चुनाव चिह्न पर पहले से लगी थी मुहर: जोधपुर में मतपत्र गायब होते ही थाने पर उग्र हमला, 3 पुलिसकर्मी घायल
जोधपुर की भावी ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के पुनर्मतदान को लेकर शनिवार रात बवाल हो गया. ग्रामीणों के पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए. विवाद बूथ नंबर 12 से करीब 150 मतपत्र गायब होने के आरोपों से जुड़ा है.
राजस्थान के जोधपुर जिले की भावी ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के पुनर्मतदान को लेकर शनिवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया. गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर पथराव शुरू कर दिया. इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई. बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा. रात करीब 12:30 बजे जाकर स्थिति नियंत्रण में आई.
बूथ नंबर 12 पर मतपत्र गायब होने से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हुए सरपंच चुनाव से जुड़ा है. भावी ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 12 पर मतदान के दौरान मतपत्रों में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी. आरोप है कि पीठासीन अधिकारी के बैग में रखे तीन बंडलों से करीब 150 मतपत्र गायब हो गए थे. जांच के दौरान सामने आया कि ये मतपत्र सरपंच प्रत्याशी सोवनी देवी के चुनाव चिह्न स्लेट यानी पाटी पर पहले से छपे हुए थे.
इस मामले को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और मतदान दोबारा कराने की मांग की. शिकायत और जांच के बाद प्रशासन ने 2 नवंबर को बूथ नंबर 12 पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया. हालांकि, इस फैसले से चुनाव से जुड़े एक पक्ष में नाराजगी फैल गई.
यह भी पढ़ें- सरपंच पद की उम्मीदवारी रह गई अधूरी: नामांकन नहीं भर पाईं तो रोने लगी प्रत्याशी, सास भी हुईं बेहोश
दो महिला प्रत्याशियों के बीच है मुकाबला
भावी ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में दो महिला प्रत्याशी सोवनी देवी और ममता आमने-सामने हैं. ममता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि सोवनी देवी के बेटे और जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील चौधरी मतपत्र लेकर चले गए थे.
वहीं, दूसरे पक्ष की मांग है कि केवल बूथ नंबर 12 के बजाय पंचायत के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराई जाए. इसके उलट एक पक्ष निष्पक्ष जांच के बाद सिर्फ बूथ नंबर 12 पर पुनर्मतदान कराने की मांग पर कायम है. इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है.
रात 11:30 बजे थाने के बाहर शुरू हुआ हंगामा
शनिवार रात करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर जुट गए. देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया. पुलिस ने पहले लोगों को समझाकर शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. रात करीब 12:30 बजे हालात शांत होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली.
गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
घटना के बाद भावी गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. पुलिसकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है.