सिंचाई के पानी पर आर-पार की लड़ाई, बेनीवाल बोले- किसानों को न्याय दिलाकर रहेंगे, सहमति नहीं बनी तो दूसरा रास्ता देखेंगे
Hanuman Beniwal: श्रीगंगानगर के घड़साना में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 32वें दिन भी जारी है. रविवार शाम अनूपगढ़ ADM कार्यालय में प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही. आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि वे कानून-व्यवस्था नहीं बिगाड़ना चाहते और सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सहमति नहीं बनने पर दूसरा रास्ता अपनाया जाएगा. किसानों ने सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है.
Gharsana Farmers Protest: श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है. आंदोलन के 32वें दिन भी किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि वे नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़े, लेकिन किसानों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन से बातचीत में समाधान नहीं निकला तो दूसरा रास्ता अपनाया जाएगा.
वार्ता विफल, बेनीवाल ने कही आर-पार की लड़ाई की बात
रविवार शाम 7:15 बजे अनूपगढ़ ADM कार्यालय में प्रशासन और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई. इसमें हनुमानगढ़ सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अरुण सिडाना सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. वार्ता के दौरान बेनीवाल घड़साना क्षेत्र के गांव 12 एमडी स्थित टोल प्लाजा पर किसानों के बीच मौजूद थे. उन्होंने एक किसान के मोबाइल पर हैंड्स-फ्री कॉल के जरिए मुख्य अभियंता से बात की.
बेनीवाल ने पूछा कि यदि विभाग किसानों को पानी दे सकता है तो स्पष्ट रूप से बताए और धरनास्थल पर आकर बातचीत करे. उन्होंने कहा कि किसान अपना हक लेना जानते हैं. हालांकि, वार्ता बेनतीजा रही. इसके बाद किसानों ने आगे की रणनीति तय करने की बात कही.
हाईवे पर किसानों के साथ रात गुजारी
इससे पहले शनिवार रात हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों ने श्रीगंगानगर की ओर कूच किया था. गांव 12 एमडी स्थित टोल नाके पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर काफिले को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए. इसके बाद किसानों ने पतरोड़ा के पास नेशनल हाईवे-911 जाम कर दिया. बेनीवाल ने किसानों के साथ हाईवे पर रात गुजारी. रात करीब 3 बजे SDM दीपक चंदन, ASP नीलम चौधरी और DSP जयप्रकाश बेनीवाल सहित अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बनी. इसके बाद बेनीवाल ने मांगें नहीं माने जाने पर प्रदेशभर में हाईवे जाम करने की चेतावनी दी थी.
मौके पर RAC की 3 कंपनियां, 550 पुलिसकर्मी तैनात
रविवार सुबह से ही 12 एमडी टोल प्लाजा पर किसानों का पहुंचना जारी रहा. प्रशासन ने यहां बैरिकेडिंग कर रखी है. मौके पर RAC की तीन कंपनियों और पुलिस के करीब 550 जवानों की तैनाती की गई है. चक्का जाम के कारण कूपली चौक पर बीकानेर की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है.
10 सितंबर से चल रहा आंदोलन
किसानों ने सिंचाई के पानी सहित चार सूत्री मांगों को लेकर 10 सितंबर को आंदोलन शुरू किया था. 18 सितंबर से घड़साना उपखंड कार्यालय के सामने पड़ाव डाल दिया गया. किसान नेता नरेंद्र मान के अनुसार, आंदोलन 32वें दिन में पहुंच चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक केवल आधी मांगें मानी हैं. किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से बिजाई प्रभावित हो रही है और आगे फसल पकाने के दौरान भी पानी का संकट पैदा हो सकता है. किसानों ने सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है.