पहले इंटर्नशिप में दोस्ती, फिर वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप, MBA छात्रा की मौत के बाद मचा हड़कंप
जयपुर में MBA छात्रा यशस्वी रोहिला की मौत के मामले में भाई ने अहमदाबाद की कंपनी के सीनियर पर वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. FIR में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठाए गए हैं.
जयपुर में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की 23 वर्षीय MBA छात्रा यशस्वी रोहिला की मौत के मामले में नया मोड़ आया है. छात्रा के भाई शुभम रोहिला ने अहमदाबाद की एक कंपनी के सीनियर योगेश मोटियानी पर झूठे वादे करके संबंध बनाने, वीडियो रिकॉर्ड करने और उसी के जरिए ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार की शिकायत पर शिवदासपुरा थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शिकायत में कंपनी के सीनियर के साथ पूर्णिमा यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी लापरवाही और छात्रा की परेशानी को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
इंटर्नशिप के दौरान कंपनी के सीनियर से संपर्क
FIR के मुताबिक, यशस्वी रोहिला MBA बैच 2025-27 की छात्रा थी. वह जयपुर के गुर्जर की थड़ी इलाके में रहती थी. MBA प्रोग्राम के तहत पहले वर्ष के बाद तीन महीने की इंटर्नशिप करना अनिवार्य था. इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने अलग-अलग कंपनियों को आमंत्रित किया था. इनमें अहमदाबाद की Blue Waves Logistic Pvt. Ltd. भी शामिल थी. कॉलेज में इंटरव्यू के बाद यशस्वी का इस कंपनी में चयन हुआ और उसे इंटर्नशिप के लिए अहमदाबाद बुलाया गया.
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
यशस्वी के भाई शुभम की ओर से दर्ज कराई गई FIR में आरोप लगाया गया है कि इंटर्नशिप के दौरान कंपनी के सीनियर योगेश मोटियानी ने झूठे वादे और प्रलोभन देकर यशस्वी से संबंध बनाए. आरोप है कि इस दौरान उसने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उसी वीडियो के जरिए छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा. शिकायत के अनुसार, आरोपी बार-बार संबंध बनाने का दबाव भी डालता था. परिवार का आरोप है कि इस वजह से यशस्वी मानसिक रूप से परेशान थी.
29 अक्टूबर को परिवार को बताई परेशानी
FIR में बताया गया है कि 29 अक्टूबर की शाम यशस्वी ने अपने परिवार को पूरी बात बताई थी. उसने परिजनों को ब्लैकमेलिंग के बारे में जानकारी दी. परिवार ने उसे समझाया और आरोपी का फोन नहीं उठाने की सलाह दी थी. परिवार को उम्मीद थी कि यशस्वी इस परेशानी से बाहर निकल आएगी, लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई.
परीक्षा के दौरान फोन कर प्रताड़ित करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 31 अक्टूबर को यशस्वी परीक्षा देने के लिए कॉलेज गई थी. इसी दौरान आरोपी योगेश का फोन आया. आरोप है कि फोन पर उसे फिर से परेशान किया गया और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने की धमकी दी गई. FIR में इसी कथित ब्लैकमेलिंग और यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही को छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है.
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
यशस्वी के भाई के मुताबिक, घटना की जानकारी पूर्णिमा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनकी मां के मोबाइल पर दी थी. इसके बाद परिवार महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचा. वहां डॉक्टरों ने यशस्वी को मृत घोषित कर दिया. परिवार के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी.
मोबाइल पुलिस के पास, चैट और कॉल की जांच
पुलिस ने घटना के बाद यशस्वी का मोबाइल जब्त किया था. मोबाइल में कुछ चैट मिली थीं. व्हाट्सएप कॉल का भी जिक्र सामने आया था. परिवार की शिकायत के बाद अब पुलिस इस मामले में दर्ज FIR के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है. शिवदासपुरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 108 के तहत मामला दर्ज किया है. जांच सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार को सौंपी गई है.
अब जांच के केंद्र में ये सवाल
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि इंटर्नशिप के दौरान यशस्वी और कंपनी के सीनियर के बीच क्या हुआ था? क्या वाकई वीडियो के जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था? 29 अक्टूबर को परिवार को जानकारी मिलने के बाद क्या कदम उठाए गए और 31 अक्टूबर को परीक्षा के दौरान फोन पर क्या बातचीत हुई? इसके साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को छात्रा की परेशानी की जानकारी थी या नहीं, इसकी भी जांच होगी. इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे.