'किसी भी पार्टी से बैर नहीं, कोठी तेरी खैर नहीं’ नारे ने गरमाई धौलपुर सियासत, टिकट और जिला प्रमुख लॉटरी पर सवाल
धौलपुर नगर निकाय चुनाव के बाद जिले की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज है. धौलपुर की कांग्रेस विधायक शोभारानी कुशवाहा के पति एवं पूर्व विधायक बीएल कुशवाह ने सार्वजनिक मंच से राजाखेड़ा विधायक पर बिना नाम लिए तीखा जुबानी हमला बोला.
बीएल कुशवाह ने टिकट वितरण, जिला प्रमुख पद की लॉटरी और पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वो किसी पार्टी के बंधुआ मजदूर नहीं हैं. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि वो कथित राजनीतिक षड्यंत्रों को कामयाब नहीं होने देंगे और चारों विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति पर नजर रखेंगे. पूर्व विधायक के इस बयान के बाद जिले में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
जिला प्रमुख की लॉटरी और टिकट वितरण पर उठाए सवाल
बीएल कुशवाह ने बिना नाम लिए एक राजनीतिक नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जिला प्रमुख पद के लिए दोबारा लॉटरी करवाकर अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की सीट निर्धारित करवाई गई. हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि दलित समाज के लोग भी उनके भाई हैं. उनकी नाराजगी की वजह राजनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका और समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे से जुड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमित जनाधार रखने वाले व्यक्ति को चारों विधानसभा क्षेत्रों में टिकट वितरण की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि बड़े सामाजिक जनाधार वाले उनके जैसे नेता से कोई राय नहीं ली जा रही. उन्होंने कहा कि अगर समाज के लोगों के वोट और समर्थन की जरूरत है, तो टिकट वितरण में भी उनकी भागीदारी होनी चाहिए.
मैं पार्टी का बंधुआ मजदूर नहीं, चारों विधानसभा क्षेत्रों में देखूंगा
पूर्व विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि एक ओर उनसे जिले की सभी विधानसभा सीटों पर जाकर पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने को कहा जाता है, वहीं दूसरी ओर टिकट वितरण जैसे फैसलों में उनकी राय नहीं ली जाती. उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकट वितरण और जिला प्रमुख के चयन में मनमर्जी करने के बाद उनसे राजनीतिक समर्थन की अपेक्षा करना सही नहीं है.
बीएल कुशवाह ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सामने प्रस्ताव रखा था कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में कुशवाहा समाज के मतदाताओं की संख्या अधिक है, वहां टिकट बांटने में उन्हें भूमिका दी जाए, ताकि समाज के लोगों को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके. इस मांग पर उन्हें जयपुर बुलाकर केवल अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित रहने की सलाह दी गई. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि वो केवल एक विधानसभा क्षेत्र की राजनीति तक सीमित रहने के लिए नहीं आए हैं।.उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वो धौलपुर जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे. उनके इस बयान को जिले की राजनीति में अपने प्रभाव और सामाजिक जनाधार को लेकर दिए गए स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
समर्थकों के बीच लगाया नारा, सियासी हलकों में चर्चा तेज
पूर्व विधायक ने कहा कि उनके लिए सबसे खास वो कार्यकर्ता हैं, जो लगातार उनके साथ खड़े रहे हैं और राजनीतिक संघर्ष में उनका साथ देते हैं. उन्होंने साफ किया कि जिस पार्टी से उनके समर्थक और कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे, वो उनके समर्थन में प्रचार करेंगे. बीएल कुशवाह ने समर्थकों से नारे भी लगवाए. उन्होंने कहा, ‘किसी भी पार्टी से बैर नहीं, कोठी तेरी खैर नहीं. इसके साथ ही उन्होंने खुद को स्वतंत्र विचारों वाला नेता बताते हुए कहा कि वो समाज के हितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे.
पूर्व विधायक के इस बयान ने धौलपुर जिले में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. खास तौर पर टिकट वितरण, जिला प्रमुख पद की राजनीति और चारों विधानसभा क्षेत्रों में प्रभाव को लेकर दिए गए उनके बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि, बीएल कुशवाह ने अपने पूरे संबोधन में राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके आरोपों और टिप्पणियों को राजनीतिक हलकों में रोहित बोहरा पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है.
रिपोर्टर- भानू शर्मा
ये भी पढ़ें - राजस्थान पंचायत चुनाव: 22 जिलों में 8404 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर, 1 करोड़ से अधिक वोटर तय करेंगे फैसला