हरि बॉक्सर की गिरफ्तारी से परिवार को राहत! बोले- अच्छा हुआ गिरफ्तार हो गया
हरि बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट है और वह कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर तहसील के चतरपुरा गांव का रहने वाला है. उस पर राजस्थान सहित कई राज्यों में 10 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. ज़ी मीडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में उसके परिवार ने बताया कि करीब पांच साल से उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं है. परिजनों का आरोप है कि उसके नाम पर पुलिस उन्हें लगातार परेशान करती रही है.
हरि बॉक्सर कोटपूतली बहरोड़ जिले के बानसूर तहसील के चतरपुरा गांव का रहने वाला है. उसके पिता किसान हैं, वह एक साधारण परिवार से आता है. क्राइम की दुनिया में कदम रखने से पहले वह जयपुर में बॉक्सिंग सीखता था. उस पर जयपुर, अलवर, सीकर, धौलपुर, करौली सहित कई जगहों पर लूट, हत्या का प्रयास और मारपीट के 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. लेकिन आज जानकारी लगी है, हैरी बॉक्सर को अमेरिका में एजेंसियो ने गिरफ्तार कर लिया है.
हरि बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट, परिवार ने बताई अपनी पीड़ा
ज़ी मीडिया ग्राउंड पर गई और हैरी बॉक्सर के परिवार से जानकारी ली. वहां पता चला कि हरि बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट है. साथ ही पता चला कि पूरा परिवार उसके नाम से प्रताड़ित किया जा रहा है. परिजनों का कहना कि लगभग पांच साल पहले परिवार से उसका सम्पर्क टूट गया था और परिवार ने उसे बेदखल कर दिया था लेकिन राजस्थान पुलिस सहित अन्य राज्यों की पुलिस घर परिवार के लोगों को बराबर ट्रॉचर करती रहती है. जबकि परिवार का किसी प्रकार का दोष नहीं है.
परिवार बोला- अच्छा हुआ गिरफ्तार हो गया, अब हमें परेशान न करे पुलिस
खुद परिवार के लोगो ने ज़ी मीडिया को अपनी परेशानी बताई. परिवार के लोगों ने कहा कि अच्छा हुआ वह गिरफ्तार हों गया. अब कम से कम हमें परेशान नहीं किया जाएगा. परिवार ने गुहार लगाते हुए कहा कि उसके नाम से हमें पुलिस परेशान ना करे. परिजनों ने कहा अगर गिरफ्तार हुआ है तो पुलिस उसको कड़ी से कड़ी सजा दिलाए. उसके नाम का परिवार पर बुरा असर पड़ रहा है. छोटे बच्चे पुलिस को देख कर सहम जाते हैं.
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अमेरिका में डिटेन हुआ लॉरेंस गैंग का सक्रिय सदस्य हरि बॉक्सर
लॉरेंस गैंग का फरार सक्रिय सदस्य और हथियार सप्लायर हरि बॉक्सर अमेरिका में डिटेन कर लिया गया है. हरि बॉक्सर विदेश में बैठकर भारत में गैंग की आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था. कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलने से लेकर फायरिंग की वारदातों तक में उसकी भूमिका सामने आई है. राजस्थान AGTF ने इंटरपोल और अमेरिकी एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर उसकी लोकेशन ट्रेस की. पांच देशों में 14 इंटरपोल रेफरेंस भेजे गए और अमेरिका को नौ बार महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं. दावा किया जा रहा है कि राजस्थान AGTF के प्रयासों के बाद अमेरिका की ICE एजेंसी ने हरि बॉक्सर को डिटेन किया है.
अप्रैल 2023 में भारत से हुआ था फरार, विदेश में बैठकर चलाता रहा नेटवर्क
हरि बॉक्सर अप्रैल 2023 में अपने पासपोर्ट के जरिए भारत से विदेश फरार हो गया था. विदेश पहुंचने के बाद भी उसने गैंग की गतिविधियां बंद नहीं कीं.आरोप है कि वह विदेश में बैठकर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकियां दिलवा रहा था. गैंग के सदस्य व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर VOIP कॉल के जरिए व्यापारियों को धमकाते थे. फिरौती की रकम नहीं मिलने पर कारोबारी या उनके परिवार को निशाना बनाकर फायरिंग की वारदातें भी करवाई जाती थीं. हरी बॉक्सर की भूमिका सिर्फ धमकी देने तक सीमित नहीं थी. वह गैंग के सदस्यों तक हथियार पहुंचाने वाले अहम सप्लायर के रूप में भी काम कर रहा था.