आमेर में मनीष सोनी हत्याकांड, परिजनों को आर्थिक मदद, संविदा नौकरी और डेयरी बूथ पर बनी सहमति
जयपुर के आमेर में टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की चाकूबाजी में मौत के बाद भारी आक्रोश फैल गया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी, सरस डेयरी बूथ और आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
Rajasthan News: जयपुर के आमेर में मनीष सोनी हत्या मामले को लेकर चल रहा धरना परिजनों और प्रशासन के बीच मांगों पर सहमति बनने के बाद खत्म हो गया. प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और एक डेयरी बूथ उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है. हालांकि आर्थिक सहायता की राशि को लेकर अभी असमंजस बना हुआ है.
चुनावी आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासन की ओर से परिवार को लिखित आश्वासन नहीं दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार आचार संहिता के चलते फिलहाल किसी तरह की घोषणा नहीं कर सकती, लेकिन नियमों के तहत मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं स्थानीय व्यापारियों और भामाशाहों की ओर से भी परिवार की आर्थिक मदद की जा रही है. आरोपी के खिलाफ केस ऑफिसर स्कीम के तहत कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है. एसडीएम ने कहा कि परिवार की मांगों और आमजन और भामाशाहों के सहयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की चाकूबाजी में मौत के बाद जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला. मनीष की मौत से बवाल मच गया, परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए. आक्रोशित लोग चाकू मारने वाले आरोपी आजम पर बुलडोजर एक्शन, एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे.
इधर, मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़े लोगों के बीच विवाद होने से साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भी इलाके में अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया. दूसरी ओर पुलिस ने आरोपी आजम और सहयोगी नाजिश को हिरासत में ले लिया.
टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी और आरोपी के बीच कहासुनी
आमेर में सोमवार को पर्यटक को ले जाने की बात पर टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी और जीप चालक आजम और उसके साथी नाजिश के बीच आपसी कहासुनी मारपीट हो गई. इस दौरान जीप चालक आजम ने मनीष के पेट में चाकू घोंप दिया. घायल मनीष को इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया. टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत की खबर जैसे ही आमेर पहुंची, बाजार बंद हो गया.
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मुख्य बाजार में जमा हो गए और धरने पर बैठ गए. पुलिस ने दोनों आरोपियों आजम और नाजिश को हिरासत में लिया. मौत के बाद इलाके में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस जाब्ता आमेर पहुंच गया. पुलिस अफसरों के साथ ही शहर पुलिस और आरएसी के जवान वहां पहुंच गए.
धरने पर बैठी पत्नी और भाई
धरने पर बैठी मृतक मनीष सोनी की पत्नी पूनम और भाई प्रदीप सोनी ने कहा कि मनीष को बेवजह मारा गया है. पहले भी आरोपियों ने धमकी दी थी, इसकी शिकायत करने मनीष थाने भी गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. आरोपियों ने वारदात को अंजाम दे दिया, यदि पुलिस कार्रवाई करती तो मनीष जिंदा होता.
प्रदर्शनकारी परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक सरस डेयरी बूथ आवंटित किया जाए. इसके साथ ही हत्या के आरोपियों के अवैध निर्माणों पर तुरंत बुलडोजर एक्शन हो. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली रोड को पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा.
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
आमेर में चाकूबाजी की घटना ने अब कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है. एक तरफ मृतक के परिवार और स्थानीय लोग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस की कोशिश है कि इस घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा न हो.फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
पुलिस कर रही शांति की अपील
इधर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल ने कहा कि कल कहासुनी में चाकूबाजी में घायल मनीष की आज इलाज के दौरान एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने दोनों आरोपियों को कल ही हिरासत में ले लिया. परिजनों और लोगों की मांगों को उचित स्तर पर भिजवाया गया है.
लोगों से शांति बनाने की अपील की जा रही है. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रशासन की नजर इलाके की स्थिति पर बनी हुई है. आमेर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
मौके पर पहुंचे विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य
विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाइश की बात की, उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है, उसे न्याय मिलना चाहिए. इस दौरान उन्होंने मुआवजे को लेकर कहा कि आचार संहिता लगी है, लेकिन प्रशासन से बात की जा रही है. इस पर लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद उन्होंने अलग जाकर लोगों से बातचीत कर समझाइश की कोशिश की. विधायक का कहना है कि आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस में किसी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
सामने आया कि आरोपी आजम के खिलाफ पहले भी कई मामले हैं. सोशल मीडिया पर उसका वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उसने वारदात का जिक्र किया है.
Report- Vishnu Prakash Sharma