रिहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी पर क्यों भड़के गौरव वल्लभ: राहुल-सोनिया गांधी से मांगा जवाब
उदयपुर में बीजेपी नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने रिहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी, जामिया में लिखे नारों और कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से जवाब मांगा तथा भजनलाल सरकार के कामकाज की तारीफ की.
बीजेपी नेता प्रो. गौरव वल्लभ अपने एक दिवसीय प्रवास पर उदयपुर पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बीकानेर हाउस से जुड़ी रिहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए चित्रों को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की.
रिहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी पर उठाए सवाल
गौरव वल्लभ ने दावा किया कि रिहान वाड्रा ने वन्यजीवों के चित्रों की प्रदर्शनी लगाने की अनुमति ली थी, लेकिन वहां देश के युवाओं के प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें लगा दी गईं. उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है, मानो देश के युवाओं को वन्यजीव समझा जा रहा हो. उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि उनके प्रदर्शन में कोई भी शामिल हो सकता है. वल्लभ ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से इस मामले में अपना पक्ष रखने की मांग की.
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जामिया में लिखे नारों पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
प्रो. गौरव वल्लभ ने जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में लिखे गए नारों को लेकर भी विपक्षी दलों की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे पर मौन हैं. उन्होंने विपक्षी दलों से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही.
कांग्रेस के प्रदर्शन और सिख समुदाय को लेकर टिप्पणी
गौरव वल्लभ ने दिल्ली में एक नवंबर को कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम से कांग्रेस का सिख विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया है. उन्होंने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस वहां सिंगल डिजिट में सिमटकर रह जाएगी.
भजनलाल सरकार की तारीफ, गहलोत के कार्यकाल से की तुलना
प्रो. गौरव वल्लभ ने राजस्थान की भजनलाल सरकार की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री के कामकाज का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने करीब 36 महीने के कार्यकाल के हिसाब के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पांच साल के कार्यकाल को चुनौती दी है. उनके बयान में प्रदेश सरकार के कामकाज और पिछले शासन के बीच तुलना देखने को मिली.