तीन फर्जी जमानत आदेशों से राजस्थान हाईकोर्ट में हड़कंप, साइबर EXPERT की मदद से होगी जांच
राजस्थान हाईकोर्ट में तीन कथित फर्जी जमानत आदेश पेश किए जाने का मामला सामने आया है. कोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाने और साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच करने के निर्देश दिए हैं.
Published: Nov 06, 2026, 11:12 PM IST
| Updated: Nov 06, 2026, 11:13 PM IST
राजस्थान हाईकोर्ट में कथित फर्जी जमानत आदेशों का मामला सामने आने के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. आरोप है कि फर्जी न्यायिक आदेश तैयार कर उनके जरिए आरोपी को जमानत दिलाने की कोशिश की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जोधपुर पुलिस आयुक्त को डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं. जांच में साइबर क्राइम विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी.
न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा ने 5 नवंबर को कलविंद्र सिंह पनेसर की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने संबंधी याचिका पर सुनवाई के बाद ये आदेश दिए. कोर्ट ने जांच टीम को हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं.
निर्धारित समय पर जेल नहीं लौटा था आरोपी
कलविंद्र सिंह पनेसर को पत्नी की सर्जरी के आधार पर 6 मई 2026 को 30 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी. इसके लिए उसे दो लाख रुपए जमा कराने और तय अवधि पूरी होने पर जेल में आत्मसमर्पण करने की शर्त रखी गई थी. हालांकि, जेल प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी 9 जून को निर्धारित समय तक वापस जेल नहीं पहुंचा. इस पर हाईकोर्ट ने उसके जमानत मुचलके निरस्त कर जमानतदारों की राशि जब्त करने के आदेश दिए. साथ ही आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया.
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