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आवारा सांड के हमले में मौत पर कोर्ट सख्त, 6% ब्याज सहित मिलेगा 61.35 लाख हर्जाना

जयपुर में बस का इंतजार कर रहे गिर्राज प्रसाद शर्मा की आवारा सांड के हमले में मौत के मामले में अदालत ने नगर निगम, जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन सचिव को संयुक्त रूप से जिम्मेदार माना है. आश्रितों को 61.35 लाख रुपए 6% ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 23, 2026, 06:40 AM IST | Updated: Oct 23, 2026, 06:43 AM IST
Image Credit: Jaipur stray bull attack
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जयपुर में आवारा सांड के हमले में एक व्यक्ति की मौत के मामले में अदालत ने नगर निगम, जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन सचिव की संयुक्त जिम्मेदारी मानी है. अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-8 महानगर द्वितीय ने तीनों को मृतक के आश्रितों को 61.35 लाख रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं. इस राशि पर अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा. अदालत ने यह फैसला रेखा देवी व अन्य की ओर से घातक दुर्घटना अधिनियम के तहत दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद सुनाया.

बस का इंतजार कर रहे थे गिर्राज प्रसाद
परिवाद के अनुसार, 13 नवंबर 2022 को शाम करीब 6:30 बजे गिर्राज प्रसाद शर्मा रामगढ़ मोड पर बस का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान पीछे से आए एक आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया. हमले के कारण वह उछलकर नीचे गिर गए और उनके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं.

चोट लगने के बाद गिर्राज प्रसाद का इलाज कराया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. इसके बाद मृतक के आश्रितों ने इस मामले में क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया.

नगर निगम, कलेक्टर और सचिव को बनाया पक्षकार
मृतक के आश्रितों ने अपने परिवाद में नगर निगम हेरिटेज, जयपुर जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन सचिव को पक्षकार बनाया था. उनकी ओर से अधिवक्ता सतीश कुमार ने अदालत में पक्ष रखा और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की. मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार किया. अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित होता है कि गिर्राज प्रसाद की मौत सांड के हमले से लगी गंभीर चोटों के कारण हुई थी.

नगर निगम ने उठाए थे ये सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अपने जवाब में मृतक की मौत को आवारा सांड के हमले का नतीजा मानने से इनकार किया. निगम का कहना था कि गिर्राज प्रसाद की मौत किसी वाहन दुर्घटना में हुई थी, न कि आवारा सांड के हमले से. नगर निगम ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं को पकड़ने का ठेका एक निजी फर्म को दिया हुआ है. इसी आधार पर निगम ने अपने खिलाफ दायर क्षतिपूर्ति के दावे को खारिज करने की मांग की थी. हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने मृतक के आश्रितों को मुआवजा देने का आदेश दिया.

61.35 लाख रुपए के साथ देना होगा ब्याज
अदालत ने नगर निगम, जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन सचिव को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए मृतक के आश्रितों को 61.35 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत ब्याज भी अदा करना होगा.

इस फैसले में अदालत ने गिर्राज प्रसाद की मौत और सांड के हमले के बीच संबंध को साक्ष्यों के आधार पर स्वीकार किया. अब आदेश के अनुसार, मृतक के आश्रितों को निर्धारित मुआवजा ब्याज सहित दिया जाना है.

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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