जयपुर का मशहूर ‘रावत मिष्ठान भंडार’ हुआ सील ! मिठाइयों के नीचे मिले मरे कॉकरोच-मक्खियां
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जयपुर में रावत मिष्ठान भंडार के अजमेर रोड और नारायण सिंह सर्किल स्थित दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की.
केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. यहां खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां मिलीं. कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 3 नमूने जांच के लिए लिए गए और करीब 36 प्रकार की एक्सपायर्ड और अखाद्य सामग्री मौके पर नष्ट करवाई गई. अनियमितताओं को लेकर दोनों प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना जारी की जाएगी.
अजमेर रोड प्रतिष्ठान पर मिठाइयों पर जरूरी जानकारी नहीं मिली
अजमेर रोड स्थित प्रतिष्ठान पर बिक्री काउंटर और चिलर में रखी पैक्ड मिठाइयों पर पैकिंग और एक्सपायरी तारीख सहित जरूरी जानकारी अंकित नहीं मिली. तैयार खाद्य पदार्थों पर भी जरूरी जानकारी नहीं था. टीम ने जांच के लिए केसर पिस्ता बर्फी का नमूना लिया. जांच के दौरान बेकरी काउंटर के नीचे मरे कॉकरोच और मक्खियां मिलीं. फर्श पर खाद्य पदार्थों के अवशेष और गंदगी पाई गई. कच्चे माल के भंडारण क्षेत्र में भी कीटों से जुड़ी कमियां मिलीं. राज कचौरी और दही पूरी जैसे खाद्य पदार्थों को अखबार पर रखकर परोसा जा रहा था.
कोल्ड स्टोरेज में रावत मिष्ठान भंडार के नाम से बने और पैक किए गए हेजलनट मिल्क और रोस्टेड चोको आलमंड हैंडक्राफ्टेड चॉकलेट में जिंदा और मरे कीट मिले. इन उत्पादों के पैकेट पर भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के मुताबिक जरूरी जानकारी पूरी नहीं थी.
नारायण सिंह सर्किल पर बिना लाइसेंस चल रहा था रेस्टोरेंट
नारायण सिंह सर्किल पर बिना वैध खाद्य लाइसेंस के रेस्टोरेंट चलता मिला. यहां पिज्जा टॉपिंग, ब्रेड, पाव, फ्रूट कॉकटेल, एमडीएच चना मसाला, बेबी कॉर्न, रेड चिली सॉस, ग्रीन टी, स्वीट कॉर्न और क्रीम सहित कई एक्सपायर्ड सामान मिला. इनका उपयोग खाद्य पदार्थ बनाने में किया जा रहा था.
जांच में ये भी सामने आया कि रेस्टोरेंट चलाने, खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग करने और समोसा-कचौरी बनाने के लिए जरूरी श्रेणी का वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था. इस पर टीम ने रेस्टोरेंट तत्काल बंद करवाया. और निर्देश दिए कि संबंधित गतिविधियों के लिए वैध लाइसेंस मिलने तक रेस्टोरेंट का संचालन, समोसा-कचौरी निर्माण और खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग नहीं की जाए. यहां से एक्सोटिक डार्क चॉकलेटियर चॉकलेट और काजू पिस्ता रोल के दो नमूने जांच के लिए लिए गए. जांच के दौरान मिली एक्सपॉयर्ड सामग्री को नष्ट कराया गया.
विभाग की ओर से दोनों प्रतिष्ठानों में मिली कमियों के बारे में नियमानुसार सुधार सूचना जारी की जाएगी. खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के सभी जरूरी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने साफ किया है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.