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जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट में फायरकर्मी की मौत: 90% झुलसे प्रीतेश ने तोड़ा दम, राजकीय सम्मान के साथ दिया अंतिम संस्कार

जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में करीब 90 प्रतिशत झुलसे फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में अंतिम संस्कार किया गया. प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सैल्यूट कर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी.

Written By Sneha Aggarwal
Published: Sep 27, 2026, 05:51 PM IST | Updated: Sep 27, 2026, 07:27 PM IST
Image Credit: Jodhpur News
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Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर जिले के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में अंतिम संस्कार किया गया. प्रीतेश करीब 90 प्रतिशत झुलस गए थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी. अंतिम संस्कार में प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

अंतिम संस्कार में जोधपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया, उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित प्रदेश के करीब 25 अग्निशमन अधिकारी और बड़ी संख्या में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे. अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रीतेश को सैल्यूट प्रदान कर सम्मान दिया. अग्निशमन विभाग की ओर से कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले साथी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.

परिजनों को दी दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता
उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की ओर से प्रीतेश परमार के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई. इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया.

स्थानीय प्रशासन की गैर मौजूदगी पर ग्रामीणों में नाराजगी
अंतिम संस्कार में डूंगरपुर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई. ग्रामीणों ने कहा कि प्रीतेश ने आमजन की सुरक्षा और अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए जान गंवाई है. ऐसे में उनकी अंतिम विदाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी.

ग्रामीणों ने कहा कि जोधपुर हादसे और जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री झाबरमल खर्रा, केंद्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घायलों की स्थिति जानने पहुंचे थे लेकिन डूंगरपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद से अंतिम संस्कार तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. ग्रामीणों ने कहा कि यह और भी गंभीर बात है क्योंकि हादसे में घायल 14 अग्निशमनकर्मियों में से यह पहली मौत थी और मृतक डूंगरपुर जिले का रहने वाला था.

पिता भी फायर ब्रिगेड में दे रहे सेवाएं
प्रीतेश परमार के पिता धुलेश्वर परमार नगर परिषद डूंगरपुर की फायर ब्रिगेड टीम में लीडिंग फायरमैन के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. पिता की तरह बेटे ने भी अग्निशमन सेवा को अपना कर्तव्य बनाया और दूसरों की जान-माल की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. प्रीतेश के निधन से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है.  

Report-Akhilesh Sharma

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मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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