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Kota Police: कोटा में अपराधियों की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पुलिस का ऑपरेशन ऑपरेशन हॉक (H.A.W.K) घाव पर मरहम का काम करता दिख रहा है. स्थानिय पुलिस ने खूंखार चाकूबाजों और अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया है. कार्रवाई के पहले ही दिन 2 अक्टूबर की रात अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करीब दो घंटे तक विशेष चेकिंग की गई. पुलिस टीमों ने संदिग्ध लोगों की तलाशी लेकर 15 लोगों को धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार किया. इस दौरान 8 वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. अभियान के लिए 9 पुलिस टीमों का गठन किया गया था और पुलिस के मुताबिक अवैध हथियारों तथा चाकूबाजी पर नियंत्रण के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
दो घंटे तक चली विशेष चेकिंग
पुलिस के अनुसार 2 अक्टूबर की रात करीब दो घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान चाय की दुकानों और संवेदनशील स्थानों पर औचक चेकिंग की गई. इन जगहों पर संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान चलाया. संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान 15 लोगों के पास से धारदार हथियार बरामद हुए. हथियार मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें जब्त कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया.
9 पुलिस टीमों ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन हॉक के लिए कोटा शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 9 पुलिस टीमों का गठन किया गया था. टीमों को संदिग्ध गतिविधियों और अवैध हथियार रखने वालों की जांच के लिए लगाया गया. अभियान का उद्देश्य चाकू और अन्य धारदार हथियारों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाना है. पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए शहर में चाकूबाजी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है.
8 वाहनों पर भी कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने केवल अवैध हथियारों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी 8 कार्रवाई की गईं और वाहन जब्त किए गए. पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए चेकिंग अभियान को अंजाम दिया.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
कोटा सिटी एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के मुताबिक यह अभियान कोटा रेंज आईजी हरेंद्र महावर की पहल पर कोटा शहर एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देशन में शुरू किया गया है. पुलिस के अनुसार अवैध हथियार रखने वाले और चाकूबाजी जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. पुलिस का फोकस शहर में धारदार हथियारों के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने और ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने पर है.