Bharatpur Hospital: राजस्थान के भरतपुर स्थित जनाना अस्पताल में नवजात बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि बच्ची को बुखार आने के बाद समय पर उचित इलाज नहीं मिला और उसे एक विभाग से दूसरे विभाग भेजा गया.
Rajasthan Health News: राजस्थान के भरतपुर स्थित जनाना अस्पताल में नवजात बच्ची की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया. बच्ची की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए. वहीं, अस्पताल के NICU डॉक्टर ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बच्ची को दो बार देखा गया और उसे बचाने के पूरे प्रयास किए गए. फिलहाल, बच्ची की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है.
ऑपरेशन से हुआ था बच्ची का जन्म
जानकारी के अनुसार, भरतपुर के सुभाष नगर निवासी देवकीनंदन की पत्नी रिंकी को 8 अक्टूबर को डिलीवरी के लिए जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अगले दिन ऑपरेशन के जरिए बच्ची का जन्म हुआ. परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की हालत ठीक थी, लेकिन शाम होते-होते बच्ची को बुखार आने लगा.
बुखार के बाद इलाज को लेकर उठे सवाल
नवजात के ताऊ लक्ष्मीकांत के मुताबिक, बच्ची को बुखार आने पर NICU में दिखाया गया था. परिजनों का आरोप है कि वहां बच्ची को सिरप देने की सलाह दी गई, लेकिन अगले दिन सुबह तक उसका बुखार कम नहीं हुआ. उनका कहना है कि बच्ची की हालत बिगड़ती दिखने पर वे उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे.
परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे बच्ची को लेकर NICU पहुंचने पर उन्हें OPD में दिखाने के लिए कहा गया. इसके बाद वे बच्ची को PICU लेकर गए, जहां से उन्हें फिर OPD जाने की सलाह दी गई. परिजनों का दावा है कि OPD में डॉक्टर ने बच्ची को देखने के बाद उसकी मौत होने की जानकारी दी.
परिजनों ने FIR दर्ज कराने की कही बात
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया. लक्ष्मीकांत ने मामले में FIR दर्ज कराने की बात कही. सूचना मिलने पर मथुरा गेट थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों को समझाकर स्थिति शांत करवाई.
डॉक्टर ने क्या दिया जवाब?
अस्पताल के NICU डॉक्टर शेखर शर्मा ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि बच्ची को दो बार NICU में लाया गया था और दोनों बार उसे अटेंड किया गया. डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची को बुखार की दवा भी लिखी गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी दूध सांस की नली में चले जाने से नवजात की हालत अचानक गंभीर हो सकती है. डॉक्टर ने बच्ची को बचाने के पूरे प्रयास किए जाने की बात कही.
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल, परिजनों के आरोप और डॉक्टर का पक्ष सामने आया है. बच्ची की मौत किस वजह से हुई और क्या इलाज में कोई लापरवाही हुई, इसका निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा. मामले में अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच अहम होगी.