झालावाड़ में नॉर्मल डिलीवरी के बाद बिगड़ी प्रसूता की हालत, कोटा में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग
झालावाड़ में नॉर्मल डिलीवरी के बाद 28 वर्षीय प्रसूता की लगातार ब्लीडिंग से हालत गंभीर हो गई. 5-6 यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद भी राहत नहीं मिली. अब कोटा के अस्पताल में महिला वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और उसकी डायलिसिस की गई है.
प्रदेश के झालावाड़ में नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक 28 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक गंभीर हो गई. प्रसव के बाद लगातार ब्लीडिंग होने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई. सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन रक्तस्राव पर काबू नहीं पाया जा सका. आखिरकार महिला को बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर करना पड़ा. फिलहाल वह कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है.
नॉर्मल डिलीवरी के बाद शुरू हुआ तेज रक्तस्राव
जानकारी के अनुसार, बारां जिले की रहने वाली 28 वर्षीय पुष्पा को लेबर पेन होने पर 27 अक्टूबर को झालावाड़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां डॉक्टरों की निगरानी में उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई. हालांकि, प्रसव के तुरंत बाद महिला को अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगी. चिकित्सा भाषा में इस स्थिति को पोस्टपार्टम हेमरेज (PPH) कहा जाता है.
अस्पताल के डॉक्टरों ने रक्तस्राव रोकने और महिला की स्थिति को स्थिर करने के लिए लगातार उपचार किया. इस दौरान उसे करीब 5 से 6 यूनिट ब्लड और प्लेटलेट्स भी चढ़ाए गए. इसके बावजूद ब्लीडिंग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी. लगातार खून बहने के कारण महिला का ब्लड प्रेशर भी गिरता चला गया.
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गंभीर हालत में कोटा किया गया रेफर
महिला की स्थिति लगातार बिगड़ने और खतरा बढ़ने पर झालावाड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे उसी दिन कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक अस्पताल रेफर कर दिया. यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया.
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को महिला की हालत बेहद गंभीर हो गई. वह शॉक की स्थिति में पहुंच गई थी और उसे सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी. आपात स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना देरी किए उसे आईसीयू में शिफ्ट किया और वेंटिलेटर सहित क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर रखा.
किडनी पर भी पड़ा गंभीर असर, इमरजेंसी डायलिसिस
लगातार रक्तस्राव और लंबे समय तक ब्लड प्रेशर कम रहने का असर महिला के दूसरे अंगों पर भी पड़ा. डॉक्टरों के अनुसार, मरीज में एक्यूट किडनी इंजरी के लक्षण सामने आए. शरीर के कई अंग प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए नेफ्रोलॉजी टीम को भी इलाज में शामिल किया गया.
शुक्रवार को महिला की हालत को ध्यान में रखते हुए उसकी इमरजेंसी डायलिसिस की गई. फिलहाल प्रसूता को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर स्पेशल डॉक्टर्स की निगरानी में ट्रीटमेंट दिया जा रहा है.
Reporter- Rahul Joshi