपास के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
सेवानिवृत्त लेक्चरर दंपती ने शुरू की पूजा
गुलाबचंद बनवाड़िया और उनकी पत्नी कमल बनवाड़िया दोनों स्कूल लेक्चरर पद से सेवानिवृत्त हैं. परिवार ने पपीते के फल को घर के मंदिर में रखा और पूजा-अर्चना करने लगा. इसके साथ ही आरती भी की जाने लगी. धीरे-धीरे आसपास की कॉलोनियों के लोगों और परिचितों को इसके बारे में पता चला, तो वे भी फल को देखने के लिए घर पहुंचने लगे. परिवार के बेटे अंकित बनवाड़िया ड्राइंग टीचर हैं. फल की अनोखी बनावट परिवार के लिए खास आकर्षण बनी रही.
सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल, दर्शन करने पहुंचे लोग
पपीते के फल की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसे देखने वालों की उत्सुकता बढ़ गई. बड़गांव में रहने वाले रामराज रोजाना बनवाड़िया परिवार के घर दूध देने आते हैं. उन्हें जब इस फल के बारे में पता चला, तो वे भी दर्शन करने पहुंचे. वहीं, डॉ. निधि को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी मिली. इसके बाद वह भी परिवार के घर पहुंचीं और पूजा-अर्चना में शामिल हुईं. उनके मुताबिक, प्रकृति का यह नजारा अद्भुत है और उन्हें यहां आकर दर्शन करने का अवसर मिला.
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शरद पूर्णिमा पर चंबल नदी में किया विसर्जन
परिवार के मुताबिक, पपीते में गणेश जी जैसी आकृति नजर आने के बाद उसे घर के मंदिर में रखकर पूजा की जा रही थी. इसके बाद शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर को पंडितों और शास्त्रों के अनुसार फल का चंबल नदी में विसर्जन कर दिया गया.
आस्था और प्रकृति की बनावट बनी चर्चा का विषय
पपीते के फल में गणेश जी जैसी आकृति दिखाई देने को श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था से जोड़कर देखा. वहीं, फल की असामान्य बनावट ने भी लोगों का ध्यान खींचा. घर के बगीचे में उगे इस फल की तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलने के बाद कई लोग इसे देखने पहुंचे. एक सामान्य पपीते की अलग बनावट ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी उत्सुकता पैदा कर दी.