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  • /'गैंगस्टर' की जगह 'मंत्री' का नाम: राजस्थान पुलिस की टाइपिंग मिस्टेक पर सियासत, डोटासरा बोले- ये कैसी कानून व्यवस्था ?

'गैंगस्टर' की जगह 'मंत्री' का नाम: राजस्थान पुलिस की टाइपिंग मिस्टेक पर सियासत, डोटासरा बोले- ये कैसी कानून व्यवस्था ?

राजस्थान पुलिस मुख्यालय के पांच पन्नों के आदेश में गैंगस्टर रोहित गोदारा की जगह कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा का नाम लिखने की चूक सामने आई. जिसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले को लेकर बीजेपी सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए.

Reported ByVishnu Prakash Sharma
Published: Oct 23, 2026, 10:29 PM IST|Updated: Oct 23, 2026, 11:04 PM IST
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'गैंगस्टर' की जगह 'मंत्री' का नाम: राजस्थान पुलिस की टाइपिंग मिस्टेक पर सियासत, डोटासरा बोले- ये कैसी कानून व्यवस्था ?
Image Credit: Zee Media

About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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राजस्थान पुलिस मुख्यालय का एक आदेश इन दिनों चर्चा में है. गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर निगरानी रखने के निर्देश जारी करते समय पुलिस मुख्यालय से ऐसी चूक हुई कि कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा की जगह मंत्री "सुमित गोदारा" का नाम लिख दिया गया. पांच पन्नों के इस आदेश में हुई गलती सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय में हलचल मच गई. इसके बाद देर शाम संशोधित आदेश जारी करना पड़ा.

मामला डीजीपी की क्राइम मीटिंग के बाद जारी निर्देशों से जुड़ा है. 14 अक्टूबर को डीजीपी ने प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों और रेंज आईजी के साथ ऑनलाइन क्राइम मीटिंग की थी. बैठक में दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए क्राइम ब्रांच ने 21 अक्टूबर को एडीजी क्राइम के हस्ताक्षर से पांच पन्नों का परिपत्र जारी किया था. यह आदेश प्रदेश के सभी एसपी और रेंज आईजी को भेजा गया.

PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार को घेरा

इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. डोटासरा ने लिखा कि एक तरफ राजस्थान की बेटी रितु बराला न्याय के लिए भटक रही है और तीन दिन सत्याग्रह पर बैठने के बावजूद उसकी एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप है. वहीं दूसरी ओर पुलिस के आदेश में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री का नाम गैंगस्टरों के साथ जोड़ दिया गया.

डोटासरा ने इसे पुलिस मुख्यालय के आदेश में गंभीर चूक बताते हुए सवाल किया कि डीजीपी की क्राइम मीटिंग के बाद जारी निर्देशों में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई. उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.

यह भी पढ़ें- ऐसे लोगों का मुंह काला करके गांव से निकाल देना चाहिए - कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी

लॉरेंस बिश्नोई के साथ गैंगस्टर रोहित गोदारा की जगह लिखा सुमित गोदारा

आदेश में गैंगस्टरों और उनके गिरोह के सदस्यों की सक्रियता पर निगरानी रखने से संबंधित बिंदु में लॉरेंस बिश्नोई के साथ रोहित गोदारा का नाम शामिल किया जाना था, लेकिन आदेश में रोहित गोदारा की जगह सुमित गोदारा लिख दिया गया. सुमित गोदारा राज्य के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं. इस तरह निगरानी से जुड़े आधिकारिक निर्देशों में ही नाम की गंभीर चूक सामने आ गई.

सबसे अहम सवाल यह है कि आदेश तैयार होने से लेकर जारी होने तक यह गलती किसी की नजर में क्यों नहीं आई. सरकारी आदेश आमतौर पर नोटशीट और अधिकारियों की स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरते हैं. इसके बावजूद पांच पन्नों के परिपत्र में नाम की यह त्रुटि अंतिम स्तर तक बनी रही.

सीकर, अजमेर और जोधपुर समेत कई जिलों में गैंग की सक्रियता का जिक्र

आदेश के संबंधित हिस्से में गैंगस्टरों और उनके गिरोह के सदस्यों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए सीकर, अजमेर और जोधपुर सहित प्रभावित जिलों में संभावित वारदातों की आशंका के मद्देनजर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे. ऐसे में गैंगस्टरों के नाम से जुड़ी गलती ने पुलिस मुख्यालय के आदेश की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आदेश, फिर जारी करना पड़ा संशोधित परिपत्र

पांच पन्नों के आदेश में नाम की गलती सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने संशोधित आदेश जारी किया. इस घटनाक्रम ने आधिकारिक दस्तावेजों को जारी करने से पहले उनकी जांच और तथ्यात्मक सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

वहीं दूसरी ओर पुलिस अफसर इसे टाइपिंग एरर बता रहे हैं. पुलिस अफसर का कहना है कि इतनी बड़ी गलती नहीं है, ऐसी मिस्टेक कोई भी कर सकता है. गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए जारी निर्देशों में नाम की ऐसी चूक सामने आना पुलिस मुख्यालय के लिए असहज स्थिति बन गया.

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Rajasthan Politics