1 हजार CCTV और 7 जिलों में तलाश: नाथद्वारा चोरी का खुलासा, 56 लाख की चोरी का बड़ा ट्विस्ट
Rajsamand Crime News: राजसमंद के नाथद्वारा में 27 अप्रैल को सूने मकान से करीब 56 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी के मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. पुलिस ने 1000 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर और 7 जिलों में तलाश के बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि मुख्य आरोपी रमेश बागरिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए निर्दोष व्यापारी का नाम बताया. पुलिस की सख्ती के डर से परिवार ने करीब 30 लाख रुपए कीमत का 200 ग्राम सोना थाने में जमा करा दिया. जांच में निर्दोष पाए जाने पर पुलिस ने यह सोना वापस लौटा दिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 28 तोला सोना और 681 ग्राम चांदी बरामद की है.
Rajasthan Crime: राजसमंद जिले के नाथद्वारा से लाखों रुपए के सोने-चांदी की चोरी के मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. नाथद्वारा के सूखाड़िया नगर में 27 अप्रैल 2026 को सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 56 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी हुए थे. इस मामले का खुलासा करने के लिए श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने 1000 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और 7 जिलों में संदिग्धों की तलाश की. पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 28 तोला सोना और 681 ग्राम चांदी बरामद की है.
चोर ने निर्दोष का नाम बताया
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी रमेश बागरिया को शिकंजे में लिया. पूछताछ में रमेश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई नाम बताए. इनमें विजयनगर निवासी नरेश पुत्र राजू मराठा का नाम भी शामिल था. पुलिस की लगातार सख्ती और पूछताछ के बढ़ते दबाव से सहमे नरेश के पिता राजू मराठा ने अपना करीब 20 तोला यानी 200 ग्राम सोना पुलिस थाना श्रीनाथजी मंदिर को लाकर दे दिया. इस सोने की कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई.
जांच में निर्दोष निकला व्यापारी
पुलिस ने जांच पड़ताल की तो नरेश और अंकित सोनी के खिलाफ चोरी का माल खरीदना प्रमाणित नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए राजू मराठा द्वारा जमा कराया गया 200 ग्राम सोना उन्हें वापस लौटा दिया. नरेश मराठा और अंकित सोनी को इस मामले में गिरफ्तार भी नहीं किया गया. सोना वापस मिलने के बाद परिजनों ने राजसमंद एसपी हेमंत कलाल के कार्यालय पहुंचकर उनका धन्यवाद किया और स्वागत किया.
असली खरीदार तक ऐसे पहुंची पुलिस
चोर रमेश बागरिया से आगे की पूछताछ में अरुण कुमार उर्फ बाबू सोनी का नाम सामने आया. पुलिस ने तकनीकी जांच की तो घटना के बाद रमेश और अरुण कुमार के बीच संपर्क होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने अरुण कुमार को डिटेन कर गहन पूछताछ की. पूछताछ में उसने चोरी किए गए सोने के आभूषण खरीदने की बात स्वीकार की. उसकी निशानदेही पर सोने के मूल आभूषण और गलाया हुआ सोना, कुल 20 तोला सोना बरामद किया गया. इसके बाद अरुण कुमार उर्फ बाबू सोनी को गिरफ्तार किया गया.
4 आरोपी गिरफ्तार, 28 तोला सोना बरामद
श्रीनाथजी मंदिर थाना पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके कब्जे से 28 तोला सोना और 681 ग्राम चांदी बरामद की है. पुलिस ने केवल मौखिक बयानों पर भरोसा नहीं किया, बल्कि तकनीकी जांच और साक्ष्यों की तस्दीक के बाद मामले की कड़ियां जोड़ीं. जांच में जिन लोगों के नाम लिए गए थे, उनका चोरी से कोई वास्ता नहीं मिला. मामले की जांच नाथद्वारा पुलिस उप अधीक्षक शिप्रा राजावत, श्रीनाथजी थाना इंचार्ज विक्रम सिंह और पुलिस टीम ने की.