किशनगंज-शाहाबाद में BJP को झटका, वरिष्ठ नेता बाबूलाल नागर सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल
बारां के किशनगंज-शाहाबाद में भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल नागर सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने उन्हें सदस्यता दिलाई. नागर के पार्टी छोड़ने से क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है.
बारां के किशनगंज-शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को बड़ा झटका लगा है. भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा के पूर्व डायरेक्टर और वरिष्ठ नेता बाबूलाल नागर ने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया. पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने उन्हें माला पहनाकर और कांग्रेस का दुपट्टा ओढ़ाकर पार्टी में शामिल कराया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला.
प्रमोद जैन भाया ने दिलाई सदस्यता
बाबूलाल नागर के कांग्रेस में शामिल होने के दौरान पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया मौजूद रहे. उन्होंने नागर को माला पहनाई और कांग्रेस का दुपट्टा ओढ़ाकर पार्टी में स्वागत किया. इसके बाद उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई. नागर के साथ सैकड़ों समर्थकों के कांग्रेस में आने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया.
किशनगंज-शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में बाबूलाल नागर को भाजपा का वरिष्ठ नेता माना जाता था. भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पार्टी के पूर्व डायरेक्टर रह चुके नागर का कांग्रेस में शामिल होना क्षेत्र की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.
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भाजपा नेताओं की अनदेखी से नाराजगी की चर्चा
बताया जा रहा है कि बाबूलाल नागर भाजपा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से नाराज थे. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी ओर से इस फैसले को लेकर कोई अलग बयान नहीं दिया गया है.
नागर के पार्टी छोड़ने के बाद किशनगंज-शाहाबाद में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है. उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का कांग्रेस में आना भी इस घटनाक्रम को अहम बना रहा है.
निर्मल मथोडिया के बाद कांग्रेस को एक और मजबूती
इससे पहले धाकड़ समाज के नेता निर्मल मथोडिया भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. अब बाबूलाल नागर के कांग्रेस में आने से पार्टी को क्षेत्र में और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
नागर की राजनीतिक पहचान भाजपा के वरिष्ठ नेता के तौर पर रही है. ऐसे में उनके कांग्रेस में शामिल होने को पार्टी के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. उनके साथ आए समर्थकों की संख्या को देखते हुए क्षेत्र में इस बदलाव को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है.
भाजपा खेमे में हलचल
बाबूलाल नागर के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा खेमे में हलचल मचने की बात कही जा रही है. एक ओर कांग्रेस इसे अपने लिए मजबूती के तौर पर देख रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना किशनगंज-शाहाबाद की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है.
हालांकि, इस घटनाक्रम का क्षेत्र की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. फिलहाल बाबूलाल नागर का सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल होना बारां के किशनगंज-शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र का अहम राजनीतिक घटनाक्रम है.