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कोई पेड़ पर चढ़ी, कोई जाल पर... बाघ ने सुगना को खींच लिया, हिरासत में गेट खोलने वाली गार्ड

Nahargarh Biological Park Tiger Attack : 15 बाघों वाले नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 5 साल पहले एक केयरटेकर की अंगुली एक बाघ ने चबा ली थी, लेकिन आज जो हुआ वो उससे भी ज्यादा खौफनाक है. बाघ ने एक महिलाकर्मी को जबड़े में दबाकर रखा और उसकी जान ले ली.

कोई पेड़ पर चढ़ी, कोई जाल पर... बाघ ने सुगना को खींच लिया, हिरासत में गेट खोलने वाली गार्ड
Image Credit: टाइगर के हमले में मृतक महिला.

Nahargarh Biological Park Tiger Attack : जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 2 सिंतबर 2026, बुधवार की सुबह एक बाघ ने एक महिलाकर्मी पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी जान चली गयी.

कैसे हुआ हादसा?
सुबह करीब 9 बजे जमवारामगढ़ के नांगल सुसावतान गांव की रहने वाली 42 साल की महिला मजदूर सुगना देवी अपनी 6 महिला मजदूरों के साथ टाइगर 'शिवाजी' के बाड़े (एन्क्लोजर) के अंदर घास काटने गई. साथी महिलाओं में से एक कमला देवी के मुताबिक, जब वे अंदर गईं तो टाइगर अपने पिंजरे के अंदर था, लेकिन कुछ ही वक्त बाद अचानक किसी ने पिंजरे का मेन गेट खोल दिया, जिससे टाइगर खुले बाड़े में आ गया.

बाघ के बाहर आते ही उसने हमला  कर दिया, अचानक हुए इस हमले से वहां भगदड़ मच गई और जान बचाने के लिए  महिलाएं भागकर बाहर निकली. एक महिला पेड़ पर चढ़ गई और सुगना देवी एन्क्लोजर के लोहे के जाल पर चढ़ने की कोशिश करने लगी, लेकिन बाघ ने जाल पर चढ़ी सुगना देवी को नीचे खींच लिया और जबड़े में दबोच कर बैठ गया.

Sugna Devi Nahargarh park

घटना के बाद घंटों तक (दोपहर 12 बजे तक) महिला का शव बाड़े के अंदर ही थी. जिससे ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया. मौके पर पूर्व सरपंच राजेंद्र बुनकर के नेतृत्व में सैकड़ों लोग और मृतक महिला के परिजन मुआवजे के साथ ही लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई की मांग करने लगे. सवाल ये था कि आखिर बाघ का बाड़े का गेट किसने खोला था ? 

मृतका सुगना परिवार में अकेले कमाने वाली थी. बेटे ने बताया कि मेरी मां चली गयी, 8 साल से यहां काम करती थी. अब हम क्या करें, हमें मुआवजा चाहिए. सुगना के साथ सफाई का काम करने वाली महिलाओं ने बताया की फारेस्ट गार्ड हंसा देवी ने बाघ के बाड़े का गेट खोल दिया था. हंसा देवी अब हिरासत में है. वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.


Tiger attack in Nahargarh

Nahargarh Biological Park Jaipur protest

विधायक पहुंचे, बोले-परिवार को मदद मिलनी चाहिए
आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने कहा कि जो भी दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जिस महिला की टाइगर के हमले में मौत हुई है, वह 8 साल से काम कर रही थी. उसे निश्चित रूप से सहायता दिलाएंगे। परिजनों की डिमांड सरकारी नौकरी की है.

5 साल पहले टाइग्रेस ने चबा ली थी केयरटेकर की अंगुली
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सुरक्षा में सेंध या प्रबंधन की चूक का यह कोई पहला मामला नहीं है. यहां पहले भी कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. करीब 5 साल पहले एक टाइग्रेस ने केयरटेकर पर हमला कर दिया था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाघिन ने उसकी एक अंगुली चबा ली थी.
अप्रैल 2022 में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त कटघरे में आई थी, जब एक भालू पिंजरा तोड़कर पार्क से बाहर चहलकदमी करता दिखा था.
दिसंबर 2025 में नाहरगढ़ की सफारी बस में अचानक आग लगने की घटना सामने आई थी, जिससे पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई थी, वीडियो खूब वायरल हुआ था.
अप्रैल 2026 में पार्क से 'बार्किंग डियर' (भौंकने वाले हिरण) के गायब होने का मामला भी सामने आ चुका है. इसके अलावा टाइगर सफारी से 'तारा' नाम की टाइग्रेस के भी कुछ दिनों तक गायब रहने की बात सामने आ चुकी है.

कितना बड़ा है नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ?
नाहरगढ़ देश का वो इकलौता बायोलॉजिकल पार्क है, जहां रेस्क्यू सेंटर, सफारी और जू तीनों एक ही जगह पर चलते हैं. फिलहाल यहां 15 बाघ-बाघिन मौजूद हैं, जिनमें दो व्हाइट टाइगर भी शामिल हैं. युवाओं बाघों को एक किलोमीटर के सुरक्षित दायरे में रखा गया है, लेकिन इस ताजा घटना ने पार्क के अंदरूनी कामकाजी प्रोटोकॉल और इंसानी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये है.
 

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About the Author

Pragati Pant Awasthi

Pragati Pant Awasthi

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
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