मोना जाटव हत्याकांड: लिव-इन पार्टनर की हत्या कर बसों में भटक रहा था 'युवराज सिंह', ऐसे हुआ अरेस्ट
जयपुर के पत्रकार कॉलोनी इलाके में मोना जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी युवराज सिंह को भरतपुर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, शक के चलते हत्या की बात सामने आई है. मामले में आगे की पूछताछ जारी है.
जयपुर में पत्रकार कॉलोनी इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान महिला की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी युवराज सिंह उर्फ युवराज उर्फ दीपक को भरतपुर से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि महिला की हत्या करने के बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गया और दिल्ली, आगरा व भरतपुर में बसों में घूमकर पुलिस को चकमा देता रहा. आखिरकार पुलिस ने उसे दिल्ली भागने से पहले दबोच लिया.
मामला जयपुर के रामपुरा स्थित आमोर रेजीडेंसी का है. 19 अक्टूबर को सोसायटी के फ्लैट नंबर 901 में एक महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. जांच में मृतका की पहचान भरतपुर निवासी मोना जाटव के रूप में हुई. मृतका के भाई पारुल सिंह ने युवराज सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया. पुलिस के अनुसार मोना जाटव अपने पति से अनबन के चलते अलग रह रही थी और आरोपी युवराज सिंह के साथ करीब एक साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थी. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर महिला की हत्या करने की बात कबूल की. उसने महिला के किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने के शक को हत्या की वजह बताया है.
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मोबाइल बंद कर हो गया था फरार
वारदात के बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गया था. पुलिस टीम ने आमोर रेजीडेंसी और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. आरोपी की तलाश में टीम रवाना की गई. पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी दिल्ली, कभी आगरा तो कभी भरतपुर में बसों से घूमता रहा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा. तकनीकी सहायता और लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने आरोपी को भरतपुर के बी नारायण गेट से दस्तयाब कर लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी दिल्ली फरार होने की फिराक में था. उसे गिरफ्तार कर अब मामले में आगे की पूछताछ की जा रही है.
दाे बच्चे हैं मोना के
भरतपुर के नगला परशुराम निवासी मृतक मोना के दो बहन और एक भाई है. मोना की शादी 2015 में हुई थी. उसके दो बच्चे हैं. पति से अनबन के चलते वह पति से अलग हो गई थी.
पूरी कार्रवाई डीसीपी जयपुर साउथ राजर्षि राज के निर्देशन में की गई. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित कुमार शर्मा और एसीपी मानसरोवर हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में थाना प्रभारी कविता यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी. आरोपी की गिरफ्तारी में एएसआई रामधन, हेड कांस्टेबल हंसराज और कांस्टेबल उमेश कुमार की विशेष भूमिका रही. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. मामले में हत्या के पीछे बताए जा रहे शक और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है.